अल-कहफ · 32/110
अनुवाद उच्चारण — अल-कहफ
۞ وَاضْرِبْ لَهُم مَّثَلًا رَّجُلَيْنِ جَعَلْنَا لِأَحَدِهِمَا جَنَّتَيْنِ مِنْ أَعْنَابٍ وَحَفَفْنَاهُمَا بِنَخْلٍ وَجَعَلْنَا بَيْنَهُمَا زَرْعًا ۝٣٢
Wadrib lahum masalar rajulaini ja`alnaa li ahadihimaa jannataini min a`naabinw wa hafafnaahumaa binakhilinw wa ja`alnaa bainahumaa zar`aa
📖 हिंदी अर्थ
और (ऐ रसूल) इन लोगों से उन दो शख़्शों की मिसाल बयान करो कि उनमें से एक को हमने अंगूर के दो बाग़ दे रखे है और हमने चारो ओर खजूर के पेड़ लगा दिये है और उन दोनों बाग़ के दरमियान खेती भी लगाई है

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • وَاضْرِبْ لَهُمْ مَثَلًا: उनके लिए एक उदाहरण प्रस्तुत कीजिए।
  • جَعَلْنَا لِأَحَدِهِمَا جَنَّتَيْنِ: हमने उन दोनों में से एक के लिए दो बाग़ बनाए।
  • مِنْ أَعْنَابٍ: अंगूरों के।
  • وَحَفَفْنَاهُمَا بِنَخْلٍ: और हमने उन दोनों बाग़ों को खजूर के पेड़ों से घेर दिया।
  • وَجَعَلْنَا بَيْنَهُمَا زَرْعًا: और हमने उन दोनों के बीच खेती (फसलें) उगाईं।

तफ़सीर (व्याख्या):

ऐ नबी! आप अपनी क़ौम के काफ़िरों को दो व्यक्तियों की मिसाल दीजिए — एक ईमानवाला और दूसरा काफ़िर। यह मिसाल पुरानी उम्मतों से ली गई है, ताकि लोग समझ सकें कि दुनिया की दौलत और ठाठ-बाट किसी के ईमान का पैमाना नहीं है।

हमने उन दोनों में से काफ़िर व्यक्ति को दो विशाल बाग़ दिए, जो अंगूर की बेलों से भरे हुए थे। इन बाग़ों को हमने चारों ओर से खजूर के ऊँचे-ऊँचे पेड़ों से घेर दिया, जो उनकी शोभा और सुरक्षा का कारण बने। इन दोनों बाग़ों के बीच की खाली ज़मीन में हमने तरह-तरह की खेती उगाई — गेहूँ, जौ और अन्य फ़सलें — ताकि उस व्यक्ति को हर प्रकार का भोजन और फल मिल सके। इस तरह वह ज़मीन हर तरह की नेमतों से भरपूर थी, कोई हिस्सा बेकार या वीरान नहीं था।

यह मिसाल बताती है कि अल्लाह तआला जिसे चाहता है दुनिया में खूब रिज़्क़ देता है, लेकिन यह दौलत किसी की आख़िरत की कामयाबी की गारंटी नहीं है। असली कामयाबी उसी की है जो अल्लाह का शुक्र अदा करे और उसकी नेमतों को अपने लिए फ़ित्ना (आज़माइश) न बनाए। यह क़िस्सा आगे चलकर बताएगा कि वह काफ़िर अपनी दौलत पर इतना घमंडी हो गया कि उसने ईमानवाले भाई की नसीहत को ठुकरा दिया और अपने बाग़ों को हमेशा रहने वाला समझ लिया — जबकि असली मालिक तो अल्लाह ही है।

