Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مَنَاسِكَكُمْ: हज के सभी कार्य और अनुष्ठान (जैसे तवाफ, सई, रमी आदि)।
- كَذِكْرِكُمْ آبَاءَكُمْ: जिस तरह तुम अपने बाप-दादाओं की बड़ाई और प्रशंसा किया करते थे।
- خَلَاقٍ: हिस्सा, भाग, या नेकी का अंश।
तफसीर (व्याख्या):
जब तुम हज के सभी कार्य पूरे कर लो और अपनी इबादतों से फारिग हो जाओ, तो अल्लाह को उसी तरह याद करो और उसकी प्रशंसा करो, जिस तरह तुम अपने बाप-दादाओं की बड़ाई और फख्र किया करते थे—बल्कि उससे भी बढ़कर और अधिक याद करो। क्योंकि अरब के लोग हज से फारिग होकर अपने पूर्वजों की शान में बातें किया करते थे और उनके गुण गाते थे। अल्लाह ने उन्हें सिखाया कि असली याद और प्रशंसा तो अल्लाह की होनी चाहिए, क्योंकि हर नेमत और भलाई उसी की तरफ से है।
इसके बाद अल्लाह ने लोगों के अलग-अलग हालात की ओर इशारा किया। कुछ लोग ऐसे हैं जिनकी सारी कोशिश और दुआ सिर्फ दुनिया के लिए होती है। वे कहते हैं: "ऐ हमारे रब! हमें दुनिया में ही सब कुछ दे दे—स्वास्थ्य, धन, संतान और दुनिया की खुशहाली।" ऐसे लोगों का दिल दुनिया से लगा होता है और वे आखिरत से मुंह मोड़ लेते हैं। उनके लिए आखिरत में कोई हिस्सा या भलाई नहीं है, क्योंकि उन्होंने आखिरत को भुलाकर सिर्फ दुनिया को ही अपना लक्ष्य बना लिया।
फायदे (सबक):
- हज के बाद अल्लाह की याद और उसका शुक्र अदा करना बहुत बड़ी इबादत है। जिस तरह इंसान अपने माता-पिता और बड़ों की बड़ाई करता है, उससे कहीं ज्यादा अल्लाह की बड़ाई और याद करनी चाहिए।
- मुसलमान की दुआ में दुनिया और आखिरत दोनों की भलाई होनी चाहिए। सिर्फ दुनिया की चाहत रखना और आखिरत को भूल जाना बड़ी नादानी है।
- यह आयत हमें सिखाती है कि हमारी नीयत और हमारा लक्ष्य सिर्फ दुनिया का माल-ओ-मताअ नहीं होना चाहिए, बल्कि हमें आखिरत की सफलता के लिए भी दुआ करनी चाहिए और उसके लिए काम करना चाहिए।
- अल्लाह की याद दिल को सुकून देती है और इंसान को दुनिया की मोहब्बत से निकालकर आखिरत की तरफ ले जाती है। इसलिए हर हालत में अल्लाह का जिक्र करते रहना चाहिए।
📜 आयत 198-202 — सूरा अल-बकरा
अनुवाद — अल-बकरा 200
सूरा अल-बकरा आयत 200 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिर जब तुम अरक़ाने हज बजा ला चुको तो तुम…सूरा आयत 200/286 — सूरा अल-बकरा البقرة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-बकरा सुनें, सूरा अल-बकरा अनुवाद, सूरा अल-बकरा mp3, सूरा अल-बकरा pdf. आयत 198–202. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
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