अल-कहफ · 3/110
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-कहफ
مَّاكِثِينَ فِيهِ أَبَدًا ۝٣
Maakiseena feehi abadaa
📖 हिंदी अर्थ
जिसमें वह हमेशा (बाइत्मेनान) तमाम रहेगें

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • مَّاكِثِينَ: रहने वाले, ठहरने वाले
  • فِيهِ: उसमें (यानी जन्नत में)
  • أَبَدًا: हमेशा के लिए, कभी समाप्त न होने वाले समय तक

तफ़सीर (व्याख्या):

यह आयत उन मोमिनों के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी है जो अल्लाह पर ईमान लाते हैं और नेक अमल करते हैं। अल्लाह तआला ने अपने इस पवित्र किताब को सीधा और सच्चा बनाया है, जिसमें कोई टेढ़ापन नहीं, कोई विरोधाभास नहीं। यह किताब काफिरों को सख्त अज़ाब से डराती है और मोमिनों को उस महान इनाम की खुशखबरी देती है जो उनके लिए तैयार किया गया है।

जो लोग अल्लाह और उसके रसूल पर ईमान लाते हैं और अच्छे कर्म करते हैं, उनके लिए जन्नत है — वह अनंत नेमतों का घर। और इस आयत में सबसे खूबसूरत बात यह है कि वे उसमें हमेशा रहेंगे। यह "हमेशा" कोई सीमित समय नहीं है, बल्कि एक ऐसा अनंत काल है जिसका कोई अंत नहीं। न वहाँ से उन्हें निकाला जाएगा, न वह नेमतें खत्म होंगी, न वह सुख-शांति कभी समाप्त होगी।

सोचिए! इस दुनिया की हर खुशी, हर सुख, हर आनंद — सब अस्थायी है। आज है, कल नहीं। लेकिन जन्नत का सुख ऐसा है जो कभी खत्म नहीं होगा। यही तो सच्ची कामयाबी है! यही वह चीज़ है जिसके लिए हमें अपनी पूरी ज़िंदगी लगा देनी चाहिए।

अल्लाह तआला ने अपने बंदों पर कितना बड़ा एहसान किया है कि उन्होंने हमें इस किताब के ज़रिए रास्ता दिखाया और उस रास्ते पर चलने वालों के लिए ऐसा इनाम तैयार किया जिसकी कोई अंत नहीं। तो आओ, हम सब इस सीधे रास्ते पर चलें, ईमान को मज़बूत करें, नेक अमल करें, और उस अनंत सुख की ओर बढ़ें जो अल्लाह ने अपने प्यारे बंदों के लिए रखा है। यही असली सफलता है, और यही हमारी ज़िंदगी का असली मक़सद होना चाहिए।



📜 आयत 1-5 — सूरा अल-कहफ

1الْحَمْدُ لِلَّهِ الَّذِي أَنزَلَ عَلَىٰ عَبْدِهِ الْكِتَابَ وَلَمْ يَجْعَل لَّهُ عِوَجًا ۜ
हर तरह की तारीफ ख़ुदा ही को (सज़ावार) है जिसने अपने बन्दे (मोहम्मद) पर किताब (क़ुरान) नाज़िल की और उसमें किसी तरह की कज़ी (ख़राबी) न रखी
2قَيِّمًا لِّيُنذِرَ بَأْسًا شَدِيدًا مِّن لَّدُنْهُ وَيُبَشِّرَ الْمُؤْمِنِينَ الَّذِينَ يَعْمَلُونَ الصَّالِحَاتِ أَنَّ لَهُمْ أَجْرًا حَسَنًا
बल्कि हर तरह से सधा ताकि जो सख्त अज़ाब ख़ुदा की बारगाह से काफिरों पर नाज़िल होने वाला है उससे लोगों को डराए और जिन मोमिनीन ने अच्छे अच्छे काम किए हैं उनको इस बात की खुशख़बरी दे की उनके लिए बहुत अच्छा अज्र (व सवाब) मौजूद है
3مَّاكِثِينَ فِيهِ أَبَدًا
जिसमें वह हमेशा (बाइत्मेनान) तमाम रहेगें
4وَيُنذِرَ الَّذِينَ قَالُوا اتَّخَذَ اللَّهُ وَلَدًا
और जो लोग इसके क़ाएल हैं कि ख़ुदा औलाद रखता है उनको (अज़ाब से) डराओ
5مَّا لَهُم بِهِ مِنْ عِلْمٍ وَلَا لِآبَائِهِمْ ۚ كَبُرَتْ كَلِمَةً تَخْرُجُ مِنْ أَفْوَاهِهِمْ ۚ إِن يَقُولُونَ إِلَّا كَذِبًا
न तो उन्हीं को उसकी कुछ खबर है और न उनके बाप दादाओं ही को थी (ये) बड़ी सख्त बात है जो उनके मुँह से निकलती है ये लोग झूठ मूठ के सिवा (कुछ और) बोलते ही नहीं
अल-कहफकुरान सूची
110आयत
मक्कीअवतरण स्थान
3आयत

अनुवाद — अल-कहफ 3

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सूरा आयत 3/110 — सूरा अल-कहफ الكهف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-कहफ सुनें, सूरा अल-कहफ अनुवाद, सूरा अल-कहफ mp3, सूरा अल-कहफ pdf. आयत 1–5. हिंदी अर्थ: اردو.





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Monday, September 28, 2026

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