अल-कहफ · 85/110
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-कहफ
فَأَتْبَعَ سَبَبًا ۝٨٥
Fa atba`a sababaa
📖 हिंदी अर्थ
वह एक सामान (सफर के) पीछे पड़ा

M Mishary Rashid Alafasy ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • فَأَتْبَعَ: उसने अपनाया, पीछा किया, या मार्ग ग्रहण किया।
  • سَبَبًا: साधन, मार्ग, या वह रास्ता जो किसी मंज़िल तक पहुँचाए।

तफ़सीर (व्याख्या):

इस आयत में अल्लाह तआला हमें ज़ुल्क़रनैन के क़िस्से से अवगत करा रहे हैं, जो एक नेक और शक्तिशाली बादशाह थे। जब अल्लाह ने उन्हें धरती पर साम्राज्य और हर प्रकार के साधन दिए, तो उन्होंने उन साधनों का इस्तेमाल अल्लाह की राह में किया। "فَأَتْبَعَ سَبَبًا" का अर्थ है कि उन्होंने उन तरीक़ों और रास्तों को अपनाया जो उन्हें उनके मक़सद तक पहुँचाते थे। यानी उन्होंने हिम्मत और जुनून के साथ उन साधनों को इस्तेमाल किया जो अल्लाह ने उन्हें दिए थे, और वे पश्चिम की ओर रवाना हुए।

यहाँ अल्लाह हमें सिखाता है कि जब इंसान के पास ताक़त और साधन हों, तो उसे चाहिए कि उन्हें अल्लाह की राह में, इंसानियत की भलाई के लिए और सच्चाई के प्रसार के लिए इस्तेमाल करे। ज़ुल्क़रनैन ने अपनी ताक़त का ग़लत इस्तेमाल नहीं किया, बल्कि उसे अल्लाह की मर्ज़ी के मुताबिक़ चलाया। यह हमारे लिए एक ज़बरदस्त सबक़ है कि हम अपनी काबिलियतों और ज़राइल (साधनों) को सिर्फ़ दुनिया की चमक-दमक के लिए नहीं, बल्कि अल्लाह की रज़ा और बंदों की ख़िदमत के लिए इस्तेमाल करें।

यह आयत हमें यह भी बताती है कि अल्लाह ने इंसान को अक़्ल और इरादे की ताक़त दी है, ताकि वह अपने हालात को बेहतर बना सके। जो लोग अल्लाह पर भरोसा करके सही रास्ते पर चलते हैं, अल्लाह उनके लिए रास्ते खोल देता है और उन्हें कामयाबी देता है। ज़ुल्क़रनैन की यह कोशिशें और उनका सफ़र हमें बताता है कि सच्ची कामयाबी उसी को मिलती है जो अल्लाह के दिए हुए साधनों को नेकी में लगाए और अपने मक़सद के लिए मेहनत करे।

इस क़िस्से से हमें यह दुआ करनी चाहिए कि अल्लाह हमें भी सही रास्ते पर चलने की तौफ़ीक़ दे, और हमारे साधनों और ताक़तों को उसकी राह में इस्तेमाल करने की हिम्मत दे। आमीन।



📜 आयत 83-87 — सूरा अल-कहफ

83وَيَسْأَلُونَكَ عَن ذِي الْقَرْنَيْنِ ۖ قُلْ سَأَتْلُو عَلَيْكُم مِّنْهُ ذِكْرًا
और (ऐ रसूल) तुमसे लोग ज़ुलक़रनैन का हाल (इम्तेहान) पूछा करते हैं तुम उनके जवाब में कह दो कि मैं भी तुम्हें उसका कुछ हाल बता देता हूँ
84إِنَّا مَكَّنَّا لَهُ فِي الْأَرْضِ وَآتَيْنَاهُ مِن كُلِّ شَيْءٍ سَبَبًا
(ख़ुदा फरमाता है कि) बेशक हमने उनको ज़मीन पर कुदरतें हुकूमत अता की थी और हमने उसे हर चीज़ के साज़ व सामान दे रखे थे
85فَأَتْبَعَ سَبَبًا
वह एक सामान (सफर के) पीछे पड़ा
86حَتَّىٰ إِذَا بَلَغَ مَغْرِبَ الشَّمْسِ وَجَدَهَا تَغْرُبُ فِي عَيْنٍ حَمِئَةٍ وَوَجَدَ عِندَهَا قَوْمًا ۗ قُلْنَا يَا ذَا الْقَرْنَيْنِ إِمَّا أَن تُعَذِّبَ وَإِمَّا أَن تَتَّخِذَ فِيهِمْ حُسْنًا
यहाँ तक कि जब (चलते-चलते) आफताब के ग़ुरूब होने की जगह पहुँचा तो आफताब उनको ऐसा दिखाई दिया कि (गोया) वह काली कीचड़ के चश्में में डूब रहा है और उसी चश्में के क़रीब एक क़ौम को भी आबाद पाया हमने कहा ऐ जुलकरनैन (तुमको एख्तियार है) ख्वाह इनके कुफ्र की वजह से इनकी सज़ा करो (कि ईमान लाए) या इनके साथ हुस्ने सुलूक का शेवा एख्तियार करो (कि खुद ईमान क़ुबूल करें)
87قَالَ أَمَّا مَن ظَلَمَ فَسَوْفَ نُعَذِّبُهُ ثُمَّ يُرَدُّ إِلَىٰ رَبِّهِ فَيُعَذِّبُهُ عَذَابًا نُّكْرًا
जुलकरनैन ने अर्ज़ की जो शख्स सरकशी करेगा तो हम उसकी फौरन सज़ा कर देगें (आख़िर) फिर वह (क़यामत में) अपने परवरदिगार के सामने लौटाकर लाया ही जाएगा और वह बुरी से बुरी सज़ा देगा
अल-कहफकुरान सूची
110आयत
मक्कीअवतरण स्थान
85आयत

अनुवाद — अल-कहफ 85

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सूरा आयत 85/110 — सूरा अल-कहफ الكهف (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-कहफ सुनें, सूरा अल-कहफ अनुवाद, सूरा अल-कहफ mp3, सूरा अल-कहफ pdf. आयत 83–87. हिंदी अर्थ: اردو.





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Thursday, October 1, 2026

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