अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- الصُّور (अस-सूर): यह एक सींग (नरसिंगा) है, जिसमें इसराफील (अलैहिस्सलाम) फूँक मारेंगे। यह क़यामत के आने और मुर्दों के जीवित होने का ऐलान होगा।
- أَنسَاب (अंसाब): ख़ानदानी रिश्ते, वंशावली और नस्ली संबंध, जिन पर लोग दुनिया में फ़ख़्र (गर्व) किया करते थे।
- يَتَسَاءَلُونَ (यतसाअलून): एक दूसरे से पूछताछ करना, हालचाल लेना या कोई सवाल-जवाब करना।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब क़यामत का दिन आएगा और इसराफील (अलैहिस्सलाम) सूर (नरसिंगा) में फूँक मारेंगे, और सारे लोग अपनी क़ब्रों से उठ खड़े होंगे, तो उस वक़्त हालात बिल्कुल बदल जाएँगे। दुनिया में लोग अपने ख़ानदान, नस्ल, रिश्तों और बड़े-बड़े नामों पर फ़ख़्र किया करते थे, किसी को अपना रिश्तेदार समझकर उस पर इतराते थे और किसी को कमतर समझकर उससे दूर भागते थे। लेकिन उस दिन यह सब कुछ मिट जाएगा। वहाँ न कोई किसी के ख़ानदान को देखेगा, न किसी की नस्ल को, न किसी के रिश्ते को। हर इंसान सिर्फ़ अपने आप में मशग़ूल होगा, अपने अंजाम की फ़िक्र में डूबा होगा।
उस दिन न कोई किसी से पूछताछ करेगा, न कोई किसी का हाल लेगा, न कोई किसी से कोई सवाल करेगा। हर शख्स अपने ही दुख-दर्द, अपनी ही मुसीबत और अपने ही अंजाम में इतना गर्क होगा कि उसे अपने सबसे करीबी लोगों की भी परवाह न होगी। माँ बच्चों को भूल जाएगी, बाप बेटों को, भाई भाई को, और दोस्त दोस्त को। यहाँ तक कि क़ुरआन में बताया गया है कि उस दिन इंसान अपने भाई, अपनी माँ, अपने बाप, अपनी बीवी और अपनी औलाद से भागेगा, क्योंकि हर किसी को अपनी ही फ़िक्र लगी होगी।
यह बात हमारे लिए एक बहुत बड़ी नसीहत है। दुनिया में हम जिन चीज़ों पर इतना नाज़ करते हैं — हमारा ख़ानदान, हमारी नस्ल, हमारे रिश्ते, हमारे दोस्त — यह सब कुछ उस दिन काम न आएगा। वहाँ सिर्फ़ और सिर्फ़ हमारे अमल (कर्म) काम आएँगे। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपनी ज़िंदगी में उन चीज़ों पर ध्यान दें जो उस दिन हमारे काम आएँगी — नेकी, ईमान, अच्छे आचरण, अल्लाह की इबादत और उसकी रज़ा की तलब। यही वह पूँजी है जो उस बड़े दिन हमारी मदद करेगी, जब कोई रिश्ता, कोई नस्ल और कोई दोस्ती काम न आएगी।
अल्लाह हम सबको उस दिन की फ़िक्र करने और उसके लिए तैयारी करने की तौफ़ीक़ अता फ़रमाए। आमीन।
📜 आयत 99-103 — अल-मोमिनुन
अनुवाद — अल-मोमिनुन 101
सूरा अल-मोमिनुन आयत 101 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (जहाँ) क़ब्रों से उठाए जाएँगें (रहना होगा) फिर जिस वक्त…सूरा आयत 101/118 — अल-मोमिनुन المؤمنون (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मोमिनुन सुनें, अल-मोमिनुन अनुवाद, अल-मोमिनुन mp3, अल-मोमिनुन pdf. आयत 99–103. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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