अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- سُلْطَانُهُ: उसका अधिकार, प्रभाव या नियंत्रण।
- يَتَوَلَّوْنَهُ: उसे (शैतान को) अपना मित्र, संरक्षक और सहायक बनाते हैं, उसकी आज्ञा मानते हैं।
- مُشْرِكُونَ: बहुदेववादी, अल्लाह के साथ दूसरों को साझीदार ठहराने वाले।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत बताती है कि शैतान का प्रभाव और अधिकार केवल उन्हीं लोगों पर होता है जो उसे अपना संरक्षक और मित्र बनाते हैं, उसके बहकावे में आकर उसकी आज्ञा का पालन करते हैं। ऐसे लोग उसकी पैरवी करते हैं और उसके इशारों पर चलते हैं। इसके अलावा, शैतान का नियंत्रण उन लोगों पर भी होता है जो उसके बहकावे में आकर अल्लाह के साथ शिर्क करते हैं—अर्थात् अल्लाह के साथ किसी और की पूजा या उपासना करते हैं, या उसके गुणों में किसी और को साझीदार ठहराते हैं।
दूसरी ओर, यह आयत स्पष्ट करती है कि जो लोग अल्लाह पर सच्चा ईमान रखते हैं, उसकी रस्सी को मजबूती से थामते हैं और केवल उसी पर भरोसा करते हैं, उन पर शैतान का कोई अधिकार नहीं चलता। वह उन्हें बहका नहीं सकता, न ही उनके दिलों में बुरे ख्याल डाल सकता है, क्योंकि उनका सहारा अल्लाह है और अल्लाह उनकी रक्षा करता है।
फ़ायदे (शिक्षाएँ):
- ईमान की ताकत: यह आयत मुसलमानों को यह विश्वास दिलाती है कि शैतान की कोई वास्तविक ताकत नहीं है। उसका असर केवल उन पर होता है जो खुद उसके पीछे चलने का फैसला करते हैं। अगर हम अल्लाह पर भरोसा रखें, तो शैतान हमें नुकसान नहीं पहुँचा सकता।
- सच्ची मित्रता: यह हमें सिखाती है कि हमें अपने मित्र और सहायक केवल अल्लाह और उसके नेक बंदों को बनाना चाहिए। शैतान को मित्र बनाना—चाहे वह किसी भी रूप में हो—हमारे लिए विनाश का कारण बनता है।
- शिर्क से बचाव: यह आयत शिर्क की गंभीरता को उजागर करती है। शिर्क वह कृत्य है जो इंसान को शैतान के नियंत्रण में ला देता है। इसलिए हमें अपने अकेले अल्लाह की इबादत करनी चाहिए और उसके साथ किसी को साझीदार नहीं बनाना चाहिए।
- आत्मविश्वास और सुरक्षा: यह आयत मुसलमानों को यह आश्वासन देती है कि जो लोग अल्लाह पर भरोसा करते हैं, वे शैतान के हमलों से सुरक्षित हैं। यह उन्हें आत्मविश्वास देता है कि वे बुराई और गुमराही से बचे रहेंगे, बशर्ते वे अल्लाह की आज्ञाओं का पालन करें।
📜 आयत 98-102 — अन-नहल
अनुवाद — अन-नहल 100
सूरा अन-नहल आयत 100 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : उसका क़ाबू चलता है तो बस उन्हीं लोगों पर जो…सूरा आयत 100/128 — अन-नहल النحل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नहल सुनें, अन-नहल अनुवाद, अन-नहल mp3, अन-नहल pdf. आयत 98–102. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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