अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- عِبَادِي (मेरे बंदे): वे लोग जिन्होंने अल्लाह की इबादत को अपना लक्ष्य बनाया और उसकी आज्ञा का पालन किया।
- سُلْطَان (सुल्तान): अधिकार, शक्ति, वर्चस्व, या नियंत्रण।
- الْغَاوِينَ (ग़ावीन): गुमराह लोग, जो सीधे रास्ते से भटक गए और पथभ्रष्ट हो गए।
विस्तृत व्याख्या:
अल्लाह तआला शैतान को संबोधित करते हुए फ़रमाता है कि मेरे सच्चे और मुख़लिस (शुद्ध नियत वाले) बंदों पर तेरा कोई अधिकार नहीं है। उनके दिल मेरी याद और मेरी इबादत से जुड़े हुए हैं, और मैंने उन्हें तेरे वसवसों (बुरे ख्यालात) से बचाने की ज़िम्मेदारी ली है। तू उन्हें गुमराह नहीं कर सकता, न ही उनके ईमान को खत्म कर सकता है, क्योंकि उन्होंने मेरी राह को अपना लिया है और मेरी हिफ़ाज़त में हैं।
हालाँकि, तेरा अधिकार और तेरी पकड़ केवल उन लोगों पर होगी जो तेरी बात मान लेंगे और तेरे पीछे चल पड़ेंगे। ये वे लोग हैं जो अपनी इच्छाओं और वासनाओं के पीछे भागते हैं, और अल्लाह की याद से दूर होकर गुमराही का रास्ता चुनते हैं। उन्होंने खुद को तेरे हवाले कर दिया है, इसलिए उन पर तेरा नियंत्रण जायज़ है। यह उनकी अपनी पसंद और कर्मों का नतीजा है।
शिक्षाएँ और लाभ:
- ईमानवालों की हिफ़ाज़त: यह आयत मुसलमानों को यक़ीन दिलाती है कि शैतान की कोई ताक़त उन पर तब तक नहीं चल सकती जब तक वे खुद अल्लाह से जुड़े रहें। यह उन्हें साहस और सुकून देती है।
- इबादत की अहमियत: सच्ची इबादत और अल्लाह की याद ही वह ढाल है जो इंसान को शैतान के हमलों से बचाती है। जो लोग अल्लाह के करीब रहते हैं, वे शैतान के लिए अभेद्य किला बन जाते हैं।
- गुमराही की ज़िम्मेदारी: इंसान की गुमराही का कारण खुद उसका अपना कृत्य है। शैतान केवल उन्हीं को बहका सकता है जो उसकी तरफ़ बढ़ते हैं। यह हमें सिखाता है कि हमें अपने कर्मों और चुनावों की ज़िम्मेदारी लेनी चाहिए।
- अल्लाह की रहमत: यह आयत अल्लाह की उस महान रहमत को दर्शाती है जो वह अपने नेक बंदों पर करता है। वह उन्हें शैतान के चंगुल से बचाता है और उन्हें सीधे रास्ते पर चलाता है।
- शैतान से बचने का तरीक़ा: यह हमें सिखाता है कि शैतान से बचने का एकमात्र तरीक़ा अल्लाह की आज्ञा का पालन और उसकी इबादत में दृढ़ता है। जो व्यक्ति जितना अल्लाह के करीब होगा, वह शैतान से उतना ही दूर होगा।
📜 आयत 40-44 — अल-हिज्र
अनुवाद — अल-हिज्र 42
सूरा अल-हिज्र आयत 42 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जो मेरे मुख़लिस (ख़ास बन्दे) बन्दे हैं उन पर तुझसे…सूरा आयत 42/99 — अल-हिज्र الحجر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-हिज्र सुनें, अल-हिज्र अनुवाद, अल-हिज्र mp3, अल-हिज्र pdf. आयत 40–44. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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