अल-मोमिनुन · 21/118
अनुवाद उच्चारण — अल-मोमिनुन
وَإِنَّ لَكُمْ فِي الْأَنْعَامِ لَعِبْرَةً ۖ نُّسْقِيكُم مِّمَّا فِي بُطُونِهَا وَلَكُمْ فِيهَا مَنَافِعُ كَثِيرَةٌ وَمِنْهَا تَأْكُلُونَ ۝٢١
Wa inna lakum fil an`aami la`ibrah; nusqeekum mimmaa fee butoonihaa wa lakum feehaa manaafi`u kaseeratunw wa minhaa taakuloon
📖 हिंदी अर्थ
और उसमें भी शक नहीं कि तुम्हारे वास्ते चौपायों में भी इबरत की जगह है और (ख़ाक बला) जो कुछ उनके पेट में है उससे हम तुमको दूध पिलाते हैं और जानवरों में तो तुम्हारे और भी बहुत से फायदे हैं और उन्हीं में से बाज़ तुम खाते हो
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दार्थ:

  • الْأَنْعَامِ: ऊँट, गाय, भेड़-बकरी (चौपाये जानवर)
  • لَعِبْرَةً: एक बड़ी सीख और शिक्षा लेने की जगह
  • نُسْقِيكُم: हम तुम्हें पिलाते हैं
  • مَنَافِعُ: लाभ और फ़ायदे

तफ़सीर:

ऐ लोगों! अल्लाह तआला ने इन चौपायों (ऊँट, गाय, भेड़-बकरी) में तुम्हारे लिए एक बहुत बड़ी सीख रखी है। ज़रा सोचो—जिस जानवर का खून और गोश्त लाल होता है, उसी के पेट से शुद्ध, सफेद और स्वादिष्ट दूध निकलता है, जो पीने वालों के लिए बिल्कुल साफ और पाक होता है। यह अल्लाह की कुदरत का अद्भुत नमूना है कि वह हरे-भरे चरागाहों में चरने वाले इन जानवरों के पेट से ऐसा पेय पदार्थ निकालता है जो बच्चों से लेकर बूढ़ों तक सबके लिए पौष्टिक और लाभदायक है।

इसके अलावा, इन जानवरों में तुम्हारे लिए और भी बहुत से फ़ायदे रखे गए हैं—उनके ऊन, बाल और रोएँ से तुम कपड़े और गर्म वस्त्र बनाते हो, उनकी खाल से तुम्हारे घर की ज़रूरतें पूरी होती हैं, उन पर सवारी करते हो और बोझ ढोते हो। और उनके गोश्त से तुम्हारी रोज़ी का इंतज़ाम होता है। यानी इन जानवरों का हर हिस्सा तुम्हारे किसी न किसी काम आता है।

यह सब कुछ अल्लाह की रहमत और उसकी कुदरत की निशानियाँ हैं। जब तुम सुबह दूध पीते हो, जब तुम गोश्त खाते हो, जब तुम ऊनी कपड़े पहनते हो—तो याद करो कि यह सब उसी अल्लाह का एहसान है जिसने यह सब तुम्हारे लिए पैदा किया। क्या ऐसा करने वाला अल्लाह शुक्र का हक़दार नहीं? क्या उसकी इबादत के बजाय किसी और की पूजा करना उचित है?

यह आयत हमें सिखाती है कि अपने आस-पास की चीज़ों पर ग़ौर करें, क्योंकि हर चीज़ में अल्लाह की कुदरत का सबूत छिपा है। जो इंसान इन निशानियों पर विचार करता है, उसका ईमान मज़बूत होता है और वह अल्लाह का शुक्रिया अदा करने वाला बनता है। अल्लाह ने यह सब कुछ हमारी भलाई के लिए बनाया है, और यही उसकी महान दया और प्रेम का प्रमाण है।

🎧 सुनें

📜 आयत 19-23 — अल-मोमिनुन

19فَأَنشَأْنَا لَكُم بِهِ جَنَّاتٍ مِّن نَّخِيلٍ وَأَعْنَابٍ لَّكُمْ فِيهَا فَوَاكِهُ كَثِيرَةٌ وَمِنْهَا تَأْكُلُونَ
फिर हमने उस पानी से तुम्हारे वास्ते खजूरों और अंगूरों के बाग़ात बनाए कि उनमें तुम्हारे वास्ते (तरह तरह के) बहुतेरे मेवे (पैदा होते) हैं उनमें से बाज़ को तुम खाते हो
20وَشَجَرَةً تَخْرُجُ مِن طُورِ سَيْنَاءَ تَنبُتُ بِالدُّهْنِ وَصِبْغٍ لِّلْآكِلِينَ
और (हम ही ने ज़ैतून का) दरख्त (पैदा किया) जो तूरे सैना (पहाड़) में (कसरत से) पैदा होता है जिससे तेल भी निकलता है और खाने वालों के लिए सालन भी है
21وَإِنَّ لَكُمْ فِي الْأَنْعَامِ لَعِبْرَةً ۖ نُّسْقِيكُم مِّمَّا فِي بُطُونِهَا وَلَكُمْ فِيهَا مَنَافِعُ كَثِيرَةٌ وَمِنْهَا تَأْكُلُونَ
और उसमें भी शक नहीं कि तुम्हारे वास्ते चौपायों में भी इबरत की जगह है और (ख़ाक बला) जो कुछ उनके पेट में है उससे हम तुमको दूध पिलाते हैं और जानवरों में तो तुम्हारे और भी बहुत से फायदे हैं और उन्हीं में से बाज़ तुम खाते हो
22وَعَلَيْهَا وَعَلَى الْفُلْكِ تُحْمَلُونَ
और उन्हें जानवरों और कश्तियों पर चढे चढ़े फिरते भी हो
23وَلَقَدْ أَرْسَلْنَا نُوحًا إِلَىٰ قَوْمِهِ فَقَالَ يَا قَوْمِ اعْبُدُوا اللَّهَ مَا لَكُم مِّنْ إِلَٰهٍ غَيْرُهُ ۖ أَفَلَا تَتَّقُونَ
और हमने नूह को उनकी काैम के पास पैग़म्बर बनाकर भेजा तो नूह ने (उनसे) कहा ऐ मेरी क़ौम खुदा ही की इबादत करो उसके सिवा कोई तुम्हारा माबूद नहीं तो क्या तुम (उससे) डरते नहीं हो
अल-मोमिनुनकुरान सूची
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21आयत

अनुवाद — अल-मोमिनुन 21

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Tuesday, August 18, 2026

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