अल-बकरा · 28/286
अनुवाद उच्चारण — अल-बकरा
كَيْفَ تَكْفُرُونَ بِاللَّهِ وَكُنتُمْ أَمْوَاتًا فَأَحْيَاكُمْ ۖ ثُمَّ يُمِيتُكُمْ ثُمَّ يُحْيِيكُمْ ثُمَّ إِلَيْهِ تُرْجَعُونَ ۝٢٨
Kaifa takfuroona billaahi wa kuntum amwaatan fa ahyaakum summa yumeetukum summa yuhyeekum summaa ilaihi turja`oon
📖 हिंदी अर्थ
(हाँए) क्यों कर तुम खुदा का इन्कार कर सकते हो हालाँकि तुम (माओं के पेट में) बेजान थे तो उसी ने तुमको ज़िन्दा किया फिर वही तुमको मार डालेगा, फिर वही तुमको (दोबारा क़यामत में) ज़िन्दा करेगा फिर उसी की तरफ लौटाए जाओगे
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • كُنتُمْ أَمْوَاتًا: तुम (अपनी माँ के पेट में आने से पहले) निर्जीव (मृत) थे, अर्थात अस्तित्व में नहीं थे।
  • فَأَحْيَاكُمْ: फिर उसने तुम्हें जीवन प्रदान किया (अर्थात तुम्हें पैदा किया और जीवित किया)।
  • ثُمَّ يُمِيتُكُمْ: फिर वही तुम्हें मृत्यु देगा (जब तुम्हारी आयु पूरी हो जाएगी)।
  • ثُمَّ يُحْيِيكُمْ: फिर वही तुम्हें (क़ियामत के दिन) दोबारा जीवित करेगा।
  • ثُمَّ إِلَيْهِ تُرْجَعُونَ: फिर तुम सब उसी की ओर लौटाए जाओगे (हिसाब-किताब के लिए)।

विस्तृत तफ़सीर:

ऐ अल्लाह के इनकार करने वालो! तुम्हारा हाल कितना अजीब और हैरतअंगेज़ है! तुम अल्लाह की वहदानियत (एकता) का इनकार कैसे करते हो और उसके साथ दूसरों को पूजा में शरीक कैसे ठहराते हो, जबकि तुम्हारे अपने वजूद में उसकी क़ुदरत की सबसे बड़ी निशानियाँ मौजूद हैं? ज़रा अपने आप पर ग़ौर करो — तुम पहले कुछ भी नहीं थे, निर्जीव और अस्तित्वहीन थे। न तुम्हारा कोई नाम था, न कोई पहचान। फिर अल्लाह ने अपनी रहमत और क़ुदरत से तुम्हें पैदा किया, तुम्हारे माँ-बाप के ज़रिये इस दुनिया में लाया और तुम्हें जीवन, सुनने की शक्ति, देखने की शक्ति, समझ और दिल अता किया।

यही अल्लाह, जिसने तुम्हें पहली बार पैदा किया, वही तुम्हें मौत देगा जब तुम्हारी मुक़र्रर की हुई आयु पूरी हो जाएगी। फिर वही तुम्हें क़ियामत के दिन दोबारा ज़िंदा करेगा — बिल्कुल उसी तरह जैसे उसने पहली बार पैदा किया था। और फिर तुम सबको उसी की तरफ लौटना है, ताकि वह तुम्हारे अच्छे और बुरे कर्मों का हिसाब ले और हर एक को उसके किए का पूरा बदला दे।

यह सिलसिला — मौत से ज़िंदगी, फिर मौत, फिर दोबारा ज़िंदगी — इस बात का सबसे स्पष्ट सबूत है कि अल्लाह ही सच्चा मालिक और इबादत के लायक है। जो खुदा तुम्हें पैदा कर सकता है, मौत दे सकता है और दोबारा ज़िंदा कर सकता है, उसके सामने तुम क्यों सर नहीं झुकाते? क्या कोई और है जो यह सब कर सकता है? हरगिज़ नहीं!

तो ऐ इंसान! इस आयत में तेरे लिए सबसे बड़ी नसीहत है — अपनी पैदाइश पर ग़ौर कर, अपनी ज़िंदगी के तमाम लम्हात पर नज़र डाल, और यक़ीन कर कि जिसने तुझे पैदा किया, वही तुझे दोबारा ज़िंदा करेगा। उसी की इबादत कर, उसी से डर, और उसी से रहमत की उम्मीद रख। यही तेरी कामयाबी का रास्ता है — दुनिया में भी और आख़िरत में भी। अल्लाह तआला बड़ा मेहरबान और रहम फरमाने वाला है, वह चाहता है कि तू उसकी तरफ रुजू करे और उसकी रहमत की पनाह में आ जाए।

