अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- يُدَافِعُ: बचाव करता है, टालता है।
- خَوَّانٍ: बहुत अधिक ख़यानत करने वाला, विश्वासघाती।
- كَفُورٍ: अत्यधिक कृतघ्न, नेमतों का इनकार करने वाला।
तफ़सीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला अपने ईमानवाले बंदों पर अपनी विशेष कृपा और सुरक्षा प्रदान करता है। वह उनसे दुश्मनों के हमलों, साज़िशों और बुराइयों को दूर करता है। यह अल्लाह का वादा है कि वह मोमिनों की हिफ़ाज़त करता है, चाहे दुश्मन कितने भी ताकतवर क्यों न हों। यह सुरक्षा अल्लाह की ओर से उनके ईमान और उसकी राह में उनके संघर्ष का प्रतिफल है।
अल्लाह तआला ने यह भी बताया कि वह उन लोगों को पसंद नहीं करता जो ख़यानत (विश्वासघात) करते हैं और उसकी नेमतों का इनकार करते हैं। ऐसे लोग अल्लाह की रहमत से दूर होते हैं और उसकी नाराज़गी के पात्र बनते हैं। ख़यानत का अर्थ है अमानत में धोखा देना, और कुफ़्रान का अर्थ है अल्लाह की नेमतों को न पहचानना और उनका शुक्र न करना।
यह आयत मोमिनों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है कि अल्लाह उनकी हिफ़ाज़त करता है। जब अल्लाह किसी की सुरक्षा करता है, तो कोई ताकत उसे नुकसान नहीं पहुंचा सकती। इसलिए ईमानवालों को चाहिए कि वे अल्लाह पर भरोसा रखें, उसकी आज्ञाओं का पालन करें और उसकी नेमतों के लिए शुक्र अदा करें। जो लोग अल्लाह की नेमतों को भूलकर उसकी नाफ़रमानी करते हैं, वे अपना नुकसान खुद करते हैं। अल्लाह उन्हें पसंद नहीं करता, बल्कि उनसे दूर रहता है।
यह आयत हमें सिखाती है कि ईमान और अच्छे आचरण के साथ जीवन जीने से अल्लाह की सुरक्षा मिलती है। जो लोग अल्लाह की राह में सब्र और स्थिरता दिखाते हैं, अल्लाह उनके दुश्मनों की साज़िशों को नाकाम करता है। यह एक ऐसा वादा है जो कभी टूटता नहीं, क्योंकि अल्लाह अपने वादों का पक्का है।
📜 आयत 36-40 — अल-हज
अनुवाद — अल-हज 38
सूरा अल-हज आयत 38 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (ऐ रसूल) नेकी करने वालों को (हमेशा की) ख़ुशख़बरी…सूरा आयत 38/78 — अल-हज الحج (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-हज सुनें, अल-हज अनुवाद, अल-हज mp3, अल-हज pdf. आयत 36–40. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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