तुम कह दो कि मेरे पास तो बस यही ''वही'' आई है कि तुम लोगों का माबूद बस यकता खुदा है तो क्या तुम (उसके) फरमाबरदार बन्दे बनते हो
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
يُوحَىٰ (वह्य की जाती है) — अल्लाह की ओर से भेजी गई प्रेरणा।
إِلَٰهٌ وَاحِدٌ (एक अकेला पूज्य) — जो सभी प्रकार की पूजा के योग्य हो, उसका कोई साझीदार न हो।
مُسْلِمُونَ (आज्ञाकारी) — अल्लाह के आगे पूर्ण समर्पण करने वाले।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! आप कह दीजिए कि मेरी ओर जो वह्य (प्रेरणा) भेजी जाती है, उसका सार और मूल संदेश यही है कि तुम्हारा सच्चा पूज्य केवल एक ही है — वह अल्लाह है, जो हर कमी और दोष से पाक है, उसका कोई साझीदार नहीं, न कोई उसके समान है। यही वह सत्य है जिसे लेकर सभी नबी आए और यही वह आधार है जिस पर पूरा इस्लाम खड़ा है। अतः इस एक सत्य को स्वीकार करो, उसके आगे सिर झुकाओ, और अपने जीवन को उसकी आज्ञा के अनुसार ढाल लो। यह प्रश्न वास्तव में एक दयालु निमंत्रण है — क्या तुम अल्लाह के आज्ञाकारी बनोगे? यह आज्ञाकारिता ही तुम्हारी सफलता की कुंजी है, जो तुम्हें शांति, संतोष और अनंत सुख की ओर ले जाती है। अल्लाह की ओर से यह सबसे बड़ी रहमत है कि उसने तुम्हें सीधा रास्ता दिखाया — बस इस नेमत को क़द्र कीजिए और उसकी ओर पूरे दिल से लौट आइए।
फिर अगर ये लोग (उस पर भी) मुँह फेरें तो तुम कह दो कि मैंने तुम सबको यकसाँ ख़बर कर दी है और मैं नहीं जानता कि जिस (अज़ाब) का तुमसे वायदा किया गया है क़रीब आ पहुँचा या (अभी) दूर है
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