Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- لَنُكَفِّرَنَّ عَنْهُمْ سَيِّئَاتِهِمْ: हम उनके गुनाहों को ज़रूर मिटा देंगे और उन्हें ढक देंगे, यानी उन पर अज़ाब नहीं करेंगे।
- وَلَنَجْزِيَنَّهُمْ أَحْسَنَ الَّذِي كَانُوا يَعْمَلُونَ: हम उन्हें उनके अच्छे कर्मों का सबसे उत्तम बदला ज़रूर देंगे, यानी उनकी नेकियों को कई गुना बढ़ाकर देंगे।
तफ़सीर:
यह आयत उन लोगों के लिए खुशखबरी है जो अल्लाह पर ईमान लाते हैं, उसके रसूल की तस्दीक़ करते हैं, और अपने ईमान के साथ नेक काम करते हैं—चाहे वह नमाज़ हो, ज़कात हो, रोज़ा हो, या लोगों की भलाई के लिए किए गए काम। अल्लाह तआला का वादा है कि वह उनके गुनाहों को माफ़ कर देगा और उन्हें पूरी तरह मिटा देगा, जैसे कि उन्होंने कभी किए ही न हों। यह अल्लाह का बड़ा फज़ल है कि वह गुनाहों को नेकियों से बदल देता है।
इसके बाद अल्लाह फ़रमाता है कि वह उन्हें उनके अच्छे कामों का सबसे अच्छा बदला देगा। यानी अल्लाह उनकी छोटी नेकी को भी बड़ा करके उसका अज्र अता करेगा, और हर नेकी का बदला कई गुना बढ़ा देगा। यह अल्लाह की रहमत है कि वह बुराई का बदला उतना ही देता है, लेकिन भलाई का बदला दस गुना से लेकर सात सौ गुना तक बढ़ा देता है।
इस आयत में उन लोगों के लिए तसल्ली है जो ईमान की राह में मुश्किलें झेलते हैं, और सब्र करते हैं। अल्लाह उन्हें यक़ीन दिलाता है कि उनकी मेहनत और सब्र बेकार नहीं जाएगा। जो लोग दुनिया में अल्लाह की राह में कष्ट सहते हैं, उनके लिए आख़िरत में ऐसा इनाम है जिसका कोई अंदाज़ा नहीं। यह आयत हमें सिखाती है कि ईमान और नेक कर्म साथ-साथ चलते हैं—सिर्फ़ ज़ुबान से ईमान काफ़ी नहीं, बल्कि अमल से उसे साबित करना ज़रूरी है।
यह भी याद रखें कि अल्लाह का वादा सच्चा है। वह कभी अपना वादा नहीं तोड़ता। जो लोग उस पर भरोसा करके नेक काम करते हैं, उनके लिए आख़िरत में कामयाबी यक़ीनी है। यह आयत हमें अल्लाह की रहमत की तरफ़ बुलाती है और बताती है कि उसका दरवाज़ा हमेशा खुला है—बस ज़रूरत है सच्चे दिल से उसकी तरफ़ पलटने की और अच्छे काम करने की।
📜 आयत 5-9 — सूरा अल-अंकबूत
अनुवाद — अल-अंकबूत 7
सूरा अल-अंकबूत आयत 7 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जिन लोगों ने ईमान क़ुबूल किया और अच्छे अच्छे…सूरा आयत 7/69 — सूरा अल-अंकबूत العنكبوت (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अंकबूत सुनें, सूरा अल-अंकबूत अनुवाद, सूरा अल-अंकबूत mp3, सूरा अल-अंकबूत pdf. आयत 5–9. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-अंकबूत
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, September 29, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


