अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- أَوَلَمْ يَكْفِهِمْ: क्या उनके लिए काफी नहीं है?
- الْكِتَابَ: कुरआन
- يُتْلَىٰ عَلَيْهِمْ: जो उन्हें पढ़कर सुनाया जाता है
- رَحْمَةً: दया और करुणा का साधन
- ذِكْرَىٰ: नसीहत और याद दिलाने वाली चीज़
तफसीर (व्याख्या):
ऐ नबी! क्या इन मुशरिकों के लिए यह बात काफी नहीं है कि हमने आप पर कुरआन उतारा है, जो उनके सामने पढ़ा जाता है? यह कुरआन खुद एक महान चमत्कार है, जो हर युग में जीवित है। पिछले नबियों के चमत्कार तो एक समय के बाद समाप्त हो गए, लेकिन यह किताब क़यामत तक कायम रहेगी। यह उन लोगों के लिए सबसे बड़ा सबूत है जो सच्चाई की तलाश में हैं।
यह कुरआन उन लोगों के लिए रहमत है जो ईमान लाते हैं, क्योंकि यह उन्हें ज़िंदगी का सही रास्ता दिखाता है और उन्हें दुनिया और आख़िरत की भलाइयों तक पहुंचाता है। साथ ही यह उनके लिए नसीहत है, जो उन्हें अल्लाह की याद दिलाती है और उन्हें बुराई से बचने की ताकत देती है।
इन मुशरिकों ने नबी से अजीब-अजीब चमत्कार मांगे, लेकिन उन्हें समझना चाहिए कि यह कुरआन ही सबसे बड़ा चमत्कार है। यह किताब जो पढ़ी जाती है, जिसकी भाषा में कोई कमी नहीं, जिसके विज्ञान में कोई विरोधाभास नहीं, जिसकी शिक्षाएं हर युग के लिए उपयुक्त हैं — क्या यह उनके लिए काफी नहीं?
इस आयत में हमारे लिए बड़ी सीख है कि कुरआन को पढ़ना, समझना और उस पर अमल करना ही सच्ची कामयाबी है। यह किताब हमारे लिए रहमत है, अगर हम इसे अपनाएं, और यह हमारे लिए नसीहत है, अगर हम इसे ध्यान से सुनें। अल्लाह ने इस किताब को हमारे लिए आसान बना दिया है, ताकि हम उसकी रहमत से वंचित न रहें।
इसलिए हमें चाहिए कि हम कुरआन को अपनी ज़िंदगी में उतारें, उसकी शिक्षाओं पर अमल करें और उसे दूसरों तक पहुंचाएं। यही वह रास्ता है जो हमें दुनिया की बेहतरी और आख़िरत की नजात तक ले जाएगा। अल्लाह हम सबको कुरआन को समझने और उस पर अमल करने की तौफीक दे। आमीन।
📜 आयत 49-53 — अल-अंकबूत
अनुवाद — अल-अंकबूत 51
सूरा अल-अंकबूत आयत 51 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : क्या उनके लिए ये काफी नहीं कि हमने तुम पर…सूरा आयत 51/69 — अल-अंकबूत العنكبوت (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अंकबूत सुनें, अल-अंकबूत अनुवाद, अल-अंकबूत mp3, अल-अंकबूत pdf. आयत 49–53. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए








