Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أُمَّتُكُمْ (उम्मतुकुम): यहाँ 'उम्मत' का अर्थ 'मिल्लत' अर्थात धर्म और पंथ है।
- أُمَّةً وَاحِدَةً (उम्मतन वाहिदह): एक ही धर्म, एक ही पंथ।
- فَاعْبُدُونِ (फ़ा'बुदून): तो मेरी ही इबादत करो।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में अपने सभी नबियों और रसूलों के मार्ग को एक ही बताते हुए फ़रमाते हैं कि यह तुम्हारा धर्म वास्तव में एक ही धर्म है। आदम अलैहिस्सलाम से लेकर मुहम्मद ﷺ तक, सभी नबियों का संदेश और उनकी शिक्षा एक ही थी — अल्लाह की एकता (तौहीद) और उसकी इबादत। इस्लाम ही वह एकमात्र धर्म है जिसे अल्लाह ने अपने सभी नबियों के माध्यम से मानवता के लिए चुना। यहाँ अल्लाह तआला स्पष्ट कर रहे हैं कि इस्लाम के अलावा कोई दूसरा धर्म स्वीकार्य नहीं है, और जो भी व्यक्ति इस एक धर्म को अपनाएगा, वही सच्चाई पर है।
फिर अल्लाह तआला फ़रमाते हैं: "और मैं तुम्हारा रब हूँ, अतः तुम मेरी ही इबादत करो।" यानी सारी सृष्टि का पालनहार, रिज़्क़ देने वाला, जीवन और मृत्यु का स्वामी केवल अल्लाह ही है। जब वही तुम्हारा रब है, तो इबादत भी उसी की होनी चाहिए। इबादत का अर्थ केवल नमाज़ और रोज़ा ही नहीं, बल्कि पूर्ण आज्ञाकारिता, प्रेम, भय, आशा और अपने जीवन के हर पहलू को अल्लाह के आदेशों के अनुसार ढालना है। किसी और को इबादत में शामिल करना, चाहे वह नबी हो या फरिश्ता या कोई और, शिर्क है और अल्लाह शिर्क को कभी क्षमा नहीं करता।
यह आयत मुसलमानों के लिए एकता और भाईचारे का संदेश भी देती है। जब सभी नबियों का धर्म एक है, तो उनके अनुयायियों को भी एक होना चाहिए। आज मुस्लिम उम्मत में जो फूट और विभाजन है, वह इस आयत के विपरीत है। हमें चाहिए कि हम अपने मतभेदों को भुलाकर उस एक धर्म पर चलें जो अल्लाह ने हमें दिया है।
दावती पहलू:
यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह का दीन कितना सरल और एक है। कोई जटिलता नहीं, कोई कठिनाई नहीं। बस एक अल्लाह की इबादत करो, उसी से डरो, उसी से उम्मीद रखो, और उसी के बताए रास्ते पर चलो। यही सच्ची सफलता है। जो व्यक्ति इस एक धर्म को अपना लेता है, वह दुनिया में चैन और आख़िरत में कामयाबी पाता है। अल्लाह तआला ने हम पर यह अहसान किया है कि हमें यह एक धर्म दिया, और हमें चाहिए कि हम इस नेमत की क़द्र करें और इसे दूसरों तक पहुँचाएँ। याद रखें, जिसने इस एक धर्म को छोड़ा, उसने अपना नुक़सान किया, और जिसने इसे थामा, उसने सब कुछ पा लिया।
📜 आयत 90-94 — सूरा अल-अंबिया
अनुवाद — अल-अंबिया 92
सूरा अल-अंबिया आयत 92 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : बेशक ये तुम्हारा दीन (इस्लाम) एक ही दीन है और…सूरा आयत 92/112 — सूरा अल-अंबिया الأنبياء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अंबिया सुनें, सूरा अल-अंबिया अनुवाद, सूरा अल-अंबिया mp3, सूरा अल-अंबिया pdf. आयत 90–94. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-अंबिया
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


