Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- شَهِيدًا – गवाह, साक्षी
- بِالْبَاطِلِ – झूठे माबूदों पर, असत्य पर
- الْخَاسِرُونَ – घाटे में रहने वाले, नुकसान उठाने वाले
तफ़सीर:
ऐ नबी! आप कह दीजिए कि मेरे और आपके बीच अल्लाह ही काफी गवाह है। वह इस बात का गवाह है कि मैं सच्चाई के साथ उसका रसूल बनकर आया हूँ, और वह इस बात का भी गवाह है कि तुम लोगों ने उस सच्चाई को झुठलाया जो मैं लेकर आया हूँ। अल्लाह तआला हर चीज़ का जानने वाला है, वह आसमानों और ज़मीन की हर छोटी-बड़ी चीज़ से वाकिफ है, उससे कुछ भी छिपा नहीं है। वह जानता है कि मैं सच्चा हूँ और तुम झूठे हो, और वही सबसे बड़ा न्यायाधीश है।
फिर अल्लाह तआला उन लोगों का हाल बयान करता है जो इन सारी साफ-साफ दलीलों और निशानियों के बावजूद सच्चाई को नहीं मानते। वह कहता है: जिन लोगों ने अल्लाह को छोड़कर झूठे माबूदों पर ईमान लाया, और अल्लाह के साथ कुफ्र किया — यानी उसे न पहचाना और उसकी इबादत से मुँह मोड़ा — तो यही लोग हैं जो असली घाटे में हैं। उन्होंने ईमान के बदले कुफ्र को खरीदा, हिदायत के बदले गुमराही को चुना, और सच्चाई को छोड़कर झूठ को अपना लिया। यह सबसे बड़ा नुकसान है, जो दुनिया में भी उन्हें रास नहीं आएगा और आख़िरत में तो उनका अंजाम जहन्नुम ही है।
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें सिखाती है कि सच्चाई के रास्ते पर चलने वालों को किसी इंसानी गवाही की ज़रूरत नहीं, क्योंकि अल्लाह खुद उनका गवाह है। जब हमारा दिल ईमान की रोशनी से रोशन हो जाए, और हम अल्लाह के बताए रास्ते पर चलें, तो हमें किसी की परवाह नहीं करनी चाहिए। अल्लाह हमारे अच्छे कर्मों को देखता है और उन्हें बेकार नहीं जाने देता। याद रखिए, असली कामयाबी उसी की है जो अल्लाह को पहचाने, उसकी इबादत करे और उसके रसूल पर ईमान लाए। जो लोग इस सच्चाई से मुँह मोड़ते हैं, वह दुनिया में भी बेचैन रहते हैं और आख़िरत में भी उनका ठिकाना जहन्नुम है। अल्लाह हम सबको सच्चे ईमान की तौफ़ीक़ दे। आमीन।
📜 आयत 50-54 — सूरा अल-अंकबूत
अनुवाद — अल-अंकबूत 52
सूरा अल-अंकबूत आयत 52 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तुम कह दो कि मेरे और तुम्हारे दरमियान गवाही के…सूरा आयत 52/69 — सूरा अल-अंकबूत العنكبوت (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अंकबूत सुनें, सूरा अल-अंकबूत अनुवाद, सूरा अल-अंकबूत mp3, सूरा अल-अंकबूत pdf. आयत 50–54. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-अंकबूत
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
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