अल-अंबिया · 58/112
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-अंबिया
فَجَعَلَهُمْ جُذَاذًا إِلَّا كَبِيرًا لَّهُمْ لَعَلَّهُمْ إِلَيْهِ يَرْجِعُونَ ۝٥٨
Faja`alahum juzaazan illaa kabeeral lahum la`allahum ilaihi yarji`oon
📖 हिंदी अर्थ
चुनान्चे इबराहीम ने उन बुतों को (तोड़कर) चकनाचूर कर डाला मगर उनके बड़े बुत को (इसलिए रहने दिया) ताकि ये लोग ईद से पलटकर उसकी तरफ रूजू करें

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • جُذَاذًا (जुज़ाज़न): टुकड़े-टुकड़े, चूर-चूर
  • كَبِيرًا (कबीरन): बड़ा (मूर्ति)
  • يَرْجِعُونَ (यरजिऊन): वापस लौटें

तफ़सीर (व्याख्या):

हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम ने जब अपनी क़ौम को बुत-परस्ती से बाज़ आने की दावत दी, लेकिन उन्होंने न माना, तो अल्लाह के नबी ने उन्हें एक सबक़ सिखाने का फ़ैसला किया। उन्होंने अवसर देखकर सभी छोटी मूर्तियों को टुकड़े-टुकड़े कर दिया, लेकिन सबसे बड़ी मूर्ति को वैसे ही छोड़ दिया, और उसके गले में कुल्हाड़ी लटका दी। यह काम उन्होंने इस हिकमत से किया ताकि जब क़ौम वापस आए और यह मंज़र देखे, तो वे उस बड़ी मूर्ति की तरफ रुजू करें और उससे पूछें कि यह किसने किया?

यह एक बेहद समझदारी भरा उपाय था। जब लोगों ने अपनी मूर्तियों को चूर-चूर देखा, तो वे हैरान और ग़ुस्से में आ गए और उस बड़ी मूर्ति के पास आकर पूछने लगे। इस तरह हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम ने उन्हें उनके ही देवताओं के सामने लज्जित किया और यह साबित कर दिया कि ये मूर्तियाँ न तो अपनी हिफ़ाज़त कर सकती हैं और न ही किसी को नुक़्सान पहुँचा सकती हैं। यह उनके लिए एक बड़ी हुज्जत (प्रमाण) थी कि जो खुद अपनी रक्षा नहीं कर सकते, वे किसी की इबादत के लायक़ कैसे हो सकते हैं?

इस घटना में हमारे लिए बड़ी सीख है कि हमें अपनी आँखें खोलकर देखना चाहिए कि क्या सच्ची इबादत के लायक़ है। अल्लाह तआला ही वह हस्ती है जो सब कुछ सुनता, देखता और कर सकता है। वही हमारी मदद कर सकता है, वही हमें रिज़्क़ देता है, वही हमें माफ़ी दे सकता है। इसलिए हमें अपनी ज़िंदगी में किसी को भी अल्लाह का शरीक नहीं बनाना चाहिए, बल्कि सिर्फ़ उसी की इबादत करनी चाहिए और उसी से मदद माँगनी चाहिए। यही वह पैग़ाम है जो हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम ने अपनी क़ौम को दिया और यही पैग़ाम हम तक भी पहुँचता है।



📜 आयत 56-60 — सूरा अल-अंबिया

56قَالَ بَل رَّبُّكُمْ رَبُّ السَّمَاوَاتِ وَالْأَرْضِ الَّذِي فَطَرَهُنَّ وَأَنَا عَلَىٰ ذَٰلِكُم مِّنَ الشَّاهِدِينَ
इबराहीम ने कहा मज़ाक नहीं ठीक कहता हूँ कि तुम्हारे माबूद व बुत नहीं बल्कि तुम्हारा परवरदिगार आसमान व ज़मीन का मालिक है जिसने उनको पैदा किया और मैं खुद इस बात का तुम्हारे सामने गवाह हूँ
57وَتَاللَّهِ لَأَكِيدَنَّ أَصْنَامَكُم بَعْدَ أَن تُوَلُّوا مُدْبِرِينَ
और अपने जी में कहा खुदा की क़सम तुम्हारे पीठ फेरने के बाद में तुम्हारे बुतों के साथ एक चाल चलूँगा
58فَجَعَلَهُمْ جُذَاذًا إِلَّا كَبِيرًا لَّهُمْ لَعَلَّهُمْ إِلَيْهِ يَرْجِعُونَ
चुनान्चे इबराहीम ने उन बुतों को (तोड़कर) चकनाचूर कर डाला मगर उनके बड़े बुत को (इसलिए रहने दिया) ताकि ये लोग ईद से पलटकर उसकी तरफ रूजू करें
59قَالُوا مَن فَعَلَ هَٰذَا بِآلِهَتِنَا إِنَّهُ لَمِنَ الظَّالِمِينَ
(जब कुफ्फ़ार को मालूम हुआ) तो कहने लगे जिसने ये गुस्ताख़ी हमारे माबूदों के साथ की है उसने यक़ीनी बड़ा ज़ुल्म किया
60قَالُوا سَمِعْنَا فَتًى يَذْكُرُهُمْ يُقَالُ لَهُ إِبْرَاهِيمُ
(कुछ लोग) कहने लगे हमने एक नौजवान को जिसको लोग इबराहीम कहते हैं उन बुतों का (बुरी तरह) ज़िक्र करते सुना था
अल-अंबियाकुरान सूची
112आयत
मक्कीअवतरण स्थान
58आयत

अनुवाद — अल-अंबिया 58

सूरा अल-अंबिया आयत 58 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : चुनान्चे इबराहीम ने उन बुतों को (तोड़कर) चकनाचूर कर डाला…

सूरा आयत 58/112 — सूरा अल-अंबिया الأنبياء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अंबिया सुनें, सूरा अल-अंबिया अनुवाद, सूरा अल-अंबिया mp3, सूरा अल-अंबिया pdf. आयत 56–60. हिंदी अर्थ: اردو.





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Saturday, October 3, 2026

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