Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- ग़ुलाम: नाबालिग़ लड़का, जो अभी बालिग़ नहीं हुआ।
- ज़कियyah: पाक, पवित्र, गुनाहों से मासूम।
- बिग़ैरि नफ़्स: बिना किसी जान के बदले (यानी उसने किसी की हत्या नहीं की थी)।
- नुक्रन: बहुत बड़ा मुनकर (बुरा) काम, जिसे अक़्ल और शरीअत दोनों नापसंद करते हैं।
तफ़सीर:
फिर ये दोनों (मूसा और ख़िज़र अलैहिमुस्सलाम) जहाज़ से उतर कर किनारे की तरफ़ चल दिए। चलते-चलते उन्होंने देखा कि एक लड़का दूसरे लड़कों के साथ खेल रहा है। वो लड़का अभी नाबालिग़ था, उसने बालिग़ होने की उम्र को नहीं पहुँचा था। अचानक ख़िज़र अलैहिस्सलाम ने उस लड़के को क़त्ल कर दिया। ये देखकर हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम को बहुत ताज्जुब और सख़्त नाराज़ी हुई, क्योंकि उन्होंने ये काम बिना किसी साफ़ वजह के देखा। उन्होंने ख़िज़र से कहा: "क्या आपने एक पाक और मासूम जान को क़त्ल कर दिया, जिसने न किसी की हत्या की थी और न ही उस पर किसी क़िस्म का गुनाह था? आपने तो बहुत ही बुरा और मुनकर काम किया है!"
हज़रत मूसा अलैहिस्सलाम का ये इंकार उनके इल्म के मुताबिक़ था, क्योंकि ज़ाहिरी तौर पर ये काम नाइंसाफ़ी और ज़ुल्म लग रहा था। लेकिन अल्लाह तआला के हुक्म से ख़िज़र अलैहिस्सलाम को उस लड़के की हक़ीक़त का इल्म था, जो मूसा अलैहिस्सलाम को नहीं दिया गया था। ये वाक़िया हमें सिखाता है कि अल्लाह तआला के फ़ैसलों में छिपी हुई मस्लहतें (भलाइयाँ) होती हैं, जो इंसान की समझ से परे होती हैं। इंसान को चाहिए कि वो अल्लाह के हुक्मों पर भरोसा रखे, चाहे वो ज़ाहिरी तौर पर कितने ही अजीब या नागवार क्यों न लगें।
ये क़िस्सा हमें सब्र और अल्लाह पर पूरे भरोसे की तालीम देता है। जब हम किसी मुश्किल या नागवार हालात का सामना करते हैं, तो यक़ीन रखें कि अल्लाह तआला हर चीज़ में भलाई रखता है। वो जो करता है, हिकमत के साथ करता है। हमारी अक़्ल नाक़िस (अधूरी) है, लेकिन अल्लाह का इल्म हर चीज़ पर हावी है। इसलिए हमें अपने दीन पर मज़बूती से क़ायम रहना चाहिए और अल्लाह के फ़ैसलों पर राज़ी रहना चाहिए। यही सच्चे मोमिन की निशानी है।
📜 आयत 72-76 — सूरा अल-कहफ
अनुवाद — अल-कहफ 74
सूरा अल-कहफ आयत 74 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ख़ैर ये तो हो गया) फिर दोनों के दोनों आगे…सूरा आयत 74/110 — सूरा अल-कहफ الكهف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-कहफ सुनें, सूरा अल-कहफ अनुवाद, सूरा अल-कहफ mp3, सूरा अल-कहफ pdf. आयत 72–76. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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