Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- خَلَقَ لَكُم – तुम्हारे लिए पैदा किया
- اسْتَوَى إِلَى السَّمَاء – आकाश की ओर ध्यान दिया / उसकी ओर रुख किया
- فَسَوَّاهُنَّ – उन्हें दुरुस्त किया, बराबर बनाया
- سَبْعَ سَمَاوَاتٍ – सात आकाश
तफसीर (व्याख्या):
यह आयत हमें अल्लाह की असीम शक्ति और उसकी रहमत का अद्भुत नज़ारा दिखाती है। अल्लाह ही वह है जिसने यह सारी ज़मीन और उसमें मौजूद हर चीज़ – नदियाँ, पहाड़, पेड़-पौधे, खनिज पदार्थ, जानवर और वे सारी नेअमतें जिन्हें हम गिन भी नहीं सकते – सिर्फ़ तुम्हारे लिए पैदा कीं। वह चाहता था कि तुम इनसे फ़ायदा उठाओ, इन पर ग़ौर करो और उसके एहसानों को पहचानो। यह सब कुछ तुम्हारी ख़िदमत में लगा दिया गया है – यह अल्लाह की तरफ़ से एक बड़ा तोहफ़ा है।
फिर अल्लाह ने आकाश की ओर ध्यान दिया और उसे सात आकाशों की शक्ल दी, उन्हें इस तरह बनाया कि उनमें कोई दरार नहीं, कोई कमी नहीं – हर चीज़ मुकम्मल और बेहतरीन है। यह बताता है कि अल्लाह की क़ुदरत के आगे कुछ भी मुश्किल नहीं। उसने ज़मीन को तुम्हारे लिए बिछाया और आसमान को तुम्हारे ऊपर छत बनाया – यह सब उसकी मुहब्बत और हिकमत का नतीजा है।
और सबसे ख़ूबसूरत बात यह है कि अल्लाह हर चीज़ का पूरा इल्म रखता है। वह जानता है कि ज़मीन में क्या है, आसमान में क्या है, तुम्हारे दिलों में क्या है और तुम्हारे हालात क्या हैं। उसका इल्म हर चीज़ को घेरे हुए है – छोटी हो या बड़ी, ज़ाहिर हो या पोशीदा।
इस आयत से हमें सबक़ लेना चाहिए कि जिस अल्लाह ने यह सब कुछ हमारे लिए बनाया है, वह हमारी परवाह करता है और हमें भूलता नहीं। जब उसने हमें इतनी नेअमतें दीं, तो हमें उसका शुक्र अदा करना चाहिए और उसकी इबादत में जुट जाना चाहिए। यह आयत हमें यह भी सिखाती है कि अल्लाह की क़ुदरत के सामने हमें अपने अहम को छोड़कर उसके आगे झुक जाना चाहिए – क्योंकि वही सब कुछ पैदा करने वाला और सब कुछ जानने वाला है। जिस रब ने हमारे लिए ज़मीन को आरामगाह बनाया और आसमान को सजाया, उस पर भरोसा रखना ही हमारी कामयाबी है।
📜 आयत 27-31 — सूरा अल-बकरा
अनुवाद — अल-बकरा 29
सूरा अल-बकरा आयत 29 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : वही तो वह (खुदा) है जिसने तुम्हारे (नफ़े) के ज़मीन…सूरा आयत 29/286 — सूरा अल-बकरा البقرة (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-बकरा सुनें, सूरा अल-बकरा अनुवाद, सूरा अल-बकरा mp3, सूरा अल-बकरा pdf. आयत 27–31. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 28, 2026
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