इस आयत से हमें सबक़ लेना चाहिए कि दुनिया की चमक-दमक और माल-दौलत पर नाज़ करना मूर्खता है। अल्लाह ने जो कुछ दिया है, उसका सही उपयोग करें, उसकी नेमतों का शुक्र अदा करें और याद रखें कि यह सब कुछ अस्थायी है। असली जीवन आख़िरत का है, जहाँ अच्छे कर्मों के सिवा कोई चीज़ काम नहीं आएगी। अल्लाह की रहमत और उसका दिया हुआ रिज़्क़ उसी को मिलता है जो उसके आगे झुकता है और उसकी बताई हुई राह पर चलता है।



📜 आयत 30-34 — अल-कहफ

30إِنَّ الَّذِينَ آمَنُوا وَعَمِلُوا الصَّالِحَاتِ إِنَّا لَا نُضِيعُ أَجْرَ مَنْ أَحْسَنَ عَمَلًا
इसमें शक़ नहीं कि जिन लोगों ने ईमान कुबूल किया और अच्छे अच्छे काम करते रहे तो हम हरगिज़ अच्छे काम वालो के अज्र को अकारत नहीं करते
31أُولَٰئِكَ لَهُمْ جَنَّاتُ عَدْنٍ تَجْرِي مِن تَحْتِهِمُ الْأَنْهَارُ يُحَلَّوْنَ فِيهَا مِنْ أَسَاوِرَ مِن ذَهَبٍ وَيَلْبَسُونَ ثِيَابًا خُضْرًا مِّن سُندُسٍ وَإِسْتَبْرَقٍ مُّتَّكِئِينَ فِيهَا عَلَى الْأَرَائِكِ ۚ نِعْمَ الثَّوَابُ وَحَسُنَتْ مُرْتَفَقًا
ये वही लोग हैं जिनके (रहने सहने के) लिए सदाबहार (बेहश्त के) बाग़ात हैं उनके (मकानात के) नीचे नहरें जारी होगीं वह उन बाग़ात में दमकते हुए कुन्दन के कंगन से सँवारे जाँएगें और उन्हें बारीक रेशम (क्रेब) और दबीज़ रेश्म (वाफते)के धानी जोड़े पहनाए जाएँगें और तख्तों पर तकिए लगाए (बैठे) होगें क्या ही अच्छा बदला है और (बेहश्त भी आसाइश की) कैसी अच्छी जगह है
32۞ وَاضْرِبْ لَهُم مَّثَلًا رَّجُلَيْنِ جَعَلْنَا لِأَحَدِهِمَا جَنَّتَيْنِ مِنْ أَعْنَابٍ وَحَفَفْنَاهُمَا بِنَخْلٍ وَجَعَلْنَا بَيْنَهُمَا زَرْعًا
और (ऐ रसूल) इन लोगों से उन दो शख़्शों की मिसाल बयान करो कि उनमें से एक को हमने अंगूर के दो बाग़ दे रखे है और हमने चारो ओर खजूर के पेड़ लगा दिये है और उन दोनों बाग़ के दरमियान खेती भी लगाई है
33كِلْتَا الْجَنَّتَيْنِ آتَتْ أُكُلَهَا وَلَمْ تَظْلِم مِّنْهُ شَيْئًا ۚ وَفَجَّرْنَا خِلَالَهُمَا نَهَرًا
वह दोनों बाग़ खूब फल लाए और फल लाने में कुछ कमी नहीं की और हमने उन दोनों बाग़ों के दरमियान नहर भी जारी कर दी है
34وَكَانَ لَهُ ثَمَرٌ فَقَالَ لِصَاحِبِهِ وَهُوَ يُحَاوِرُهُ أَنَا أَكْثَرُ مِنكَ مَالًا وَأَعَزُّ نَفَرًا
और उसे फल मिला तो अपने साथी से जो उससे बातें कर रहा था बोल उठा कि मै तो तुझसे माल में (भी) ज्यादा हूँ और जत्थे में भी बढ़ कर हूँ
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अनुवाद — अल-कहफ 32

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Tuesday, August 18, 2026

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