अल-अंबिया · 108/112
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-अंबिया
قُلْ إِنَّمَا يُوحَىٰ إِلَيَّ أَنَّمَا إِلَٰهُكُمْ إِلَٰهٌ وَاحِدٌ ۖ فَهَلْ أَنتُم مُّسْلِمُونَ ۝١٠٨
Qul innamaa yoohaa ilaiya annamaaa ilaahukum illaahunw Waahid, fahal antum muslimoon
📖 हिंदी अर्थ
तुम कह दो कि मेरे पास तो बस यही ''वही'' आई है कि तुम लोगों का माबूद बस यकता खुदा है तो क्या तुम (उसके) फरमाबरदार बन्दे बनते हो

M Mishary Rashid Alafasy ✓
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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • يُوحَىٰ (वह्य की जाती है) — अल्लाह की ओर से भेजी गई प्रेरणा।
  • إِلَٰهٌ وَاحِدٌ (एक अकेला पूज्य) — जो सभी प्रकार की पूजा के योग्य हो, उसका कोई साझीदार न हो।
  • مُسْلِمُونَ (आज्ञाकारी) — अल्लाह के आगे पूर्ण समर्पण करने वाले।

तफ़सीर (व्याख्या):

ऐ नबी! आप कह दीजिए कि मेरी ओर जो वह्य (प्रेरणा) भेजी जाती है, उसका सार और मूल संदेश यही है कि तुम्हारा सच्चा पूज्य केवल एक ही है — वह अल्लाह है, जो हर कमी और दोष से पाक है, उसका कोई साझीदार नहीं, न कोई उसके समान है। यही वह सत्य है जिसे लेकर सभी नबी आए और यही वह आधार है जिस पर पूरा इस्लाम खड़ा है। अतः इस एक सत्य को स्वीकार करो, उसके आगे सिर झुकाओ, और अपने जीवन को उसकी आज्ञा के अनुसार ढाल लो। यह प्रश्न वास्तव में एक दयालु निमंत्रण है — क्या तुम अल्लाह के आज्ञाकारी बनोगे? यह आज्ञाकारिता ही तुम्हारी सफलता की कुंजी है, जो तुम्हें शांति, संतोष और अनंत सुख की ओर ले जाती है। अल्लाह की ओर से यह सबसे बड़ी रहमत है कि उसने तुम्हें सीधा रास्ता दिखाया — बस इस नेमत को क़द्र कीजिए और उसकी ओर पूरे दिल से लौट आइए।



📜 आयत 106-110 — सूरा अल-अंबिया

106إِنَّ فِي هَٰذَا لَبَلَاغًا لِّقَوْمٍ عَابِدِينَ
इसमें शक नहीं कि इसमें इबादत करने वालों के लिए (एहकामें खुदा की) तबलीग़ है
107وَمَا أَرْسَلْنَاكَ إِلَّا رَحْمَةً لِّلْعَالَمِينَ
और (ऐ रसूल) हमने तो तुमको सारे दुनिया जहाँन के लोगों के हक़ में अज़सरतापा रहमत बनाकर भेजा
108قُلْ إِنَّمَا يُوحَىٰ إِلَيَّ أَنَّمَا إِلَٰهُكُمْ إِلَٰهٌ وَاحِدٌ ۖ فَهَلْ أَنتُم مُّسْلِمُونَ
तुम कह दो कि मेरे पास तो बस यही ''वही'' आई है कि तुम लोगों का माबूद बस यकता खुदा है तो क्या तुम (उसके) फरमाबरदार बन्दे बनते हो
109فَإِن تَوَلَّوْا فَقُلْ آذَنتُكُمْ عَلَىٰ سَوَاءٍ ۖ وَإِنْ أَدْرِي أَقَرِيبٌ أَم بَعِيدٌ مَّا تُوعَدُونَ
फिर अगर ये लोग (उस पर भी) मुँह फेरें तो तुम कह दो कि मैंने तुम सबको यकसाँ ख़बर कर दी है और मैं नहीं जानता कि जिस (अज़ाब) का तुमसे वायदा किया गया है क़रीब आ पहुँचा या (अभी) दूर है
110إِنَّهُ يَعْلَمُ الْجَهْرَ مِنَ الْقَوْلِ وَيَعْلَمُ مَا تَكْتُمُونَ
इसमें शक नहीं कि वह उस बात को भी जानता है जो पुकार कर कही जाती है और जिसे तुम लोग छिपाते हो उससे भी खूब वाक़िफ है
अल-अंबियाकुरान सूची
112आयत
मक्कीअवतरण स्थान
108आयत

अनुवाद — अल-अंबिया 108

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Sunday, October 11, 2026

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