अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- तूरे सीना (طور سيناء): पवर्त सीना, जो मिस्र और हिजाज़ के बीच स्थित एक बरकत वाला पहाड़ है।
- तनबुतु बिद्दुह्नि (تنبت بالدهن): यानी वह पेड़ ऐसा है जिसके फल से तेल (दहन) निकलता है।
- सिब्ग़ (صبغ): इसका अर्थ है सालन या चटनी, जिसमें रोटी डुबोकर खाई जाती है। यहाँ मुराद ज़ैतून का तेल है जो खाने के साथ सालन के रूप में इस्तेमाल होता है।
तफ़सीर:
अल्लाह तआला ने इस आयत में अपनी एक और बड़ी नेमत का ज़िक्र फ़रमाया है। उसने बारिश के पानी के ज़रिए "ज़ैतून का पेड़" उगाया, जो "तूरे सीना" (पवर्त सीना) के इलाक़े में पैदा होता है। यह वही मुबारक पहाड़ है जहाँ अल्लाह ने हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) से कलाम किया था। यह पेड़ अपने अंदर कई बरकतें रखता है — उसके फल से तेल निकलता है, जिसे लोग इस्तेमाल करते हैं। यह तेल दो काम आता है: एक तो उसे शरीर पर मलते हैं (दहन के लिए), और दूसरे उसे खाने के साथ सालन के रूप में इस्तेमाल करते हैं, यानी रोटी को उसमें डुबोकर खाते हैं।
यह अल्लाह की कुदरत का अजीबो-ग़रीब नमूना है कि एक ही पेड़ से इंसान को रोशनी (चिराग़ जलाने के लिए तेल), शरीर की देखभाल (मालिश), और खाने का ज़ायक़ा (सालन) — तीनों चीज़ें मिलती हैं। अल्लाह ने यह सब इंसान की आसानी और भलाई के लिए पैदा किया, ताकि वह अपने रब की नेमतों को पहचाने और उसका शुक्र अदा करे।
दावती पहलू:
प्यारे भाइयों और बहनों! ज़रा ग़ौर कीजिए — अल्लाह तआला ने एक साधारण से पेड़ में इतनी बरकतें रख दीं कि उससे इंसान की ज़िंदगी के कई ज़रूरी काम चल जाते हैं। यही अल्लाह की रहमत और कुदरत की निशानी है। जब हम ज़ैतून का तेल इस्तेमाल करते हैं, तो हमें याद रखना चाहिए कि यह अल्लाह की देन है, और उसका शुक्र अदा करना चाहिए। यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की नेमतें अनगिनत हैं, और हर नेमत में इंसान के लिए भलाई और आराम है। अगर हम इन नेमतों पर ग़ौर करें, तो हमारा ईमान मज़बूत होगा और अल्लाह की मुहब्बत दिल में बढ़ेगी। इसलिए हमें चाहिए कि अल्लाह की इन नेमतों का सही इस्तेमाल करें और उसकी इबादत में अपनी ज़िंदगी गुज़ारें।
📜 आयत 18-22 — अल-मोमिनुन
अनुवाद — अल-मोमिनुन 20
सूरा अल-मोमिनुन आयत 20 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (हम ही ने ज़ैतून का) दरख्त (पैदा किया) जो…सूरा आयत 20/118 — अल-मोमिनुन المؤمنون (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-मोमिनुन सुनें, अल-मोमिनुन अनुवाद, अल-मोमिनुन mp3, अल-मोमिनुन pdf. आयत 18–22. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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