मरियम · 70/98
अनुवाद उच्चारण — मरियम
ثُمَّ لَنَحْنُ أَعْلَمُ بِالَّذِينَ هُمْ أَوْلَىٰ بِهَا صِلِيًّا ۝٧٠
Summa lanahnu a`lamu billazeena hum awlaa bihaa siliyyaa
📖 हिंदी अर्थ
फिर जो लोग जहन्नुम में झोंके जाएँगे ज्यादा सज़ावार हैं हम उनसे खूब वाक़िफ हैं
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • أَوْلَى: अधिक हक़दार, सबसे योग्य।
  • صِلِيًّا: आग में प्रवेश करना और उसकी जलन (तपिश) को सहना।

तफ़सीर (व्याख्या):

फिर (क़यामत के दिन) हम (अल्लाह) उन लोगों को भली-भाँति जानते हैं जो जहन्नम (नरक) की आग में प्रवेश करने और उसकी तपिश व जलन को सहने के अधिक हक़दार हैं। यह अल्लाह का पूर्ण ज्ञान है, जो किसी को भी उसके कर्मों, नीयत और अंजाम के अनुसार उचित स्थान देता है। कोई भी व्यक्ति अल्लाह के ज्ञान से छिपा नहीं है, और वह हर एक को उसके कर्मों के अनुरूप प्रतिफल देगा। यह आयत हमें याद दिलाती है कि अल्लाह का न्याय पूर्ण है, और उसका फैसला सत्य और न्याय पर आधारित है।

दावती पहलू:

यह आयत हमें सचेत करती है कि हमारे कर्मों का हिसाब अवश्य होगा, और अल्लाह हर चीज़ से बाख़बर है। यह हमारे लिए एक चेतावनी है कि हम अपने जीवन को सही दिशा में लगाएँ, अल्लाह की आज्ञाओं का पालन करें और उसकी रहमत के तलबगार बनें। साथ ही, यह हमें यह भी सिखाती है कि अल्लाह की रहमत उन लोगों के लिए है जो उसकी ओर रुजू करते हैं, तौबा करते हैं और नेक कर्म करते हैं। हमें चाहिए कि हम अल्लाह के वादे पर भरोसा रखें, उसकी पकड़ से डरें और उसकी रहमत की उम्मीद रखें, क्योंकि वही सबसे बड़ा न्यायी और दयालु है।

🎧 सुनें

📜 आयत 68-72 — मरियम

68فَوَرَبِّكَ لَنَحْشُرَنَّهُمْ وَالشَّيَاطِينَ ثُمَّ لَنُحْضِرَنَّهُمْ حَوْلَ جَهَنَّمَ جِثِيًّا
तो वह (ऐ रसूल) तुम्हारे परवरदिगार की (अपनी) क़िस्म हम उनको और शैतान को इकट्ठा करेगे फिर उन सब को जहन्नुम के गिर्दागिर्द घुटनों के बल हाज़िर करेंगे
69ثُمَّ لَنَنزِعَنَّ مِن كُلِّ شِيعَةٍ أَيُّهُمْ أَشَدُّ عَلَى الرَّحْمَٰنِ عِتِيًّا
फिर हर गिरोह में से ऐसे लोगों को अलग निकाल लेंगे (जो दुनिया में) खुदा से औरों की निस्बत अकड़े-अकड़े फिरते थे
70ثُمَّ لَنَحْنُ أَعْلَمُ بِالَّذِينَ هُمْ أَوْلَىٰ بِهَا صِلِيًّا
फिर जो लोग जहन्नुम में झोंके जाएँगे ज्यादा सज़ावार हैं हम उनसे खूब वाक़िफ हैं
71وَإِن مِّنكُمْ إِلَّا وَارِدُهَا ۚ كَانَ عَلَىٰ رَبِّكَ حَتْمًا مَّقْضِيًّا
और तुममे से कोई ऐसा नहीं जो जहन्नुम पर से होकर न गुज़रे (क्योंकि पुल सिरात उसी पर है) ये तुम्हारे परवरदिगार पर हेतेमी और लाज़मी (वायदा) है
72ثُمَّ نُنَجِّي الَّذِينَ اتَّقَوا وَّنَذَرُ الظَّالِمِينَ فِيهَا جِثِيًّا
फिर हम परहेज़गारों को बचाएँगे और नाफ़रमानों को घुटने के भल उसमें छोड़ देंगे
मरियमकुरान सूची
98आयत
मक्कीRevelation
70आयत

अनुवाद — मरियम 70

सूरा मरियम आयत 70 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर जो लोग जहन्नुम में झोंके जाएँगे ज्यादा सज़ावार हैं…

सूरा आयत 70/98 — मरियम مريم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: मरियम सुनें, मरियम अनुवाद, मरियम mp3, मरियम pdf. आयत 68–72. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए