अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- نَعَمْ — हाँ (स्वीकृति का शब्द)
- إِذًا — उस समय, तब
- لَمِنَ الْمُقَرَّبِينَ — निकटस्थ लोगों में से, सम्मानित दरबारियों में से
तफ़सीर:
जब जादूगरों ने फ़िरऔन से कहा कि यदि हम मूसा (अलैहिस्सलाम) पर विजय प्राप्त कर लें तो क्या हमें कोई पुरस्कार मिलेगा और हम आपके निकटस्थ लोगों में शामिल होंगे? तो फ़िरऔन ने उन्हें उत्तर दिया: "हाँ, तुम्हें निश्चित रूप से पुरस्कार मिलेगा, और उस समय तुम मेरे सबसे निकटस्थ और सम्मानित दरबारियों में से हो जाओगे।"
फ़िरऔन ने उन्हें यह वादा इस शर्त पर किया कि वे मूसा (अलैहिस्सलाम) पर विजय प्राप्त करेंगे। उसने उन्हें ऊँचे पद, धन-दौलत और अपनी विशेष निकटता का लालच दिया। यह फ़िरऔन की चालाकी थी कि वह अपने जादूगरों को उत्साहित करना चाहता था ताकि वे पूरी ताकत से मूसा (अलैहिस्सलाम) के मुक़ाबले में उतरें।
इस आयत से हमें यह शिक्षा मिलती है कि दुनियावी लोग अपने मक़सद के लिए दूसरों को लालच और वादों से उकसाते हैं, लेकिन सच्चे मोमिन का भरोसा केवल अल्लाह पर होता है। फ़िरऔन के ये वादे उसके जादूगरों के काम न आए जब सच्चाई सामने आ गई — जब उन्होंने मूसा (अलैहिस्सलाम) का चमत्कार देखा तो वे सजदे में गिर पड़े और ईमान ले आए। यह दिखाता है कि अल्लाह की सच्चाई के आगे दुनियावी वादे और पद-प्रतिष्ठा की कोई हक़ीक़त नहीं होती।
इस क़िस्से से हमें यह भी सीख मिलती है कि इंसान को दुनिया के झूठे वादों से धोखा नहीं खाना चाहिए। सच्ची कामयाबी उसी को मिलती है जो अल्लाह की तरफ़ रुजू करता है। फ़िरऔन जैसे ज़ालिम हुक्काम की शान-ओ-शौकत और वादे कितने बेकार साबित हुए, जबकि अल्लाह के नबी की सच्चाई ने सब कुछ बदल दिया। यह हमारे लिए एक बड़ी नसीहत है कि हम दुनियावी लालचों से ऊपर उठकर अल्लाह की राह पर चलें, क्योंकि अल्लाह का दीन ही सच्ची कामयाबी और इज़्ज़त का ज़रिया है।
📜 आयत 40-44 — अश-शुआरा
अनुवाद — अश-शुआरा 42
सूरा अश-शुआरा आयत 42 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : फिरऔन ने कहा हा (ज़रुर मिलेगा) और (इनाम क्या चीज़…सूरा आयत 42/227 — अश-शुआरा الشعراء (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अश-शुआरा सुनें, अश-शुआरा अनुवाद, अश-शुआरा mp3, अश-शुआरा pdf. आयत 40–44. हिंदी अर्थ: اردو.
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Tuesday, August 18, 2026
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