Mishary Rashid Alafasy
✓
Mahmoud Khalil Al-Husary
✓
Abdurrahman As-Sudais
✓
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
✓
Abdul Basit Abdul Samad
✓
Ali Al-Hudhaify
✓
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
✓
Abu Bakr Ash-Shaatree
✓
Muhammad Ayyoub
✓
Abdullah Basfar
✓
Abdullah Al-Juhani
✓
Maher Al Muaiqly
✓
अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مَا نُنَزِّلُ الْمَلَائِكَةَ: हम फ़रिश्तों को नाज़िल नहीं करते।
- إِلَّا بِالْحَقِّ: सिवाय सत्य (उचित कारण) के साथ।
- مُنظَرِينَ: जिन्हें मोहलत दी गई हो (अज़ाब में देरी की गई हो)।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उन काफ़िरों के उस कथन का उत्तर है, जिन्होंने मज़ाक़िया अंदाज़ में कहा था कि "यदि तुम सच्चे हो तो हमारे पास फ़रिश्तों को क्यों नहीं लाते?" अल्लाह तआला ने उन्हें जवाब दिया कि हम फ़रिश्तों को केवल हक़ (सत्य) के साथ नाज़िल करते हैं, अर्थात् जब अज़ाब का वक़्त आ जाता है और किसी क़ौम पर अज़ाब का फ़ैसला सुनाया जा चुका होता है, तभी फ़रिश्ते नाज़िल होते हैं। यह उनके लिए रहमत या मोहलत के लिए नहीं होता, बल्कि उनके विनाश और सज़ा के लिए होता है।
जब फ़रिश्ते नाज़िल होंगे, तो उन काफ़िरों को कोई मोहलत नहीं दी जाएगी, बल्कि उन्हें तुरंत पकड़ लिया जाएगा और अज़ाब में डाल दिया जाएगा। यहाँ यह भी संकेत है कि फ़रिश्तों का नाज़िल होना उनके लिए बड़ी भयावह घटना होगी, क्योंकि वे अज़ाब लेकर आते हैं, न कि कोई ख़ुशख़बरी लेकर।
फ़ायदे (उपदेश):
- अल्लाह की सुन्नत (रीति) यह है कि वह अपने बंदों को मोहलत देता है, लेकिन जब अज़ाब का समय आ जाता है, तो कोई देरी या टाल-मटोल नहीं होती। यह हमें सिखाता है कि हमें अल्लाह की पकड़ से डरना चाहिए और उसकी ओर जल्दी लौटना चाहिए।
- फ़रिश्तों का नाज़िल होना केवल अल्लाह के हुक्म से होता है, और वह भी हिकमत (बुद्धिमत्ता) के अनुसार। यह हमें अल्लाह के इल्म और हिकमत पर भरोसा रखना सिखाता है, क्योंकि वही जानता है कि कब और किस पर फ़रिश्ते नाज़िल करने हैं।
- यह आयत हमें यह भी बताती है कि अल्लाह की रहमत और उसका अज़ाब दोनों उसकी हिकमत के अधीन हैं। जो लोग नबी की बात नहीं मानते और निशानियाँ माँगते हैं, उनके लिए अज़ाब ही नसीब होता है, जबकि मोमिनों के लिए रहमत और हिदायत है। इसलिए हमें नबी की सुन्नत पर चलना चाहिए और अल्लाह की निशानियों पर ईमान लाना चाहिए, न कि उनके लिए ज़िद और मज़ाक़ करना चाहिए।
📜 आयत 6-10 — सूरा अल-हिज्र
अनुवाद — अल-हिज्र 8
सूरा अल-हिज्र आयत 8 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (हालॉकि) हम फरिश्तों को खुल्लम खुल्ला (जिस अज़ाब के साथ)…सूरा आयत 8/99 — सूरा अल-हिज्र الحجر (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-हिज्र सुनें, सूरा अल-हिज्र अनुवाद, सूरा अल-हिज्र mp3, सूरा अल-हिज्र pdf. आयत 6–10. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-हिज्र
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


