अल-कहफ · 84/110
अनुवाद उच्चारण — अल-कहफ
إِنَّا مَكَّنَّا لَهُ فِي الْأَرْضِ وَآتَيْنَاهُ مِن كُلِّ شَيْءٍ سَبَبًا ۝٨٤
Innaa makkannaa lahoo fil ardi wa aatainaahu min kulli shai`in sababaa
📖 हिंदी अर्थ
(ख़ुदा फरमाता है कि) बेशक हमने उनको ज़मीन पर कुदरतें हुकूमत अता की थी और हमने उसे हर चीज़ के साज़ व सामान दे रखे थे
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • مَكَّنَّا: हमने शक्ति और अधिकार दिया, स्थापित किया।
  • سَبَبًا: साधन, मार्ग, तरीका (जिससे कोई काम पूरा हो)।

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला ने इस आयत में ज़ुल्क़रनैन का ज़िक्र करते हुए बताया कि हमने उन्हें धरती में बड़ी शक्ति और अधिकार प्रदान किया। हमने उन्हें हर उस चीज़ का साधन और मार्ग दिया, जिसके ज़रिए वे अपने लक्ष्य तक पहुँच सकें। उन्हें फ़तह (विजय) के लिए, दुश्मनों पर क़ाबू पाने के लिए, और शहरों को फ़तह करने के लिए हर ज़रूरी वसीला (साधन) अता किया। यह अल्लाह की तरफ़ से एक बड़ी नेमत (अनुग्रह) थी, जो उन्हें इसलिए मिली क्योंकि वे अल्लाह के नेक बंदे थे और उसकी इबादत करने वाले थे।

अल्लाह तआला ने उन्हें ज़मीन के पूर्व और पश्चिम तक फैलने की ताक़त दी, और हर उस चीज़ का रास्ता सिखाया जो वे चाहते थे। यह शक्ति और साधन उन्हें अल्लाह की ओर से मिले थे, न कि अपनी ताक़त से। यह हमारे लिए एक सबक़ है कि जब अल्लाह किसी बंदे को चाहता है, तो उसे दुनिया में बुलंदी और कामयाबी के रास्ते देता है, बशर्ते वह बंदा अल्लाह के हुक्मों का पालन करे और उसकी राह में इस्तेक़ामत (स्थिरता) रखे।

यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह तआला अपने नेक बंदों को दुनिया में ताक़त और इख़्तियार देता है, ताकि वे अल्लाह के दीन की मदद करें और इंसाफ़ (न्याय) फैलाएँ। ज़ुल्क़रनैन की यह कहानी हमें बताती है कि असली कामयाबी उसी को मिलती है जो अल्लाह की मदद से अपने काम करता है और अपनी ताक़त पर घमंड नहीं करता। हमें भी चाहिए कि अल्लाह से दुआ करें कि वह हमें भी हर अच्छे काम के लिए साधन और रास्ते दे, और हमें अपने दीन की ख़िदमत करने की तौफ़ीक़ अता करे।

🎧 सुनें

📜 आयत 82-86 — अल-कहफ

82وَأَمَّا الْجِدَارُ فَكَانَ لِغُلَامَيْنِ يَتِيمَيْنِ فِي الْمَدِينَةِ وَكَانَ تَحْتَهُ كَنزٌ لَّهُمَا وَكَانَ أَبُوهُمَا صَالِحًا فَأَرَادَ رَبُّكَ أَن يَبْلُغَا أَشُدَّهُمَا وَيَسْتَخْرِجَا كَنزَهُمَا رَحْمَةً مِّن رَّبِّكَ ۚ وَمَا فَعَلْتُهُ عَنْ أَمْرِي ۚ ذَٰلِكَ تَأْوِيلُ مَا لَمْ تَسْطِع عَّلَيْهِ صَبْرًا
और वह जो दीवार थी (जिसे मैंने खड़ा कर दिया) तो वह शहर के दो यतीम लड़कों की थी और उसके नीचे उन्हीं दोनों लड़कों का ख़ज़ाना (गड़ा हुआ था) और उन लड़कों का बाप एक नेक आदमी था तो तुम्हारे परवरदिगार ने चाहा कि दोनों लड़के अपनी जवानी को पहुँचे तो तुम्हारे परवरदिगार की मेहरबानी से अपना ख़ज़ाने निकाल ले और मैंने (जो कुछ किया) कुछ अपने एख्तियार से नहीं किया (बल्कि खुदा के हुक्म से) ये हक़ीक़त है उन वाक़यात की जिन पर आपसे सब्र न हो सका
83وَيَسْأَلُونَكَ عَن ذِي الْقَرْنَيْنِ ۖ قُلْ سَأَتْلُو عَلَيْكُم مِّنْهُ ذِكْرًا
और (ऐ रसूल) तुमसे लोग ज़ुलक़रनैन का हाल (इम्तेहान) पूछा करते हैं तुम उनके जवाब में कह दो कि मैं भी तुम्हें उसका कुछ हाल बता देता हूँ
84إِنَّا مَكَّنَّا لَهُ فِي الْأَرْضِ وَآتَيْنَاهُ مِن كُلِّ شَيْءٍ سَبَبًا
(ख़ुदा फरमाता है कि) बेशक हमने उनको ज़मीन पर कुदरतें हुकूमत अता की थी और हमने उसे हर चीज़ के साज़ व सामान दे रखे थे
85فَأَتْبَعَ سَبَبًا
वह एक सामान (सफर के) पीछे पड़ा
86حَتَّىٰ إِذَا بَلَغَ مَغْرِبَ الشَّمْسِ وَجَدَهَا تَغْرُبُ فِي عَيْنٍ حَمِئَةٍ وَوَجَدَ عِندَهَا قَوْمًا ۗ قُلْنَا يَا ذَا الْقَرْنَيْنِ إِمَّا أَن تُعَذِّبَ وَإِمَّا أَن تَتَّخِذَ فِيهِمْ حُسْنًا
यहाँ तक कि जब (चलते-चलते) आफताब के ग़ुरूब होने की जगह पहुँचा तो आफताब उनको ऐसा दिखाई दिया कि (गोया) वह काली कीचड़ के चश्में में डूब रहा है और उसी चश्में के क़रीब एक क़ौम को भी आबाद पाया हमने कहा ऐ जुलकरनैन (तुमको एख्तियार है) ख्वाह इनके कुफ्र की वजह से इनकी सज़ा करो (कि ईमान लाए) या इनके साथ हुस्ने सुलूक का शेवा एख्तियार करो (कि खुद ईमान क़ुबूल करें)
अल-कहफकुरान सूची
110आयत
मक्कीRevelation
84आयत

अनुवाद — अल-कहफ 84

सूरा अल-कहफ आयत 84 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ख़ुदा फरमाता है कि) बेशक हमने उनको ज़मीन पर कुदरतें…

सूरा आयत 84/110 — अल-कहफ الكهف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-कहफ सुनें, अल-कहफ अनुवाद, अल-कहफ mp3, अल-कहफ pdf. आयत 82–86. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए