अश-शुआरा · 13/227
अनुवाद उच्चारण — सूरा अश-शुआरा
وَيَضِيقُ صَدْرِي وَلَا يَنطَلِقُ لِسَانِي فَأَرْسِلْ إِلَىٰ هَارُونَ ۝١٣
Wa yadeequ sadree wa laa yantaliqu lisaanee fa arsil ilaa Haaroon
📖 हिंदी अर्थ
और (उनके झुठलाने से) मेरा दम रुक जाए और मेरी ज़बान (अच्छी तरह) न चले तो हारुन के पास पैग़ाम भेज दे (कि मेरा साथ दे)

M Mishary Rashid Alafasy ✓
M Mahmoud Khalil Al-Husary ✓
A Abdurrahman As-Sudais ✓
M Mohamed Siddiq Al-Minshawi ✓
A Abdul Basit Abdul Samad ✓
A Ali Al-Hudhaify ✓
A Ahmed ibn Ali al-Ajamy ✓
A Abu Bakr Ash-Shaatree ✓
M Muhammad Ayyoub ✓
A Abdullah Basfar ✓
A Abdullah Al-Juhani ✓
M Maher Al Muaiqly ✓
0:00
0:00
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • يَضِيقُ صَدْرِي — मेरा सीना तंग हो जाता है, अर्थात मुझे बहुत दुःख और चिंता होती है।
  • لَا يَنطَلِقُ لِسَانِي — मेरी ज़बान नहीं चलती, अर्थात मेरी ज़बान में लुकनत (हकलाहट) है जिससे बात स्पष्ट नहीं हो पाती।
  • فَأَرْسِلْ إِلَىٰ هَارُونَ — तो तू हारून (अलैहिस्सलाम) की ओर (जिब्रील को) भेज दे, ताकि वे मेरे सहायक बनें।

तफ़सीर (व्याख्या):

हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) ने अपने रब से दुआ करते हुए कहा: "ऐ मेरे पालनहार! मुझे डर है कि क़ौम मुझे झुठला देगी, और जब वे मुझे झुठलाएँगे तो मेरा सीना तंग हो जाएगा और मुझे बहुत ग़म होगा। साथ ही मेरी ज़बान में लुकनत (हकलाहट) है, जिसकी वजह से मेरी बात स्पष्ट रूप से सामने नहीं आ पाती। इसलिए ऐ मेरे रब! तू अपने फ़रिश्ते जिब्रील को मेरे भाई हारून की तरफ़ भेज दे, ताकि वे मेरे साथी और मददगार बनें, मेरे साथ मिलकर तेरा पैग़ाम पहुँचाएँ, और मेरी कमज़ोरी को पूरा करें।"

यह दुआ हज़रत मूसा (अलैहिस्सलाम) की नर्म दिली, अदब और अल्लाह पर भरोसे की गवाही देती है। वे अपनी कमज़ोरियों को छिपाते नहीं, बल्कि अल्लाह से मदद माँगते हैं — यही एक नबी का अंदाज़ है। अल्लाह ने उनकी यह दुआ क़बूल की और हारून (अलैहिस्सलाम) को उनका साथी बनाकर भेजा, जो बड़े फ़सीह (स्पष्ट वक्ता) थे।

इस आयत से हमें सीख मिलती है कि जब हम किसी नेक काम की शुरुआत करें और अपनी कमज़ोरी महसूस करें, तो हमें अल्लाह से मदद माँगनी चाहिए और साथियों का सहारा लेना चाहिए। अल्लाह अपने बंदों की दुआएँ सुनता है और उनकी मदद के लिए ज़रिए पैदा करता है। इस्लाम सिखाता है कि भाईचारा, आपसी सहयोग और एक-दूसरे की कमज़ोरियों को पूरा करना बहुत बड़ी नेमत है। जिस तरह मूसा (अलैहिस्सलाम) को हारून (अलैहिस्सलाम) का साथ मिला, उसी तरह आज भी अल्लाह अपने नेक बंदों को सही साथी और मददगार देता है। हमें चाहिए कि हम अपनी कमज़ोरियों पर शर्मिंदा न हों, बल्कि अल्लाह से दुआ करें और नेक लोगों का साथ लें — यही कामयाबी का रास्ता है।



📜 आयत 11-15 — सूरा अश-शुआरा

11قَوْمَ فِرْعَوْنَ ۚ أَلَا يَتَّقُونَ
क्या ये लोग (मेरे ग़ज़ब से) डरते नहीं है
12قَالَ رَبِّ إِنِّي أَخَافُ أَن يُكَذِّبُونِ
मूसा ने अर्ज़ कि परवरदिगार मैं डरता हूँ कि (मुबादा) वह लोग मुझे झुठला दे
13وَيَضِيقُ صَدْرِي وَلَا يَنطَلِقُ لِسَانِي فَأَرْسِلْ إِلَىٰ هَارُونَ
और (उनके झुठलाने से) मेरा दम रुक जाए और मेरी ज़बान (अच्छी तरह) न चले तो हारुन के पास पैग़ाम भेज दे (कि मेरा साथ दे)
14وَلَهُمْ عَلَيَّ ذَنبٌ فَأَخَافُ أَن يَقْتُلُونِ
(और इसके अलावा) उनका मेरे सर एक जुर्म भी है (कि मैने एक शख्स को मार डाला था)
15قَالَ كَلَّا ۖ فَاذْهَبَا بِآيَاتِنَا ۖ إِنَّا مَعَكُم مُّسْتَمِعُونَ
तो मैं डरता हूँ कि (शायद) मुझे ये लाग मार डालें ख़ुदा ने कहा हरगिज़ नहीं अच्छा तुम दोनों हमारी निशानियाँ लेकर जाओ हम तुम्हारे साथ हैं
अश-शुआराकुरान सूची
227आयत
मक्कीअवतरण स्थान
13आयत

अनुवाद — अश-शुआरा 13

सूरा अश-शुआरा आयत 13 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (उनके झुठलाने से) मेरा दम रुक जाए और मेरी…

सूरा आयत 13/227 — सूरा अश-शुआरा الشعراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अश-शुआरा सुनें, सूरा अश-शुआरा अनुवाद, सूरा अश-शुआरा mp3, सूरा अश-शुआरा pdf. आयत 11–15. हिंदी अर्थ: اردو.





पवित्र क़ुरआन


Saturday, October 3, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए