Mishary Rashid Alafasy
✓
Mahmoud Khalil Al-Husary
✓
Abdurrahman As-Sudais
✓
Mohamed Siddiq Al-Minshawi
✓
Abdul Basit Abdul Samad
✓
Ali Al-Hudhaify
✓
Ahmed ibn Ali al-Ajamy
✓
Abu Bakr Ash-Shaatree
✓
Muhammad Ayyoub
✓
Abdullah Basfar
✓
Abdullah Al-Juhani
✓
Maher Al Muaiqly
✓
अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- لَهْوٌ (लहवुन): दिल को बहलाने वाली चीज़ें, मनोरंजन और खेल-तमाशा।
- لَعِبٌ (लइबुन): खेल, बेकार की चीज़ें, जिसका कोई ठोस नतीजा न हो।
- الْحَيَوَانُ (अल-हयवान): सच्ची और हमेशा रहने वाली ज़िंदगी, जिसमें मौत न हो।
तफसीर (व्याख्या):
अल्लाह तआला इस आयत में दुनिया की असलियत बयान कर रहे हैं कि यह दुनिया की ज़िंदगी, जिसमें इंसान इतना मगन और मस्त है, वह केवल एक खेल और तमाशा है। जिस तरह बच्चे खेल-खिलौनों में मशगूल हो जाते हैं और उन्हें ही सब कुछ समझते हैं, उसी तरह दुनियादार लोग इस दुनिया की चमक-दमक, माल-दौलत, शोहरत और शारीरिक सुखों में इस कदर डूब जाते हैं कि उन्हें आख़िरत की याद ही नहीं रहती। यह सब कुछ बहुत जल्दी खत्म हो जाने वाला है, जैसे एक पल का सपना।
इसके बाद अल्लाह तआला फरमाते हैं कि असल ज़िंदगी तो आख़िरत की ज़िंदगी है, क्योंकि वह हमेशा रहने वाली है, उसमें कभी मौत नहीं आएगी, न बुढ़ापा होगा, न बीमारी, न ग़म। वहाँ की ज़िंदगी ही असली ज़िंदगी है, जबकि दुनिया की ज़िंदगी एक दिन खत्म हो जाने वाली है। अगर लोग यह बात समझ लें और यक़ीन कर लें कि आख़िरत ही का स्थान है, तो वे कभी इस फानी दुनिया को उस बाक़ी रहने वाली ज़िंदगी पर तरजीह न देते।
दावत और नसीहत:
प्यारे भाइयों और बहनों! यह आयत हमें सोचने पर मजबूर करती है कि हम अपनी ज़िंदगी किस चीज़ में लगा रहे हैं। क्या हम उस खेल में मशगूल हैं जो कुछ दिनों का है, या उस ज़िंदगी की तैयारी कर रहे हैं जो हमेशा रहने वाली है? अल्लाह तआला ने हमें अक्ल दी है और समझने की ताक़त दी है, ताकि हम इस दुनिया को आख़िरत की खेती समझें। जो यहाँ अच्छे काम करेगा, उसे वहाँ अच्छा बदला मिलेगा, और जो यहाँ सिर्फ़ खेल-कूद में लगा रहेगा, वह वहाँ पछताएगा। आओ, हम अपनी ज़िंदगी को अल्लाह की इबादत और नेक कामों में लगाएँ, ताकि हम उस हमेशा रहने वाली ज़िंदगी को पा सकें जिसमें कोई दुख, कोई ग़म और कोई मौत नहीं। यही सबसे बड़ी कामयाबी है।
📜 आयत 62-66 — सूरा अल-अंकबूत
अनुवाद — अल-अंकबूत 64
सूरा अल-अंकबूत आयत 64 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और ये दुनिया की ज़िन्दगी तो खेल तमाशे के सिवा…सूरा आयत 64/69 — सूरा अल-अंकबूत العنكبوت (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अल-अंकबूत सुनें, सूरा अल-अंकबूत अनुवाद, सूरा अल-अंकबूत mp3, सूरा अल-अंकबूत pdf. आयत 62–66. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा अल-अंकबूत
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए


