अल-अंबिया · 92/112
अनुवाद उच्चारण — अल-अंबिया
إِنَّ هَٰذِهِ أُمَّتُكُمْ أُمَّةً وَاحِدَةً وَأَنَا رَبُّكُمْ فَاعْبُدُونِ ۝٩٢
Inna haaziheee ummatukum ummatanw waahidatanw wa Ana Rabbukum fa`budoon
📖 हिंदी अर्थ
बेशक ये तुम्हारा दीन (इस्लाम) एक ही दीन है और मैं तुम्हारा परवरदिगार हूँ तो मेरी ही इबादत करो

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अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • أُمَّتُكُمْ (उम्मतुकुम): यहाँ 'उम्मत' का अर्थ 'मिल्लत' अर्थात धर्म और पंथ है।
  • أُمَّةً وَاحِدَةً (उम्मतन वाहिदह): एक ही धर्म, एक ही पंथ।
  • فَاعْبُدُونِ (फ़ा'बुदून): तो मेरी ही इबादत करो।

तफ़सीर (व्याख्या):

अल्लाह तआला इस आयत में अपने सभी नबियों और रसूलों के मार्ग को एक ही बताते हुए फ़रमाते हैं कि यह तुम्हारा धर्म वास्तव में एक ही धर्म है। आदम अलैहिस्सलाम से लेकर मुहम्मद ﷺ तक, सभी नबियों का संदेश और उनकी शिक्षा एक ही थी — अल्लाह की एकता (तौहीद) और उसकी इबादत। इस्लाम ही वह एकमात्र धर्म है जिसे अल्लाह ने अपने सभी नबियों के माध्यम से मानवता के लिए चुना। यहाँ अल्लाह तआला स्पष्ट कर रहे हैं कि इस्लाम के अलावा कोई दूसरा धर्म स्वीकार्य नहीं है, और जो भी व्यक्ति इस एक धर्म को अपनाएगा, वही सच्चाई पर है।

फिर अल्लाह तआला फ़रमाते हैं: "और मैं तुम्हारा रब हूँ, अतः तुम मेरी ही इबादत करो।" यानी सारी सृष्टि का पालनहार, रिज़्क़ देने वाला, जीवन और मृत्यु का स्वामी केवल अल्लाह ही है। जब वही तुम्हारा रब है, तो इबादत भी उसी की होनी चाहिए। इबादत का अर्थ केवल नमाज़ और रोज़ा ही नहीं, बल्कि पूर्ण आज्ञाकारिता, प्रेम, भय, आशा और अपने जीवन के हर पहलू को अल्लाह के आदेशों के अनुसार ढालना है। किसी और को इबादत में शामिल करना, चाहे वह नबी हो या फरिश्ता या कोई और, शिर्क है और अल्लाह शिर्क को कभी क्षमा नहीं करता।

यह आयत मुसलमानों के लिए एकता और भाईचारे का संदेश भी देती है। जब सभी नबियों का धर्म एक है, तो उनके अनुयायियों को भी एक होना चाहिए। आज मुस्लिम उम्मत में जो फूट और विभाजन है, वह इस आयत के विपरीत है। हमें चाहिए कि हम अपने मतभेदों को भुलाकर उस एक धर्म पर चलें जो अल्लाह ने हमें दिया है।

दावती पहलू:

यह आयत हमें बताती है कि अल्लाह का दीन कितना सरल और एक है। कोई जटिलता नहीं, कोई कठिनाई नहीं। बस एक अल्लाह की इबादत करो, उसी से डरो, उसी से उम्मीद रखो, और उसी के बताए रास्ते पर चलो। यही सच्ची सफलता है। जो व्यक्ति इस एक धर्म को अपना लेता है, वह दुनिया में चैन और आख़िरत में कामयाबी पाता है। अल्लाह तआला ने हम पर यह अहसान किया है कि हमें यह एक धर्म दिया, और हमें चाहिए कि हम इस नेमत की क़द्र करें और इसे दूसरों तक पहुँचाएँ। याद रखें, जिसने इस एक धर्म को छोड़ा, उसने अपना नुक़सान किया, और जिसने इसे थामा, उसने सब कुछ पा लिया।



📜 आयत 90-94 — अल-अंबिया

90فَاسْتَجَبْنَا لَهُ وَوَهَبْنَا لَهُ يَحْيَىٰ وَأَصْلَحْنَا لَهُ زَوْجَهُ ۚ إِنَّهُمْ كَانُوا يُسَارِعُونَ فِي الْخَيْرَاتِ وَيَدْعُونَنَا رَغَبًا وَرَهَبًا ۖ وَكَانُوا لَنَا خَاشِعِينَ
तो हमने उनकी दुआ सुन ली और उन्हें यहया सा बेटा अता किया और हमने उनके लिए उनकी बीबी को अच्छी बता दिया इसमें शक नहीं कि ये सब नेक कामों में जल्दी करते थे और हमको बड़ी रग़बत और ख़ौफ के साथ पुकारा करते थे और हमारे आगे गिड़गिड़ाया करते थे
91وَالَّتِي أَحْصَنَتْ فَرْجَهَا فَنَفَخْنَا فِيهَا مِن رُّوحِنَا وَجَعَلْنَاهَا وَابْنَهَا آيَةً لِّلْعَالَمِينَ
और (ऐ रसूल) उस बीबी को (याद करो) जिसने अपनी अज़मत की हिफाज़त की तो हमने उन (के पेट) में अपनी तरफ से रूह फूँक दी और उनको और उनके बेटे (ईसा) को सारे जहाँन के वास्ते (अपनी क़ुदरत की) निशानी बनाया
92إِنَّ هَٰذِهِ أُمَّتُكُمْ أُمَّةً وَاحِدَةً وَأَنَا رَبُّكُمْ فَاعْبُدُونِ
बेशक ये तुम्हारा दीन (इस्लाम) एक ही दीन है और मैं तुम्हारा परवरदिगार हूँ तो मेरी ही इबादत करो
93وَتَقَطَّعُوا أَمْرَهُم بَيْنَهُمْ ۖ كُلٌّ إِلَيْنَا رَاجِعُونَ
और लोगों ने बाहम (इख़तेलाफ़ करके) अपने दीन को टुकड़े -टुकड़े कर डाला (हालाँकि) वह सब के सब हिरफिर के हमारे ही पास आने वाले हैं
94فَمَن يَعْمَلْ مِنَ الصَّالِحَاتِ وَهُوَ مُؤْمِنٌ فَلَا كُفْرَانَ لِسَعْيِهِ وَإِنَّا لَهُ كَاتِبُونَ
(उस वक्त फ़ैसला हो जाएगा कि) तो जो शख्स अच्छे-अच्छे काम करेगा और वह ईमानवाला भी हो तो उसकी कोशिश अकारत न की जाएगी और हम उसके आमाल लिखते जाते हैं
अल-अंबियाकुरान सूची
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मक्कीRevelation
92आयत

अनुवाद — अल-अंबिया 92

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Tuesday, August 18, 2026

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