🎧 सुनें

📜 आयत 26-30 — अल-बकरा

26۞ إِنَّ اللَّهَ لَا يَسْتَحْيِي أَن يَضْرِبَ مَثَلًا مَّا بَعُوضَةً فَمَا فَوْقَهَا ۚ فَأَمَّا الَّذِينَ آمَنُوا فَيَعْلَمُونَ أَنَّهُ الْحَقُّ مِن رَّبِّهِمْ ۖ وَأَمَّا الَّذِينَ كَفَرُوا فَيَقُولُونَ مَاذَا أَرَادَ اللَّهُ بِهَٰذَا مَثَلًا ۘ يُضِلُّ بِهِ كَثِيرًا وَيَهْدِي بِهِ كَثِيرًا ۚ وَمَا يُضِلُّ بِهِ إِلَّا الْفَاسِقِينَ
बेशक खुदा मच्छर या उससे भी बढ़कर (हक़ीर चीज़) की कोई मिसाल बयान करने में नहीं झेंपता पस जो लोग ईमान ला चुके हैं वह तो ये यक़ीन जानते हैं कि ये (मिसाल) बिल्कुल ठीक है और ये परवरदिगार की तरफ़ से है (अब रहे) वह लोग जो काफ़िर है पस वह बोल उठते हैं कि खुदा का उस मिसाल से क्या मतलब है, ऐसी मिसाल से ख़ुदा बहुतेरों की हिदायत करता है मगर गुमराही में छोड़ता भी है तो ऐसे बदकारों को
27الَّذِينَ يَنقُضُونَ عَهْدَ اللَّهِ مِن بَعْدِ مِيثَاقِهِ وَيَقْطَعُونَ مَا أَمَرَ اللَّهُ بِهِ أَن يُوصَلَ وَيُفْسِدُونَ فِي الْأَرْضِ ۚ أُولَٰئِكَ هُمُ الْخَاسِرُونَ
जो लोग खुदा के एहदो पैमान को मज़बूत हो जाने के बाद तोड़ डालते हैं और जिन (ताल्लुक़ात) का खुदा ने हुक्म दिया है उनको क़ताआ कर देते हैं और मुल्क में फसाद करते फिरते हैं, यही लोग घाटा उठाने वाले हैं
28كَيْفَ تَكْفُرُونَ بِاللَّهِ وَكُنتُمْ أَمْوَاتًا فَأَحْيَاكُمْ ۖ ثُمَّ يُمِيتُكُمْ ثُمَّ يُحْيِيكُمْ ثُمَّ إِلَيْهِ تُرْجَعُونَ
(हाँए) क्यों कर तुम खुदा का इन्कार कर सकते हो हालाँकि तुम (माओं के पेट में) बेजान थे तो उसी ने तुमको ज़िन्दा किया फिर वही तुमको मार डालेगा, फिर वही तुमको (दोबारा क़यामत में) ज़िन्दा करेगा फिर उसी की तरफ लौटाए जाओगे
29هُوَ الَّذِي خَلَقَ لَكُم مَّا فِي الْأَرْضِ جَمِيعًا ثُمَّ اسْتَوَىٰ إِلَى السَّمَاءِ فَسَوَّاهُنَّ سَبْعَ سَمَاوَاتٍ ۚ وَهُوَ بِكُلِّ شَيْءٍ عَلِيمٌ
वही तो वह (खुदा) है जिसने तुम्हारे (नफ़े) के ज़मीन की कुल चीज़ों को पैदा किया फिर आसमान (के बनाने) की तरफ़ मुतावज्जेह हुआ तो सात आसमान हमवार (व मुसतहकम) बना दिए और वह (खुदा) हर चीज़ से (खूब) वाक़िफ है
30وَإِذْ قَالَ رَبُّكَ لِلْمَلَائِكَةِ إِنِّي جَاعِلٌ فِي الْأَرْضِ خَلِيفَةً ۖ قَالُوا أَتَجْعَلُ فِيهَا مَن يُفْسِدُ فِيهَا وَيَسْفِكُ الدِّمَاءَ وَنَحْنُ نُسَبِّحُ بِحَمْدِكَ وَنُقَدِّسُ لَكَ ۖ قَالَ إِنِّي أَعْلَمُ مَا لَا تَعْلَمُونَ
और (ऐ रसूल) उस वक्त क़ो याद करो जब तुम्हारे परवरदिगार ने फ़रिश्तों से कहा कि मैं (अपना) एक नाएब ज़मीन में बनानेवाला हूँ (फरिश्ते ताज्जुब से) कहने लगे क्या तू ज़मीन ऐसे शख्स को पैदा करेगा जो ज़मीन में फ़साद और खूँरेज़ियाँ करता फिरे हालाँकि (अगर) ख़लीफा बनाना है (तो हमारा ज्यादा हक़ है) क्योंकि हम तेरी तारीफ व तसबीह करते हैं और तेरी पाकीज़गी साबित करते हैं तब खुदा ने फरमाया इसमें तो शक ही नहीं कि जो मैं जानता हूँ तुम नहीं जानते
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Tuesday, August 18, 2026

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