अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يَخَافُونَ (वे डरते हैं) — भय रखते हैं, डरते हैं।
- مِن فَوْقِهِمْ (उनके ऊपर से) — अर्थात उनका रब उनके ऊपर है, अपनी ज़ात, क़ुदरत और सत्ता में सर्वोपरि है।
- يَفْعَلُونَ مَا يُؤْمَرُونَ (वे वही करते हैं जो उन्हें आदेश दिया जाता है) — पूर्ण आज्ञाकारिता, बिना किसी प्रश्न या विरोध के।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत फ़रिश्तों के गुणों का वर्णन कर रही है। फ़रिश्ते अल्लाह की इबादत में लगे रहते हैं, लेकिन साथ ही वे अपने रब से डरते भी हैं। वे जानते हैं कि उनका रब उनके ऊपर है — अपनी ज़ात, अपनी ताक़त और अपने अधिकार में। उसकी पकड़ से कोई चीज़ बाहर नहीं, कोई उस पर हावी नहीं हो सकता, और कोई उसके आदेश को टाल नहीं सकता। यह भय उन्हें नम्र और आज्ञाकारी बनाए रखता है।
इसके बाद अल्लाह बताता है कि फ़रिश्ते सिर्फ़ डरते ही नहीं, बल्कि वे हर उस आदेश को बिना किसी हिचकिचाहट के पूरा करते हैं जो उन्हें दिया जाता है। उनकी आज्ञाकारिता में कोई कमी नहीं, कोई देरी नहीं, और कोई सवाल नहीं। वे पूरी तरह से अल्लाह के प्रति समर्पित हैं।
इस आयत में अल्लाह की उच्चता (फ़ौक़ियत) का गुण साबित होता है — वह अपने सभी प्राणियों से ऊपर है, जैसा कि उसकी शान के लायक़ है। यह ऊपर होना उसकी ज़ात, उसकी क़ुदरत और उसके अधिकार के साथ है, न कि किसी दिशा या स्थान के अर्थ में जैसा कि मख़लूक़ के लिए होता है।
फ़ायदे (सीख):
- अल्लाह का डर — फ़रिश्ते जैसे पाक और नेक प्राणी भी अल्लाह से डरते हैं, तो हम इंसानों को कितना ज़्यादा उसका डर रखना चाहिए। यह डर हमें गुनाहों से रोकता है और नेकी की तरफ़ ले जाता है।
- अल्लाह की अज़मत — यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह हर चीज़ से ऊपर है, उसकी ताक़त और सत्ता असीमित है। इस एहसास से इंसान के दिल में अल्लाह की बुज़ुर्गी और प्यार बढ़ता है।
- आज्ञाकारिता का महत्व — फ़रिश्तों की तरह हमें भी अल्लाह के हुक्मों को बिना किसी शिकायत और देरी के पूरा करना चाहिए। यही सच्ची इबादत है।
- इस्लाम की खूबसूरती — इस्लाम सिखाता है कि डर और मोहब्बत दोनों मिलकर इंसान को बेहतर बनाते हैं। डर अल्लाह की पकड़ से बचाता है, और मोहब्बत उसकी रहमत की तरफ़ ले जाती है। यही संतुलन इंसान को कामयाबी की राह दिखाता है।
📜 आयत 48-52 — अन-नहल
अनुवाद — अन-नहल 50
सूरा अन-नहल आयत 50 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और अपने परवरदिगार से जो उनसे (कहीं) बरतर (बड़ा) व…सूरा आयत 50/128 — अन-नहल النحل (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अन-नहल सुनें, अन-नहल अनुवाद, अन-नहल mp3, अन-नहल pdf. आयत 48–52. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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