Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الْكَرَّةَ: दोबारा पलटाव, वापसी, यानी फिर से प्रभुत्व और विजय।
- نَفِيرًا: वे लोग जो किसी के साथ युद्ध या सहायता के लिए निकलते हैं; यहाँ अर्थ है संख्या में अधिकता और शक्ति में वृद्धि।
विस्तृत व्याख्या:
हे बनी इसराइल! जब तुमने अपने कुकर्मों से तौबा की और अल्लाह की ओर लौटे, तो अल्लाह ने तुम्हें फिर से वह शक्ति और प्रभुत्व प्रदान किया जो पहले तुम्हारे शत्रुओं को दी गई थी। उसने तुम्हें उन पर फिर से विजय दिलाई, जिन्होंने पहले तुम्हें अपने अधीन कर लिया था और तुम्हारी बस्तियों को तबाह कर दिया था। साथ ही, अल्लाह ने तुम्हें धन-दौलत से भी नवाज़ा, जो पहले लूट ली गई थी, और संतान भी प्रदान की, जो पहले बंदी बना ली गई थी। तुम्हें संख्या में भी अपने शत्रुओं से अधिक कर दिया, ताकि तुम शक्ति और जनसंख्या दोनों में बढ़कर अपनी स्थिति मज़बूत कर सको। यह सब तुम्हारे अच्छे कर्मों और अल्लाह के सामने विनम्रता के कारण हुआ, क्योंकि जब तुमने सुधार किया, तो अल्लाह ने तुम्हारी स्थिति बदल दी।
महत्वपूर्ण शिक्षाएँ और लाभ:
- अल्लाह की यह सुन्नत (रीति) है कि जब बंदे उसकी ओर सच्चे दिल से लौटते हैं और अपने कर्मों में सुधार करते हैं, तो वह उनकी बिगड़ी हुई स्थिति को बदलकर उन्हें सम्मान और विजय प्रदान करता है।
- तौबा और इस्तिग़फ़ार (क्षमा की प्रार्थना) न केवल आख़िरत में नजात का ज़रिया है, बल्कि दुनिया में भी अल्लाह की मदद और रिज़्क़ में बरकत का कारण बनती है।
- अल्लाह ही सच्चा मालिक है; वह जिसे चाहे उठाए और जिसे चाहे गिराए। इसलिए इंसान को अपनी ताकत और संख्या पर घमंड नहीं करना चाहिए, बल्कि अल्लाह के सामने विनम्र रहना चाहिए।
- यह आयत मुसलमानों को आशा देती है कि चाहे कितनी भी कठिन परिस्थितियाँ हों, यदि वे ईमान और अच्छे कर्मों पर कायम रहें, तो अल्लाह उन्हें ज़रूर कामयाबी देगा।
- यह भी सबक है कि अल्लाह की नेमतों (धन, संतान, शक्ति) का सही उपयोग करना चाहिए और उन्हें अपने घमंड का ज़रिया नहीं बनाना चाहिए, क्योंकि ये सब अल्लाह की ओर से एक परीक्षा हैं।
📜 आयत 4-8 — सूरा अल-इसरा
अनुवाद — अल-इसरा 6
सूरा अल-इसरा आयत 6 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर हमने तुमको दोबारा उन पर ग़लबा देकर तुम्हारे दिन…सूरा आयत 6/111 — सूरा अल-इसरा الإسراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-इसरा सुनें, सूरा अल-इसरा अनुवाद, सूरा अल-इसरा mp3, सूरा अल-इसरा pdf. आयत 4–8. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
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