अल-हिज्र · 41/99
अनुवाद उच्चारण — अल-हिज्र
قَالَ هَٰذَا صِرَاطٌ عَلَيَّ مُسْتَقِيمٌ ۝٤١
Qaala haaza Siraatun `alaiya Mustaqeem
📖 हिंदी अर्थ
ख़ुदा ने फरमाया कि यही राह सीधी है कि मुझ तक (पहुँचती) है

🎧 सुनें
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • صِرَاطٌ (सिरात): मार्ग, रास्ता।
  • عَلَيَّ (अलय्य): मेरी ओर, मेरी तरफ (यहाँ "إلى" के अर्थ में है)।
  • مُسْتَقِيمٌ (मुस्तक़ीम): सीधा, अटल, सही रास्ता।

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला ने फ़रिश्तों और शैतान के बीच हुए संवाद के सिलसिले में फ़रमाया: "अल्लाह ने कहा: यह (इख़्लास और मेरी इबादत का रास्ता) मेरी ओर पहुँचाने वाला सीधा मार्ग है।" यानी जो बंदा अपने अंदर इख़्लास (ख़ालिस नीयत) पैदा कर ले, अपने अमल को सिर्फ़ अल्लाह के लिए करे और उसकी तौहीद (एकता) पर क़ायम रहे, तो यही वह सीधा रास्ता है जो उसे अल्लाह तक और उसकी जन्नत तक पहुँचाता है। यह रास्ता न तो दाएँ मुड़ता है और न बाएँ, बल्कि सीधा अल्लाह की रज़ा और उसके दीदार तक जाता है।

इस आयत में अल्लाह ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि जो बंदे अपनी इबादत और अमल में ख़ालिस और मुख़्लिस होंगे, शैतान उन पर कोई वश नहीं चला सकता। उसका ज़ोर और उसकी पहुँच सिर्फ़ उन लोगों पर होगी जो उसकी पैरवी करें और अल्लाह की इबादत के बजाय उसकी इताअत (आज्ञा) को चुनें।

फ़ायदे (सीख):

  1. इस आयत से हमें यह सीख मिलती है कि अल्लाह तक पहुँचने का एक ही सीधा रास्ता है — वह है इख़्लास और सच्ची नीयत के साथ अल्लाह की इबादत करना। यही रास्ता हमें जन्नत और अल्लाह की रज़ा तक पहुँचाता है।
  2. यह आयत हमें यक़ीन दिलाती है कि अगर हम सच्चे दिल से अल्लाह की ओर रुजू करें और अपने अमल को ख़ालिस कर लें, तो शैतान हमें गुमराह नहीं कर सकता। उसकी ताक़त सिर्फ़ उन लोगों पर है जो खुद उसकी पैरवी करना चुनते हैं।
  3. यहाँ से हमें यह भी समझ आता है कि अल्लाह का रास्ता सीधा और साफ़ है — उसमें कोई पेचीदगी नहीं। जो उस पर चलता है, वह कभी नहीं भटकता।
  4. यह आयत हमें अल्लाह की महानता और उसकी रहमत की याद दिलाती है कि उसने अपने बंदों के लिए ऐसा साफ़ और सीधा रास्ता बनाया है जो उन्हें उसकी मोहब्बत और उसके क़रीब होने तक पहुँचाता है। यह अल्लाह की तरफ़ से एक बड़ी नेमत है।


📜 आयत 39-43 — अल-हिज्र

39قَالَ رَبِّ بِمَا أَغْوَيْتَنِي لَأُزَيِّنَنَّ لَهُمْ فِي الْأَرْضِ وَلَأُغْوِيَنَّهُمْ أَجْمَعِينَ
उन शैतान ने कहा ऐ मेरे परवरदिगार चूंकि तूने मुझे रास्ते से अलग किया मैं भी उनके लिए दुनिया में (साज़ व सामान को) उम्दा कर दिखाऊँगा और सबको ज़रुर बहकाऊगा
40إِلَّا عِبَادَكَ مِنْهُمُ الْمُخْلَصِينَ
मगर उनमें से तेरे निरे खुरे ख़ास बन्दे (कि वह मेरे बहकाने में न आएँगें)
41قَالَ هَٰذَا صِرَاطٌ عَلَيَّ مُسْتَقِيمٌ
ख़ुदा ने फरमाया कि यही राह सीधी है कि मुझ तक (पहुँचती) है
42إِنَّ عِبَادِي لَيْسَ لَكَ عَلَيْهِمْ سُلْطَانٌ إِلَّا مَنِ اتَّبَعَكَ مِنَ الْغَاوِينَ
जो मेरे मुख़लिस (ख़ास बन्दे) बन्दे हैं उन पर तुझसे किसी तरह की हुकूमत न होगी मगर हाँ गुमराहों में से जो तेरी पैरवी करे (उस पर तेरा वार चल जाएगा)
43وَإِنَّ جَهَنَّمَ لَمَوْعِدُهُمْ أَجْمَعِينَ
और हाँ ये भी याद रहे कि उन सब के वास्ते (आख़िरी) वायदा बस जहन्न ुम है जिसके सात दरवाजे होगे
अल-हिज्रकुरान सूची
99आयत
मक्कीRevelation
41आयत

अनुवाद — अल-हिज्र 41

सूरा अल-हिज्र आयत 41 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ख़ुदा ने फरमाया कि यही राह सीधी है कि मुझ…

सूरा आयत 41/99 — अल-हिज्र الحجر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-हिज्र सुनें, अल-हिज्र अनुवाद, अल-हिज्र mp3, अल-हिज्र pdf. आयत 39–43. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए