अल-इसरा · 6/111
अनुवाद उच्चारण — अल-इसरा
ثُمَّ رَدَدْنَا لَكُمُ الْكَرَّةَ عَلَيْهِمْ وَأَمْدَدْنَاكُم بِأَمْوَالٍ وَبَنِينَ وَجَعَلْنَاكُمْ أَكْثَرَ نَفِيرًا ۝٦
Summa radadnaa lakumul karrata `alaihim wa amdad-naakum-bi amwaalinuw wa baneen; wa ja`alnaakum aksara nafeeraa
📖 हिंदी अर्थ
फिर हमने तुमको दोबारा उन पर ग़लबा देकर तुम्हारे दिन फेरे और माल से और बेटों से तुम्हारी मदद की और तुमको बड़े जत्थे वाला बना दिया

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • الْكَرَّةَ: दोबारा पलटाव, वापसी, यानी फिर से प्रभुत्व और विजय।
  • نَفِيرًا: वे लोग जो किसी के साथ युद्ध या सहायता के लिए निकलते हैं; यहाँ अर्थ है संख्या में अधिकता और शक्ति में वृद्धि।

विस्तृत व्याख्या:

हे बनी इसराइल! जब तुमने अपने कुकर्मों से तौबा की और अल्लाह की ओर लौटे, तो अल्लाह ने तुम्हें फिर से वह शक्ति और प्रभुत्व प्रदान किया जो पहले तुम्हारे शत्रुओं को दी गई थी। उसने तुम्हें उन पर फिर से विजय दिलाई, जिन्होंने पहले तुम्हें अपने अधीन कर लिया था और तुम्हारी बस्तियों को तबाह कर दिया था। साथ ही, अल्लाह ने तुम्हें धन-दौलत से भी नवाज़ा, जो पहले लूट ली गई थी, और संतान भी प्रदान की, जो पहले बंदी बना ली गई थी। तुम्हें संख्या में भी अपने शत्रुओं से अधिक कर दिया, ताकि तुम शक्ति और जनसंख्या दोनों में बढ़कर अपनी स्थिति मज़बूत कर सको। यह सब तुम्हारे अच्छे कर्मों और अल्लाह के सामने विनम्रता के कारण हुआ, क्योंकि जब तुमने सुधार किया, तो अल्लाह ने तुम्हारी स्थिति बदल दी।

महत्वपूर्ण शिक्षाएँ और लाभ:

  1. अल्लाह की यह सुन्नत (रीति) है कि जब बंदे उसकी ओर सच्चे दिल से लौटते हैं और अपने कर्मों में सुधार करते हैं, तो वह उनकी बिगड़ी हुई स्थिति को बदलकर उन्हें सम्मान और विजय प्रदान करता है।
  2. तौबा और इस्तिग़फ़ार (क्षमा की प्रार्थना) न केवल आख़िरत में नजात का ज़रिया है, बल्कि दुनिया में भी अल्लाह की मदद और रिज़्क़ में बरकत का कारण बनती है।
  3. अल्लाह ही सच्चा मालिक है; वह जिसे चाहे उठाए और जिसे चाहे गिराए। इसलिए इंसान को अपनी ताकत और संख्या पर घमंड नहीं करना चाहिए, बल्कि अल्लाह के सामने विनम्र रहना चाहिए।
  4. यह आयत मुसलमानों को आशा देती है कि चाहे कितनी भी कठिन परिस्थितियाँ हों, यदि वे ईमान और अच्छे कर्मों पर कायम रहें, तो अल्लाह उन्हें ज़रूर कामयाबी देगा।
  5. यह भी सबक है कि अल्लाह की नेमतों (धन, संतान, शक्ति) का सही उपयोग करना चाहिए और उन्हें अपने घमंड का ज़रिया नहीं बनाना चाहिए, क्योंकि ये सब अल्लाह की ओर से एक परीक्षा हैं।


