अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- اسْتَعِينُوا: मदद माँगो, सहायता चाहो।
- بِالصَّبْرِ: धैर्य और सब्र से।
- وَالصَّلَاةِ: और नमाज़ से।
- مَعَ الصَّابِرِينَ: सब्र करने वालों के साथ (अल्लाह की विशेष सहायता और समर्थन)।
तफसीर (व्याख्या):
ऐ ईमान वालों! तुम अपने सभी मामलों में अल्लाह से मदद माँगो — सब्र और नमाज़ के ज़रिए। सब्र का मतलब है: मुसीबतों और दुखों पर धैर्य रखना, गुनाहों और पापों से बचना, और अल्लाह की आज्ञा पालन और इबादत पर डटे रहना। नमाज़ वह चीज़ है जो दिल को सुकून देती है, बुराई और अश्लील कामों से रोकती है, और इंसान को अल्लाह से जोड़ती है।
जब कोई इंसान इन दो चीज़ों — सब्र और नमाज़ — के सहारे अल्लाह से मदद माँगता है, तो अल्लाह उसके साथ होता है। यहाँ "अल्लाह सब्र करने वालों के साथ है" का मतलब यह है कि अल्लाह उन्हें अपनी विशेष मदद, तौफ़ीक़ (सफलता), और सहायता प्रदान करता है। यह अल्लाह की वह खास मौजूदगी है जो सिर्फ़ ईमान वालों और सब्र करने वालों को मिलती है — जो उनकी हिफ़ाज़त, रहनुमाई और नुसरत (मदद) की शक्ल में होती है। (अल्लाह की सामान्य मौजूदगी, जिसका मतलब उसका सब कुछ जानना और घेरना है, सभी मख़लूक़ात के साथ है।)
फ़ायदे (उपदेश):
- यह आयत हमें सिखाती है कि जीवन की हर मुश्किल में — चाहे वह दुख हो, बीमारी हो, या कोई परेशानी — हमें सबसे पहले अल्लाह की तरफ रुजू करना चाहिए, और सब्र तथा नमाज़ को अपना हथियार बनाना चाहिए।
- नमाज़ सिर्फ़ एक रस्म नहीं, बल्कि एक ऐसा ज़रिया है जो इंसान को ताक़त, सुकून और हिम्मत देती है। जब दिल घबराए, तो नमाज़ में अल्लाह से बात करना सबसे बड़ा इलाज है।
- सब्र का इनाम बहुत बड़ा है — अल्लाह सब्र करने वालों के साथ होता है। यानी जो लोग मुसीबत में धैर्य रखते हैं और गुनाहों से बचते हैं, अल्लाह उन्हें कभी अकेला नहीं छोड़ता।
- यह आयत हमें बताती है कि ईमान वालों की पहचान यह है कि वे मुश्किलों में घबराते नहीं, बल्कि सब्र और नमाज़ के ज़रिए अल्लाह से मदद माँगते हैं — और यही उनकी कामयाबी की कुंजी है।
- इस आयत से हमें यह उम्मीद मिलती है कि चाहे हालात कितने भी बुरे हों, अल्लाह की मदद सब्र करने वालों के साथ है — बशर्ते हम सच्चे दिल से उसकी तरफ रुजू करें।
📜 आयत 151-155 — अल-बकरा
अनुवाद — अल-बकरा 153
सूरा अल-बकरा आयत 153 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ऐ ईमानदारों मुसीबत के वक्त सब्र और नमाज़ के ज़रिए…सूरा आयत 153/286 — अल-बकरा البقرة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-बकरा सुनें, अल-बकरा अनुवाद, अल-बकरा mp3, अल-बकरा pdf. आयत 151–155. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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