Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- حَسَنَةً (हसनह): भलाई, उत्तम चीज़, सुख-शांति, और हर वह चीज़ जो इंसान के लिए अच्छी और पसंदीदा हो।
- آتِنَا (आतिना): हमें दे, प्रदान कर।
- وَقِنَا (वक़िना): हमें बचा, हमें सुरक्षित रख।
व्याख्या:
इस आयत में अल्लाह तआला मोमिन बंदों के एक समूह का ज़िक्र कर रहा है जो दुनिया और आख़िरत दोनों की भलाई की दुआ माँगते हैं। ये लोग अपने रब से कहते हैं: "ऐ हमारे रब! हमें दुनिया में भलाई दे — यानी अच्छा जीवन, हलाल रोज़ी, अच्छा ज्ञान, नेक अमल करने की तौफ़ीक़, अच्छी पत्नी और संतान, और हर वह चीज़ जो दुनिया में इंसान के लिए बेहतर हो। और आख़िरत में भी भलाई दे — यानी जन्नत, माफ़ी, और अल्लाह की रज़ा। और हमें जहन्नम की आग के अज़ाब से बचा ले।"
यह दुआ बहुत ही व्यापक और सम्पूर्ण दुआ है, जिसमें इंसान अपने रब से दुनिया और आख़िरत दोनों की भलाई माँगता है। यही दुआ नबी करीम ﷺ की सबसे अधिक पसंदीदा दुआओं में से थी, और आप ﷺ अक्सर यही दुआ माँगा करते थे। यह दुआ इंसान को यह सिखाती है कि वह केवल दुनिया के लिए नहीं जीए, बल्कि आख़िरत को भी अपना लक्ष्य बनाए, और दोनों जहान की भलाई की तलब करे।
फ़ायदे:
- यह आयत हमें सिखाती है कि दुआ में दुनिया और आख़िरत दोनों की भलाई माँगनी चाहिए, न कि केवल दुनिया की चीज़ें।
- इस दुआ में "आख़िरत की भलाई" का मतलब जन्नत, माफ़ी और अल्लाह की रज़ा है, और "दुनिया की भलाई" में अच्छा ज्ञान, नेक अमल, हलाल रोज़ी और अच्छी ज़िंदगी शामिल है।
- यह दुआ हमें सिखाती है कि इंसान को हर हाल में अल्लाह से जुड़ा रहना चाहिए और उसी से अपनी ज़रूरतें माँगनी चाहिए।
- इस आयत से यह भी पता चलता है कि मोमिन की पहचान यह है कि वह दुनिया में भी नेकी और भलाई चाहता है और आख़िरत की कामयाबी का भी ख़्वाहाँ होता है — यही संतुलित जीवन है जो इस्लाम सिखाता है।
- यह दुआ हमें जहन्नम के अज़ाब से बचने की तालीम देती है, जो हर मोमिन की सबसे बड़ी चिंता होनी चाहिए।
📜 आयत 199-203 — सूरा अल-बकरा
अनुवाद — अल-बकरा 201
सूरा अल-बकरा आयत 201 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और बाज़ बन्दे ऐसे हैं कि जो दुआ करते हैं…सूरा आयत 201/286 — सूरा अल-बकरा البقرة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-बकरा सुनें, सूरा अल-बकरा अनुवाद, सूरा अल-बकरा mp3, सूरा अल-बकरा pdf. आयत 199–203. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
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