अल-फुरकान · 15/77
अनुवाद उच्चारण — सूरा अल-फुरकान
قُلْ أَذَٰلِكَ خَيْرٌ أَمْ جَنَّةُ الْخُلْدِ الَّتِي وُعِدَ الْمُتَّقُونَ ۚ كَانَتْ لَهُمْ جَزَاءً وَمَصِيرًا ۝١٥
Qul azaalika khairun am Jannatul khuldil latee wu`idal muttaqoon; kaanat lahum jazaaa`anw wa maseeraa
📖 हिंदी अर्थ
(ऐ रसूल) तुम पूछो तो कि जहन्नुम बेहतर है या हमेशा रहने का बाग़ (बेहश्त) जिसका परहेज़गारों से वायदा किया गया है कि वह उन (के आमाल) का सिला होगा और आख़िरी ठिकाना

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
0:00
0:00
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • जन्नतुल खुल्द: वह जन्नत जो हमेशा रहने वाली है, जिसका कभी अंत नहीं होगा।
  • जज़ा: बदला, इनाम।
  • मसीर: अंतिम ठिकाना, लौटने की जगह।

तफसीर (व्याख्या):

ऐ नबी! आप इन मुनकिरीन से कहिए कि जिस आग का वर्णन किया गया है, जो तुम्हारे लिए तैयार की गई है, क्या वह बेहतर है या वह हमेशा रहने वाली जन्नत, जिसका न तो कभी अंत होगा और न ही उसकी नेमतें खत्म होंगी? यह वही जन्नत है जिसका वादा अल्लाह ने अपने उन बंदों से किया है जो उससे डरते हैं, उसके अज़ाब से बचते हैं और उसकी रज़ा के लिए अच्छे काम करते हैं।

यह जन्नत उनके लिए उनके अच्छे आमाल का इनाम है और उनकी आख़िरी मंज़िल है, जहाँ वे हमेशा के लिए रहेंगे। अल्लाह तआला ने इसे अपने इल्म में उनके लिए तैयार कर रखा है।

दावती पहलू:

प्यारे भाइयों! ज़रा सोचिए — आग और जन्नत, दोनों में से कौन सी चीज़ इंसान के लिए बेहतर है? यह एक ऐसा सवाल है जिसका जवाब हर समझदार इंसान जानता है। अल्लाह ने हमें आग से डराया और जन्नत की तरफ बुलाया। यह अल्लाह की बड़ी मेहरबानी है कि उसने हमें रास्ता दिखाया और बताया कि कौन सा रास्ता भलाई की तरफ जाता है और कौन सा बर्बादी की तरफ।

जन्नत की नेमतें कभी खत्म नहीं होतीं, वहाँ का सुख हमेशा रहता है, वहाँ कोई दुख, कोई बीमारी, कोई मौत नहीं। यह उन लोगों के लिए है जो अल्लाह से डरते हैं। तो आइए, हम भी उन लोगों में शामिल हों जो अल्लाह से डरते हैं, उसकी इबादत करते हैं और अच्छे काम करते हैं, ताकि हमें भी यह हमेशा रहने वाली जन्नत मिले। यही सबसे बड़ी कामयाबी है।



📜 आयत 13-17 — सूरा अल-फुरकान

13وَإِذَا أُلْقُوا مِنْهَا مَكَانًا ضَيِّقًا مُّقَرَّنِينَ دَعَوْا هُنَالِكَ ثُبُورًا
और जब ये लोग ज़ज़ीरों से जकड़कर उसकी किसी तंग जगह मे झोंक दिए जाएँगे तो उस वक्त मौत को पुकारेंगे
14لَّا تَدْعُوا الْيَوْمَ ثُبُورًا وَاحِدًا وَادْعُوا ثُبُورًا كَثِيرًا
(उस वक्त उनसे कहा जाएगा कि) आज एक मौत को न पुकारो बल्कि बहुतेरी मौतों को पुकारो (मगर इससे भी कुछ होने वाला नहीं)
15قُلْ أَذَٰلِكَ خَيْرٌ أَمْ جَنَّةُ الْخُلْدِ الَّتِي وُعِدَ الْمُتَّقُونَ ۚ كَانَتْ لَهُمْ جَزَاءً وَمَصِيرًا
(ऐ रसूल) तुम पूछो तो कि जहन्नुम बेहतर है या हमेशा रहने का बाग़ (बेहश्त) जिसका परहेज़गारों से वायदा किया गया है कि वह उन (के आमाल) का सिला होगा और आख़िरी ठिकाना
16لَّهُمْ فِيهَا مَا يَشَاءُونَ خَالِدِينَ ۚ كَانَ عَلَىٰ رَبِّكَ وَعْدًا مَّسْئُولًا
जिस चीज़ की ख्वाहिश करेंगें उनके लिए वहाँ मौजूद होगी (और) वह हमेशा (उसी हाल में) रहेंगें ये तुम्हारे परवरदिगार पर एक लाज़िमी और माँगा हुआ वायदा है
17وَيَوْمَ يَحْشُرُهُمْ وَمَا يَعْبُدُونَ مِن دُونِ اللَّهِ فَيَقُولُ أَأَنتُمْ أَضْلَلْتُمْ عِبَادِي هَٰؤُلَاءِ أَمْ هُمْ ضَلُّوا السَّبِيلَ
और जिस दिन ख़ुदा उन लोगों को और जिनकी ये लोग ख़ुदा को छोड़कर परसतिश किया करते हैं (उनको) जमा करेगा और पूछेगा क्या तुम ही ने हमारे उन बन्दों को गुमराह कर दिया था या ये लोग खुद राह रास्ते से भटक गए थे
अल-फुरकानकुरान सूची
77आयत
मक्कीअवतरण स्थान
15आयत

अनुवाद — अल-फुरकान 15

सूरा अल-फुरकान आयत 15 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (ऐ रसूल) तुम पूछो तो कि जहन्नुम बेहतर है या…

सूरा आयत 15/77 — सूरा अल-फुरकान الفرقان (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-फुरकान सुनें, सूरा अल-फुरकान अनुवाद, सूरा अल-फुरकान mp3, सूरा अल-फुरकान pdf. आयत 13–17. हिंदी अर्थ: اردو.





पवित्र क़ुरआन


Friday, October 2, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए