अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- ضِعْفَ الْحَيَاةِ: जीवन (दुनिया) का दोगुना (अर्थात् दुनिया में दोगुना अज़ाब)।
- ضِعْفَ الْمَمَاتِ: मृत्यु (आख़िरत) का दोगुना (अर्थात् आख़िरत में दोगुना अज़ाब)।
- نَصِيرًا: मददगार, सहायक, बचाने वाला।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! अगर आप उन मुशरिकों की बातों की ओर ज़रा सा भी झुकाव करते, जो वे आपसे माँग रहे थे (जैसे कि कुछ समझौते या रियायतें), तो हम आपको दुनिया की ज़िंदगी में भी दोगुना अज़ाब चखाते और मरने के बाद (आख़िरत में) भी दोगुना अज़ाब देते। यह इसलिए कि अल्लाह ने आपको बहुत बड़ी नेमत (रिसालत, इल्म और हिदायत) अता की थी, और आपकी मारिफ़त (पहचान) पूरी थी, इसलिए आपसे इससे बड़ी सख़्ती का तक़ाज़ा था। फिर आपको अल्लाह की पकड़ से बचाने वाला कोई मददगार और सहायक न मिलता, न दुनिया में और न आख़िरत में। यह बात दिखाती है कि अल्लाह के नबी की हिफ़ाज़त और उनका मक़ाम कितना बुलंद है, और साथ ही यह भी कि हक़ से ज़रा सा भी हटना कितना बड़ा ख़तरा है।
दावती पहलू (प्रेरणादायक संदेश):
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह के दीन में साबित क़दम रहना कितनी बड़ी नेमत है। अल्लाह अपने नबी को भी हक़ से हटने से रोकता है, तो हमें और कितना सावधान रहना चाहिए कि हम अपने ईमान और अमल में किसी भी तरह की ढील न करें। यह भी याद दिलाती है कि अल्लाह की पकड़ से बचाने वाला कोई नहीं, इसलिए हमेशा उसी की राह पर चलें और उसी से मदद माँगें। यह आयत हमें इस बात की ख़ुशख़बरी देती है कि जो अल्लाह की राह पर साबित रहता है, अल्लाह उसे अपनी ख़ास हिफ़ाज़त में रखता है और उसे कामयाबी देता है।
📜 आयत 73-77 — अल-इसरा
अनुवाद — अल-इसरा 75
सूरा अल-इसरा आयत 75 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (अगर तुम ऐसा करते तो) उस वक्त हम तुमको…सूरा आयत 75/111 — अल-इसरा الإسراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-इसरा सुनें, अल-इसरा अनुवाद, अल-इसरा mp3, अल-इसरा pdf. आयत 73–77. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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