अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- जाहदा (जिहाद किया): अपने आप को अल्लाह की आज्ञा का पालन करने और उसकी नापसंदगी से बचने पर मजबूर करना, और अल्लाह के दीन की सर्वोच्चता के लिए प्रयास करना।
- लिनफ़्सिही (अपने लिए): इसका लाभ और पुरस्कार उसी को मिलेगा।
- लग़नीयुन (बेनियाज़ है): अल्लाह किसी का मोहताज नहीं, वह सबसे बेनियाज़ है।
तफ़सीर (व्याख्या):
इस पवित्र आयत में अल्लाह तआला हमें बताते हैं कि जो कोई भी जिहाद करता है—चाहे वह दुश्मन से लड़ाई हो, या अपने नफ्स (अपनी इच्छाओं) के खिलाफ संघर्ष हो, यानी अपने आप को अल्लाह की आज्ञा मानने और गुनाहों से बचने पर मजबूर करना हो—तो इस जिहाद का सारा फायदा उसी को मिलता है। क्योंकि अल्लाह तआला को किसी के जिहाद या इबादत की कोई ज़रूरत नहीं है। वह तो बेनियाज़ है, सबसे परे है। उसके लिए न तो किसी की आज्ञाकारिता कोई नफा पहुंचाती है और न किसी की नाफरमानी उसे कोई नुकसान पहुंचा सकती है।
अल्लाह तआला ने यह सब कुछ हमारी भलाई के लिए निर्धारित किया है। जब हम जिहाद करते हैं, अपने नफ्स को काबू में करते हैं, अल्लाह की राह में मेहनत करते हैं, तो असल में हम अपने ही भले के लिए कर रहे होते हैं। यह हमारे ईमान को मजबूत करता है, हमारे दिल को साफ करता है, और हमें अल्लाह की रहमत और जन्नत के करीब ले जाता है।
यह आयत हमें एक बहुत बड़ी खुशखबरी देती है कि अल्लाह तआला हमारे अच्छे कामों का पूरा-पूरा बदला देने वाला है। वह हमारी छोटी से छोटी कोशिश को भी जाया नहीं करता। इसलिए हमें चाहिए कि हम अपने जीवन में जिहाद करते रहें—चाहे वह नमाज़ की पाबंदी हो, रोज़े रखना हो, सच बोलना हो, या बुराई से बचना हो। यह सब हमारे अपने ही लिए है। अल्लाह तआला हमें इस तरह की तौफीक़ अता करें, आमीन।
📜 आयत 4-8 — अल-अंकबूत
अनुवाद — अल-अंकबूत 6
सूरा अल-अंकबूत आयत 6 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जो शख्स (इबादत में) कोशिश करता है तो बस…सूरा आयत 6/69 — अल-अंकबूत العنكبوت (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अंकबूत सुनें, अल-अंकबूत अनुवाद, अल-अंकबूत mp3, अल-अंकबूत pdf. आयत 4–8. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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