अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- سُلْطَانٌ: अधिकार, प्रभुत्व, नियंत्रण या ताकत।
- يَتَوَكَّلُونَ: वे भरोसा करते हैं, अपने सारे मामलों में अल्लाह पर निर्भर रहते हैं।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत शैतान की सीमाओं और उसकी कमज़ोरी को स्पष्ट करती है। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि शैतान का उन लोगों पर कोई अधिकार या नियंत्रण नहीं है जो सच्चे दिल से अल्लाह और उसके रसूल पर ईमान लाए हैं। उनका विश्वास इतना मज़बूत होता है कि वे अपने जीवन के हर मामले में अकेले अल्लाह पर भरोसा करते हैं, उसी की ओर रुजू करते हैं और उसी से मदद माँगते हैं। ऐसे लोग शैतान के बहकावे, वसवसों और धोखों से महफूज़ रहते हैं, क्योंकि उनका दिल अल्लाह की याद से जुड़ा होता है और वे उसकी पनाह में होते हैं। शैतान की पहुँच केवल उन लोगों तक होती है जो उसे अपना साथी बनाते हैं, उसकी बात मानते हैं और उसके कहने पर चलते हैं। ये लोग अपनी इस आज्ञाकारिता की वजह से अल्लाह के साथ शिर्क करने वाले बन जाते हैं, क्योंकि वे शैतान की इबादत (आज्ञा पालन) को अल्लाह की इबादत पर तरजीह देते हैं। जो लोग अल्लाह पर भरोसा करते हैं, वे शैतान के वसवसों को क़बूल नहीं करते, न उसके हुक्म मानते हैं, और अल्लाह से पनाह माँगने के कारण शैतान उन पर कोई असर नहीं डाल पाता।
फ़ायदे (सबक़):
- ईमान की ताक़त: यह आयत हमें बताती है कि सच्चा ईमान और अल्लाह पर भरोसा इंसान को शैतान के हर हमले से बचाने की ताक़त रखता है। जितना ईमान मज़बूत होगा, शैतान का असर उतना ही कम होगा।
- तवक्कुल की अहमियत: अल्लाह पर भरोसा (तवक्कुल) हर मुसीबत और हर बुराई से बचने का सबसे बड़ा ज़रिया है। जब इंसान अपने मामले अल्लाह को सौंप देता है, तो अल्लाह उसकी हिफ़ाज़त करता है।
- शैतान की कमज़ोरी: शैतान ताकतवर नहीं है, बल्कि वह केवल उन्हीं पर असर डाल सकता है जो खुद उसकी तरफ़ झुकते हैं। यह जानकर हमें उससे डरना नहीं चाहिए, बल्कि अल्लाह की पनाह माँगनी चाहिए।
- शिर्क से बचाव: यह आयत हमें शिर्क और शैतान की आज्ञा मानने से बचाती है, क्योंकि शैतान की पैरवी इंसान को शिर्क तक ले जाती है। सच्चा मोमिन हमेशा अल्लाह की इबादत और उसकी रज़ा को पेशे-नज़र रखता है।
- उम्मीद और खुशी: इस आयत से मोमिन को खुशी और उम्मीद मिलती है कि अगर वह अल्लाह पर भरोसा करे, तो शैतान की सारी साज़िशें नाकाम हो जाएँगी और वह अल्लाह की हिफ़ाज़त में महफूज़ रहेगा।
📜 आयत 97-101 — अन-नहल
अनुवाद — अन-नहल 99
सूरा अन-नहल आयत 99 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : इसमें शक नहीं कि जो लोग ईमानदार हैं और अपने…सूरा आयत 99/128 — अन-नहल النحل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नहल सुनें, अन-नहल अनुवाद, अन-नहल mp3, अन-नहल pdf. आयत 97–101. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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