Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَوْلَى: अधिक हक़दार, सबसे योग्य।
- صِلِيًّا: आग में प्रवेश करना और उसकी जलन (तपिश) को सहना।
तफ़सीर (व्याख्या):
फिर (क़यामत के दिन) हम (अल्लाह) उन लोगों को भली-भाँति जानते हैं जो जहन्नम (नरक) की आग में प्रवेश करने और उसकी तपिश व जलन को सहने के अधिक हक़दार हैं। यह अल्लाह का पूर्ण ज्ञान है, जो किसी को भी उसके कर्मों, नीयत और अंजाम के अनुसार उचित स्थान देता है। कोई भी व्यक्ति अल्लाह के ज्ञान से छिपा नहीं है, और वह हर एक को उसके कर्मों के अनुरूप प्रतिफल देगा। यह आयत हमें याद दिलाती है कि अल्लाह का न्याय पूर्ण है, और उसका फैसला सत्य और न्याय पर आधारित है।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सचेत करती है कि हमारे कर्मों का हिसाब अवश्य होगा, और अल्लाह हर चीज़ से बाख़बर है। यह हमारे लिए एक चेतावनी है कि हम अपने जीवन को सही दिशा में लगाएँ, अल्लाह की आज्ञाओं का पालन करें और उसकी रहमत के तलबगार बनें। साथ ही, यह हमें यह भी सिखाती है कि अल्लाह की रहमत उन लोगों के लिए है जो उसकी ओर रुजू करते हैं, तौबा करते हैं और नेक कर्म करते हैं। हमें चाहिए कि हम अल्लाह के वादे पर भरोसा रखें, उसकी पकड़ से डरें और उसकी रहमत की उम्मीद रखें, क्योंकि वही सबसे बड़ा न्यायी और दयालु है।
📜 आयत 68-72 — सूरा मरियम
अनुवाद — मरियम 70
सूरा मरियम आयत 70 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर जो लोग जहन्नुम में झोंके जाएँगे ज्यादा सज़ावार हैं…सूरा आयत 70/98 — सूरा मरियम مريم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा मरियम सुनें, सूरा मरियम अनुवाद, सूरा मरियम mp3, सूरा मरियम pdf. आयत 68–72. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Thursday, October 1, 2026
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