📜 आयत 4-8 — अल-इसरा

4وَقَضَيْنَا إِلَىٰ بَنِي إِسْرَائِيلَ فِي الْكِتَابِ لَتُفْسِدُنَّ فِي الْأَرْضِ مَرَّتَيْنِ وَلَتَعْلُنَّ عُلُوًّا كَبِيرًا
और हमने बनी इसराईल से इसी किताब (तौरैत) में साफ साफ बयान कर दिया था कि तुम लोग रुए ज़मीन पर दो मरतबा ज़रुर फसाद फैलाओगे और बड़ी सरकशी करोगे
5فَإِذَا جَاءَ وَعْدُ أُولَاهُمَا بَعَثْنَا عَلَيْكُمْ عِبَادًا لَّنَا أُولِي بَأْسٍ شَدِيدٍ فَجَاسُوا خِلَالَ الدِّيَارِ ۚ وَكَانَ وَعْدًا مَّفْعُولًا
फिर जब उन दो फसादों में पहले का वक्त अा पहुँचा तो हमने तुम पर कुछ अपने बन्दों (नजतुलनस्र) और उसकी फौज को मुसल्लत (ग़ालिब) कर दिया जो बड़े सख्त लड़ने वाले थे तो वह लोग तुम्हारे घरों के अन्दर घुसे (और खूब क़त्ल व ग़ारत किया) और ख़ुदा के अज़ाब का वायदा जो पूरा होकर रहा
6ثُمَّ رَدَدْنَا لَكُمُ الْكَرَّةَ عَلَيْهِمْ وَأَمْدَدْنَاكُم بِأَمْوَالٍ وَبَنِينَ وَجَعَلْنَاكُمْ أَكْثَرَ نَفِيرًا
फिर हमने तुमको दोबारा उन पर ग़लबा देकर तुम्हारे दिन फेरे और माल से और बेटों से तुम्हारी मदद की और तुमको बड़े जत्थे वाला बना दिया
7إِنْ أَحْسَنتُمْ أَحْسَنتُمْ لِأَنفُسِكُمْ ۖ وَإِنْ أَسَأْتُمْ فَلَهَا ۚ فَإِذَا جَاءَ وَعْدُ الْآخِرَةِ لِيَسُوءُوا وُجُوهَكُمْ وَلِيَدْخُلُوا الْمَسْجِدَ كَمَا دَخَلُوهُ أَوَّلَ مَرَّةٍ وَلِيُتَبِّرُوا مَا عَلَوْا تَتْبِيرًا
अगर तुम अच्छे काम करोगे तो अपने फायदे के लिए अच्छे काम करोगे और अगर तुम बुरे काम करोगे तो (भी) अपने ही लिए फिर जब दूसरे वक्त क़ा वायदा आ पहुँचा तो (हमने तैतूस रोगी को तुम पर मुसल्लत किया) ताकि वह लोग (मारते मारते) तुम्हारे चेहरे बिगाड़ दें (कि पहचाने न जाओ) और जिस तरह पहली दफा मस्जिद बैतुल मुक़द्दस में घुस गये थे उसी तरह फिर घुस पड़ें और जिस चीज़ पर क़ाबू पाए खूब अच्छी तरह बरबाद कर दी
8عَسَىٰ رَبُّكُمْ أَن يَرْحَمَكُمْ ۚ وَإِنْ عُدتُّمْ عُدْنَا ۘ وَجَعَلْنَا جَهَنَّمَ لِلْكَافِرِينَ حَصِيرًا
(अब भी अगर तुम चैन से रहो तो) उम्मीद है कि तुम्हारा परवरदिगार तुम पर तरस खाए और अगर (कहीं) वही शरारत करोगे तो हम भी फिर पकड़ेंगे और हमने तो काफिरों के लिए जहन्नुम को क़ैद खाना बना ही रखा है
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अनुवाद — अल-इसरा 6

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Tuesday, August 18, 2026

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