अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- ذَنبٌ (ज़न्बुन): अपराध, गुनाह, या क़सूर।
- فَأَخَافُ (फ़अख़ाफ़ु): तो मुझे डर है।
- أَن يَقْتُلُونِ (अन यक़्तुलूनि): कि वे मुझे मार डालेंगे।
तफ़सीर (व्याख्या):
हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) ने अपने रब से यह विनती की कि हे मेरे पालनहार! मुझे डर है कि कहीं मेरी क़ौम (फ़िरऔन और उसकी क़ौम) मुझे झुठला न दे, और मेरा सीना तंग न हो जाए, और मेरी ज़बान न चले, इसलिए मेरे भाई हारून (अलैहिस्सलाम) को मेरे साथ भेज दे, ताकि वे मेरी मदद करें। फिर उन्होंने अपनी एक और कमज़ोरी का ज़िक्र किया: "और उनका मुझ पर एक अपराध का दावा है, क्योंकि मैंने उनमें से एक क़िब्ती (मिस्री) व्यक्ति को मार डाला था, जो एक झगड़े के दौरान हुआ था। इसलिए मुझे डर है कि वे मुझे इसी के बदले में क़त्ल कर देंगे।"
यहाँ यह बात समझनी चाहिए कि हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) का यह डर कोई कायरता या नबुव्वत के काम से पीछे हटने की वजह नहीं थी, बल्कि वह एक स्वाभाविक इंसानी जज़्बा था और साथ ही वह चाहते थे कि रिसालत (पैग़ाम) का काम पूरी तरह से अंजाम दिया जाए, बिना किसी रुकावट के। उन्होंने अपने भाई हारून (अलैहिस्सलाम) को साथ देने की दरख़्वास्त इसलिए की ताकि अगर कोई बाधा आए, तो वे उसका सामना कर सकें और पैग़ाम-ए-हक़ लोगों तक पहुँच सके। यह उनकी ज़िम्मेदारी और अल्लाह के काम के प्रति उनकी सच्ची लगन को दर्शाता है।
दावती पहलू:
इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि अल्लाह के रास्ते में काम करने वाले को अपनी कमज़ोरियों और डर को छिपाना नहीं चाहिए, बल्कि उसे अल्लाह के सामने अपनी हालत पेश करनी चाहिए और उससे मदद माँगनी चाहिए। हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) ने यह नहीं कहा कि "मैं नहीं कर सकता", बल्कि उन्होंने अल्लाह से सहायता और साथी की दरख़्वास्त की। यह हमें सिखाता है कि जब हम किसी नेक काम की शुरुआत करें, तो अल्लाह पर भरोसा रखें, अपनी कमियों का एहसास रखें, और अल्लाह से दुआ करें कि वह हमारे लिए रास्ता आसान करे। अल्लाह ने उनकी दुआ क़ुबूल की और हारून (अलैहिस्सलाम) को उनका साथी बनाया, और फिर फ़िरऔन जैसे ज़ालिम के सामने भी सच्चाई की जीत हुई। यह हमारे लिए एक बड़ी तसल्ली है कि अल्लाह अपने बंदों की मदद करता है, बशर्ते वे सच्चे दिल से उसकी तरफ रुजू करें।
📜 आयत 12-16 — अश-शुआरा
अनुवाद — अश-शुआरा 14
सूरा अश-शुआरा आयत 14 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (और इसके अलावा) उनका मेरे सर एक जुर्म भी है…सूरा आयत 14/227 — अश-शुआरा الشعراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अश-शुआरा सुनें, अश-शुआरा अनुवाद, अश-शुआरा mp3, अश-शुआरा pdf. आयत 12–16. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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