अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- كُنتُمْ أَمْوَاتًا: तुम (अपनी माँ के पेट में आने से पहले) निर्जीव (मृत) थे, अर्थात अस्तित्व में नहीं थे।
- فَأَحْيَاكُمْ: फिर उसने तुम्हें जीवन प्रदान किया (अर्थात तुम्हें पैदा किया और जीवित किया)।
- ثُمَّ يُمِيتُكُمْ: फिर वही तुम्हें मृत्यु देगा (जब तुम्हारी आयु पूरी हो जाएगी)।
- ثُمَّ يُحْيِيكُمْ: फिर वही तुम्हें (क़ियामत के दिन) दोबारा जीवित करेगा।
- ثُمَّ إِلَيْهِ تُرْجَعُونَ: फिर तुम सब उसी की ओर लौटाए जाओगे (हिसाब-किताब के लिए)।
विस्तृत तफ़सीर:
ऐ अल्लाह के इनकार करने वालो! तुम्हारा हाल कितना अजीब और हैरतअंगेज़ है! तुम अल्लाह की वहदानियत (एकता) का इनकार कैसे करते हो और उसके साथ दूसरों को पूजा में शरीक कैसे ठहराते हो, जबकि तुम्हारे अपने वजूद में उसकी क़ुदरत की सबसे बड़ी निशानियाँ मौजूद हैं? ज़रा अपने आप पर ग़ौर करो — तुम पहले कुछ भी नहीं थे, निर्जीव और अस्तित्वहीन थे। न तुम्हारा कोई नाम था, न कोई पहचान। फिर अल्लाह ने अपनी रहमत और क़ुदरत से तुम्हें पैदा किया, तुम्हारे माँ-बाप के ज़रिये इस दुनिया में लाया और तुम्हें जीवन, सुनने की शक्ति, देखने की शक्ति, समझ और दिल अता किया।
यही अल्लाह, जिसने तुम्हें पहली बार पैदा किया, वही तुम्हें मौत देगा जब तुम्हारी मुक़र्रर की हुई आयु पूरी हो जाएगी। फिर वही तुम्हें क़ियामत के दिन दोबारा ज़िंदा करेगा — बिल्कुल उसी तरह जैसे उसने पहली बार पैदा किया था। और फिर तुम सबको उसी की तरफ लौटना है, ताकि वह तुम्हारे अच्छे और बुरे कर्मों का हिसाब ले और हर एक को उसके किए का पूरा बदला दे।
यह सिलसिला — मौत से ज़िंदगी, फिर मौत, फिर दोबारा ज़िंदगी — इस बात का सबसे स्पष्ट सबूत है कि अल्लाह ही सच्चा मालिक और इबादत के लायक है। जो खुदा तुम्हें पैदा कर सकता है, मौत दे सकता है और दोबारा ज़िंदा कर सकता है, उसके सामने तुम क्यों सर नहीं झुकाते? क्या कोई और है जो यह सब कर सकता है? हरगिज़ नहीं!
तो ऐ इंसान! इस आयत में तेरे लिए सबसे बड़ी नसीहत है — अपनी पैदाइश पर ग़ौर कर, अपनी ज़िंदगी के तमाम लम्हात पर नज़र डाल, और यक़ीन कर कि जिसने तुझे पैदा किया, वही तुझे दोबारा ज़िंदा करेगा। उसी की इबादत कर, उसी से डर, और उसी से रहमत की उम्मीद रख। यही तेरी कामयाबी का रास्ता है — दुनिया में भी और आख़िरत में भी। अल्लाह तआला बड़ा मेहरबान और रहम फरमाने वाला है, वह चाहता है कि तू उसकी तरफ रुजू करे और उसकी रहमत की पनाह में आ जाए।
📜 आयत 26-30 — अल-बकरा
अनुवाद — अल-बकरा 28
सूरा अल-बकरा आयत 28 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (हाँए) क्यों कर तुम खुदा का इन्कार कर सकते हो…सूरा आयत 28/286 — अल-बकरा البقرة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-बकरा सुनें, अल-बकरा अनुवाद, अल-बकरा mp3, अल-बकरा pdf. आयत 26–30. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








