अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- السَّحَرَةُ: जादूगर।
- أَجْرًا: इनाम, पुरस्कार या पारिश्रमिक।
- الْغَالِبِينَ: विजयी, जीतने वाले।
तफ़सीर (व्याख्या):
जब फ़िरऔन ने अपने दरबार के जादूगरों को बुलाया और उन्हें मूसा (अलैहिस्सलाम) के मुक़ाबले के लिए तैयार किया, तो वे जादूगर फ़िरऔन के सामने पेश हुए। उन्होंने फ़िरऔन से कहा: "क्या हमें कोई इनाम मिलेगा, चाहे वह धन हो या प्रतिष्ठा, अगर हम मूसा पर विजय प्राप्त कर लें?"
यह वाक्य दर्शाता है कि वे जादूगर अपनी कला पर पूरा भरोसा रखते थे और उन्हें अपनी जीत का यक़ीन था। उन्होंने फ़िरऔन से साफ़ शब्दों में अपनी मज़दूरी और इनाम की माँग की, क्योंकि वे जानते थे कि फ़िरऔन अपनी शक्ति और प्रतिष्ठा के लिए कुछ भी कर सकता है। उनकी यह माँग उनके दुनियावी लालच और माल-दौलत की चाहत को दर्शाती है, जो उस समय के जादूगरों की आम फ़ितरत थी।
इस आयत से हमें यह सबक मिलता है कि दुनियावी मामलों में भी इंसान को अपने हक़ और मेहनत की क़द्र करनी चाहिए, लेकिन सबसे बड़ी कामयाबी अल्लाह की रज़ा और उसके दीन की मदद में है। जो लोग केवल दुनिया के लिए काम करते हैं, वे आख़िरत में नाकाम रहते हैं, जबकि जो अल्लाह की राह में अपनी काबिलियत खर्च करते हैं, अल्लाह उन्हें दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाबी अता फ़रमाता है।
यहाँ एक और नुक़्ता है कि फ़िरऔन के जादूगरों ने जो शर्त रखी, वह उनके दिलों में दुनियावी हिर्स (लालच) को ज़ाहिर करती है। लेकिन अल्लाह की क़ुदरत देखिए कि जब उन्होंने मूसा (अलैहिस्सलाम) का मोजिज़ा देखा, तो उनके दिल बदल गए और वे सजदे में गिर पड़े। यह बताता है कि सच्चाई जब सामने आती है, तो लालच और दुनियावी मोह मिट्टी में मिल जाता है। अल्लाह जिसे हिदायत देना चाहता है, उसके दिल के दरवाज़े खोल देता है, चाहे वह पहले कितना ही गुमराह क्यों न रहा हो।
इस आयत का पैग़ाम हमारे लिए यह है कि हमें अपने कामों में नीयत को साफ़ रखना चाहिए। अगर हमारा मक़सद सिर्फ दुनियावी फायदा है, तो हमारी मेहनत बेकार जा सकती है, लेकिन अगर हमारी नीयत अल्लाह की रज़ा और हक़ की मदद है, तो अल्लाह हमें बेहतर इनाम देगा। याद रखिए, अल्लाह के पास जो है वह बाकी रहने वाला है, और दुनिया का माल-दौलत फ़ानी है।
📜 आयत 39-43 — अश-शुआरा
अनुवाद — अश-शुआरा 41
सूरा अश-शुआरा आयत 41 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : अलग़रज जब सब जादूगर आ गये तो जादूगरों ने फिरऔन…सूरा आयत 41/227 — अश-शुआरा الشعراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अश-शुआरा सुनें, अश-शुआरा अनुवाद, अश-शुआरा mp3, अश-शुआरा pdf. आयत 39–43. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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