Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- مَا يَشَاؤُونَ: जो कुछ वे चाहेंगे (इच्छा करेंगे)
- خَالِدِينَ: हमेशा रहने वाले (सदैव स्थायी रूप से)
- وَعْدًا مَسْئُولًا: ऐसा वादा जो माँगा गया हो (अर्थात् अल्लाह से उनके बंदों द्वारा माँगा गया वादा)
तफसीर (व्याख्या):
इस पवित्र आयत में अल्लाह तआला अपने नेक और परहेज़गार बंदों को उस अज़ीम इनाम की खुशखबरी दे रहे हैं जो उन्होंने उनके लिए तैयार किया है। अल्लाह फ़रमाता है कि इन मोमिनीन के लिए जन्नत में वह सब कुछ होगा जो वे चाहेंगे — हर वह नेमत, हर वह लज़्ज़त, हर वह खुशी जिसकी वे कल्पना कर सकते हैं या जिसकी उनके दिल तमन्ना करेंगे। और यह सब कुछ उन्हें हमेशा के लिए मिलेगा, कभी खत्म नहीं होगा और कभी उनसे छीना नहीं जाएगा। वे उस नेमत में हमेशा-हमेशा के लिए रहेंगे।
फिर अल्लाह तआला फ़रमाता है कि यह कोई ऐसी चीज़ नहीं है जो शक या संदेह पर आधारित हो, बल्कि यह तुम्हारे रब की ओर से एक पक्का वादा है — ऐसा वादा जिसे अल्लाह के नेक बंदे अपनी दुआओं में माँगते रहे हैं। वे दुनिया में अल्लाह से यही दुआ करते थे: "ऐ हमारे रब! हमें वह चीज़ अता फ़रमा जो तूने अपने रसूलों के ज़रिये हमसे वादा किया है।" और अल्लाह तआला का वादा कभी टूटता नहीं — वह अपने वादे को पूरा करके ही रहता है।
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह के वादे पर पूरा भरोसा रखना चाहिए। जब अल्लाह ने अपने नेक बंदों से वादा किया है कि उन्हें जन्नत मिलेगी, तो यह वादा अटल है। हमें चाहिए कि हम अपने आचरण को सुधारें, अल्लाह की इबादत करें और उसके रास्ते पर चलें, ताकि हम भी उन लोगों में शामिल हो सकें जिनके लिए यह अज़ीम इनाम तैयार किया गया है। यह वादा सिर्फ़ उन्हीं के लिए है जो अल्लाह के फ़रमाँबरदार बंदे हैं — जो नमाज़ क़ायम करते हैं, रोज़ा रखते हैं, ज़कात देते हैं और अल्लाह की राह में नेकियाँ करते हैं।
आओ हम सब मिलकर अल्लाह से यही दुआ करें कि हमें भी उन लोगों में शामिल करे जिनके लिए यह वादा किया गया है, और हमें जन्नत की उन नेमतों से नवाज़े जो आँखों ने कभी नहीं देखीं, कानों ने कभी नहीं सुनीं और किसी इंसान के दिल ने कभी उनकी कल्पना भी नहीं की।
📜 आयत 14-18 — सूरा अल-फुरकान
अनुवाद — अल-फुरकान 16
सूरा अल-फुरकान आयत 16 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जिस चीज़ की ख्वाहिश करेंगें उनके लिए वहाँ मौजूद होगी…सूरा आयत 16/77 — सूरा अल-फुरकान الفرقان (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-फुरकान सुनें, सूरा अल-फुरकान अनुवाद, सूरा अल-फुरकान mp3, सूरा अल-फुरकान pdf. आयत 14–18. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-फुरकान
पवित्र क़ुरआन
Friday, October 2, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


