Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- لَعْنَةً: अभिशाप, फिटकार, रहमत से दूरी और अपमान।
- الْمَقْبُوحِينَ: वे लोग जिनके चेहरे काले कर दिए जाएँ, आँखें नीली कर दी जाएँ, और वे बुरी सूरत के साथ उठाए जाएँ — यानी क़ियामत के दिन उनकी शक्ल विकृत कर दी जाएगी।
तफ़सीर:
अल्लाह तआला ने फ़िरऔन और उसकी क़ौम के बारे में बताया कि उन्होंने हक़ को झुठलाया, मूसा (अलैहिस्सलाम) की दावत को नकारा और ज़ुल्म व सरकशी पर अड़े रहे। इसलिए अल्लाह ने उन्हें दुनिया में भी अपनी लानत और फिटकार का निशाना बनाया — यानी उन्हें रुसवाई, ज़िल्लत और रहमत से महरूमी का सामना करना पड़ा। यह सिर्फ़ एक एतिहासिक घटना नहीं, बल्कि एक सबक़ है कि जो लोग अल्लाह के दीन से मुँह मोड़ते हैं और अपने नफ़्स की पैरवी करते हैं, उन्हें दुनिया में भी रुसवाई उठानी पड़ती है और आख़िरत में भी वे अल्लाह की रहमत से दूर होंगे।
क़ियामत के दिन उनकी हालत और भी बदतर होगी — वे उन लोगों में से होंगे जिनके चेहरे सियाह होंगे, आँखें नीली होंगी, और वे बदसूरत हालत में उठाए जाएँगे। यह उनके कुकर्मों का नतीजा होगा। यह बात सिर्फ़ फ़िरऔनियों के लिए नहीं, बल्कि हर उस इंसान के लिए नसीहत है जो अल्लाह की नाफ़रमानी में मशग़ूल है।
नसीहत और दावत:
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की नाराज़गी से बचना कितना ज़रूरी है। जो लोग दुनिया में भी अल्लाह की लानत और रुसवाई से बचना चाहते हैं और आख़िरत में भी कामयाब होना चाहते हैं, उन्हें चाहिए कि वे अल्लाह के हुक्मों की पैरवी करें, नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) की सुन्नत को अपनाएँ, और ज़ुल्म, सरकशी और हक़ से इनकार से दूर रहें। अल्लाह की रहमत उन लोगों के लिए है जो तौबा करें, ईमान लाएँ और नेक अमल करें। आज भी दरवाज़ा खुला है — जो भी सच्चे दिल से अल्लाह की तरफ़ लौटेगा, अल्लाह उसे माफ़ कर देगा और उसे दुनिया व आख़िरत की बेहतरी अता करेगा। यही कामयाबी का रास्ता है।
📜 आयत 40-44 — सूरा अल-क़सस
अनुवाद — अल-क़सस 42
सूरा अल-क़सस आयत 42 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और हमने दुनिया में भी तो लानत उन के पीछे…सूरा आयत 42/88 — सूरा अल-क़सस القصص (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-क़सस सुनें, सूरा अल-क़सस अनुवाद, सूरा अल-क़सस mp3, सूरा अल-क़सस pdf. आयत 40–44. हिंदी अर्थ: اردو.
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Saturday, October 3, 2026
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