Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- مَذْمُومًا: निन्दित, बुराई के साथ याद किया जाने वाला।
- مَخْذُولًا: अपमानित, जिसे छोड़ दिया गया हो और कोई सहायक न हो।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ इंसान! अल्लाह के साथ किसी और को पूजा का भागीदार मत बना। यह आदेश सीधा और स्पष्ट है—अल्लाह के साथ किसी दूसरे को माबूद (पूज्य) न ठहराओ, न किसी मूर्ति को, न किसी इंसान को, न किसी देवता को। जो कोई ऐसा करेगा, उसका अंजाम यह होगा कि वह अल्लाह की दृष्टि में निन्दित होगा—उसकी कोई प्रशंसा नहीं की जाएगी, बल्कि उसे बुराई के साथ याद किया जाएगा। साथ ही, वह अल्लाह की ओर से अपमानित और त्यागा हुआ होगा, कोई उसकी मदद करने वाला नहीं होगा, न दुनिया में न आख़िरत में। यहाँ "बैठना" (فَتَقْعُدَ) का अर्थ है—तुम ऐसी हालत में रहोगे कि तुम्हारे पास कोई सहारा न होगा, तुम अकेले और बेबस हो जाओगे। यह एक ऐसी चेतावनी है जो इंसान को शिर्क (अल्लाह के साथ साझीदार बनाने) के विनाशकारी परिणाम से सचेत करती है।
फ़ायदे (उपदेश):
- यह आयत तौहीद (एकेश्वरवाद) की सबसे बड़ी शिक्षा देती है—अल्लाह की इबादत में किसी को शामिल करना सबसे बड़ा अन्याय है, क्योंकि यह अल्लाह के अधिकार का उल्लंघन है।
- शिर्क इंसान को दुनिया में भी बेइज़्ज़ती और अपमान में डालता है, और आख़िरत में भी उसे कोई मददगार नहीं मिलेगा। यह जीवन की हर समस्या में इंसान को अकेला छोड़ देता है।
- इस आयत से हमें यह सीख मिलती है कि सच्ची इज़्ज़त और सहारा केवल अल्लाह से जुड़ने में है। जो अल्लाह से जुड़ा, वह कभी निराश नहीं होता; और जो उससे कटा, वह हर तरफ से बेसहारा रहता है।
- यह आयत मुसलमानों को यह भी बताती है कि अपने जीवन के हर पहलू—चाहे वह इबादत हो, व्यवहार हो, या इरादे—को अल्लाह के लिए शुद्ध रखें, ताकि हम उन लोगों में से न हों जो निन्दित और अपमानित हों।
📜 आयत 20-24 — सूरा अल-इसरा
अनुवाद — अल-इसरा 22
सूरा अल-इसरा आयत 22 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और देखो कहीं ख़ुदा के साथ दूसरे को (उसका) शरीक…सूरा आयत 22/111 — सूरा अल-इसरा الإسراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-इसरा सुनें, सूरा अल-इसरा अनुवाद, सूरा अल-इसरा mp3, सूरा अल-इसरा pdf. आयत 20–24. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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