अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- يَرْجُو لِقَاءَ اللَّهِ: अल्लाह से मिलने की उम्मीद रखना, उसके सवाब की आशा रखना और आख़िरत के हिसाब से डरना।
- أَجَلَ اللَّهِ: अल्लाह का निर्धारित समय, यानी क़यामत का दिन और उसका फैसला।
- لَآتٍ: ज़रूर आने वाला है, इसमें कोई शक नहीं।
- السَّمِيعُ: सब कुछ सुनने वाला।
- العَلِيمُ: सब कुछ जानने वाला।
तफसीर:
यह आयत मोमिनों के दिलों को उम्मीद और यक़ीन से भर देती है। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि जो शख्स अल्लाह से मिलने की उम्मीद रखता है — यानी उसके सवाब की आशा रखता है, उसके दीदार का शौक़ रखता है, और आख़िरत के हिसाब-किताब पर ईमान रखता है — तो उसे यक़ीन रखना चाहिए कि अल्लाह का निर्धारित समय ज़रूर आने वाला है। वह दिन दूर नहीं, बल्कि हर पल क़रीब आ रहा है। यह वादा सच्चा है और इसमें कोई शक नहीं।
यह आयत मोमिन को बताती है कि उसकी उम्मीद बेकार नहीं जाएगी। जो शख्स अल्लाह से मिलने की आशा रखता है, वह अपने आमाल को सुधारता है, गुनाहों से बचता है, और नेक कामों में जुट जाता है। उसकी यह कोशिश और उम्मीद अल्लाह के यहाँ ज़ाया नहीं होगी।
फिर अल्लाह तआला अपनी दो सिफ़ात (गुणों) का ज़िक्र करता है: वह सुनने वाला है — वह अपने बंदों की दुआओं, तौबा और पुकार को सुनता है; और वह जानने वाला है — वह उनके दिलों के हाल, उनके अमाल और उनकी नीयतों को पूरी तरह जानता है। उससे कोई चीज़ छिपी नहीं है, और वह हर किसी को उसके अमाल का पूरा-पूरा बदला देगा।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह से मिलने की उम्मीद ही असली उम्मीद है। जो लोग दुनिया की चमक-दमक में खोए हुए हैं और आख़िरत को भूल गए हैं, उन्हें यह आयत जगाती है कि वह दिन ज़रूर आएगा जब सब कुछ खत्म हो जाएगा और हर इंसान अपने अमाल के साथ अल्लाह के सामने पेश होगा। यह उम्मीद इंसान को जीवन में सही रास्ता दिखाती है, उसे गुनाहों से रोकती है और नेकी की तरफ़ रग़बत देती है। अल्लाह से मिलने की आशा रखने वाला इंसान कभी मायूस नहीं होता, क्योंकि उसे यक़ीन होता है कि उसका रब सब कुछ सुनता और जानता है — उसकी मेहनत, उसकी दुआ, उसकी नेकियाँ — सब कुछ उसके हिसाब में दर्ज है। यही वह उम्मीद है जो दिल को सुकून देती है और ज़िंदगी को मक़सद देती है।
📜 आयत 3-7 — अल-अंकबूत
अनुवाद — अल-अंकबूत 5
सूरा अल-अंकबूत आयत 5 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : जो शख्स ख़ुदा से मिलने (क़यामत के आने) की उम्मीद…सूरा आयत 5/69 — अल-अंकबूत العنكبوت (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अंकबूत सुनें, अल-अंकबूत अनुवाद, अल-अंकबूत mp3, अल-अंकबूत pdf. आयत 3–7. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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