अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَحْصَنَتْ فَرْجَهَا: अपनी पवित्रता की रक्षा की, अपने को हराम से बचाए रखा।
- فَنَفَخْنَا فِيهَا مِن رُّوحِنَا: हमने उसमें अपनी रूह (जिब्रील अलैहिस्सलाम) फूँकी, यानी जिब्रील के ज़रिए रूह पहुँचाई।
- آيَةً لِّلْعَالَمِينَ: सारे जहान के लिए निशानी और सबक।
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ नबी! आप उस औरत (मरियम बिन्त इमरान) का ज़िक्र कीजिए जिसने अपनी इज़्ज़त और पाकदामनी की हिफ़ाज़त की, और कभी किसी नाजायज़ काम के क़रीब नहीं गई। जब अल्लाह ने चाहा, तो उसके पास जिब्रील अमीन को भेजा, जिन्होंने उसके कुर्ते के गरेबान में फूँक मारी, और यह फूँक उसके रहम तक पहुँची। इसी फूँक से अल्लाह की क़ुदरत से मरियम के पेट में ईसा अलैहिस्सलाम पैदा हुए — बिना किसी बाप के। यह अल्लाह का एक अज़ीम मोजिज़ा था कि एक पाकदामन लड़की ने बिना शादी के बच्चे को जन्म दिया। अल्लाह ने मरियम और उनके बेटे ईसा को सारे जहान के लिए एक निशानी बनाया — यानी उनकी यह कहानी क़यामत तक के लिए अल्लाह की क़ुदरत का सबूत है कि वह जो चाहता है, पैदा कर सकता है। जिस तरह आदम को बिना माँ-बाप के पैदा किया, हव्वा को बिना माँ के, और ईसा को बिना बाप के — तो क्या अल्लाह के लिए मुर्दों को ज़िंदा करना या क़यामत के दिन सबको दोबारा उठाना मुश्किल है? हरगिज़ नहीं!
दावती पहलू:
इस आयत में हमारे लिए बड़ी सीख है कि पाकदामनी और इज़्ज़त की हिफ़ाज़त अल्लाह को बेहद पसंद है। मरियम ने अपनी पवित्रता की रक्षा की, तो अल्लाह ने उन्हें इतना बुलंद मुक़ाम दिया कि उनके बेटे को नबी बनाया और उन्हें सारे जहान के लिए निशानी बना दिया। आज हमें भी चाहिए कि अपनी इज़्ज़त, अपने अख़लाक़ और अपने दिल को हर गुनाह से बचाए रखें — अल्लाह उसी को इज़्ज़त देता है जो उसकी राह में सब्र और परहेज़गारी अपनाए। यह कहानी हमें यह भी सिखाती है कि अल्लाह की क़ुदरत के आगे कोई चीज़ मुश्किल नहीं — वह जब चाहता है, किसी भी तरह से अपना काम कर देता है। इसलिए हमें उस पर पूरा भरोसा रखना चाहिए और उसकी रहमत से कभी निराश नहीं होना चाहिए। यह आयत हमें ईसा अलैहिस्सलाम की तौहीद और रिसालत पर ईमान लाने की भी तरग़ीब देती है, क्योंकि वह अल्लाह के बंदे और रसूल थे, न कि अल्लाह के बेटे — जैसा कि कुछ लोग ग़लत कहते हैं। अल्लाह हर ऐब से पाक है, और उसकी शान उसके बंदों की शान से बिल्कुल अलग है।
📜 आयत 89-93 — अल-अंबिया
अनुवाद — अल-अंबिया 91
सूरा अल-अंबिया आयत 91 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (ऐ रसूल) उस बीबी को (याद करो) जिसने अपनी…सूरा आयत 91/112 — अल-अंबिया الأنبياء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अंबिया सुनें, अल-अंबिया अनुवाद, अल-अंबिया mp3, अल-अंबिया pdf. आयत 89–93. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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