Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- سِيءَ بِهِمْ: उनके आने से वे बहुत दुखी और चिंतित हुए।
- وَضَاقَ بِهِمْ ذَرْعًا: उनके कारण उनका दिल तंग हो गया, यानी वे बहुत परेशान और बेचैन हो गए।
- الْغَابِرِينَ: पीछे रह जाने वाले, यानी हलाक होने वालों में से।
तफसीर (व्याख्या):
जब हमारे भेजे हुए फ़रिश्ते (जो इंसानों के रूप में थे) हज़रत लूत (अलैहिस्सलाम) के पास पहुँचे, तो वे बहुत चिंतित और दुखी हुए। उन्होंने समझा कि ये कोई आम मेहमान हैं, और उन्हें अपनी क़ौम की बुरी आदतों का डर था, क्योंकि उनकी क़ौम के लोग मेहमानों के साथ बुरा व्यवहार करते थे। उनका दिल इस बात से तंग हो गया कि कहीं उनके साथ कोई बुराई न हो जाए।
तभी फ़रिश्तों ने उन्हें आश्वस्त करते हुए कहा: "डरो मत और उदास मत हो। हम अल्लाह के भेजे हुए फ़रिश्ते हैं, और हमें आपकी क़ौम को हलाक करने के लिए भेजा गया है। हम आपको और आपके परिवार को बचा लेंगे, सिवाय आपकी पत्नी के, जो इस बुराई में शामिल है और हलाक होने वालों में से रहेगी।"
यह अल्लाह की रहमत और मेहरबानी का नमूना है कि वह अपने नबियों को मुश्किल घड़ी में हिम्मत देता है और उन्हें बुराई से निजात दिलाता है। यह हमारे लिए सबक़ है कि अल्लाह पर भरोसा रखें और उसकी रहमत से कभी निराश न हों। जब अल्लाह किसी को बचाना चाहता है, तो कोई ताक़त उसे नुकसान नहीं पहुँचा सकती। यह भी सीख है कि बुराई में साथ देने वाले, चाहे वे कितने ही करीबी क्यों न हों, अल्लाह की पकड़ से नहीं बच सकते।
📜 आयत 31-35 — सूरा अल-अंकबूत
अनुवाद — अल-अंकबूत 33
सूरा अल-अंकबूत आयत 33 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जब हमारे भेजे हुए फरिश्ते लूत के पास आए…सूरा आयत 33/69 — सूरा अल-अंकबूत العنكبوت (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अंकबूत सुनें, सूरा अल-अंकबूत अनुवाद, सूरा अल-अंकबूत mp3, सूरा अल-अंकबूत pdf. आयत 31–35. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-अंकबूत
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


