अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- नज़्ज़ल: उतारा
- अह्या: जीवित किया, हरा-भरा किया
- मौतिहा: उसकी मृत्यु के बाद (यानी सूखी और बंजर होने के बाद)
तफ़सीर:
ऐ नबी! अगर आप इन मुशरिकों से पूछें कि आसमान से पानी किसने उतारा, जिससे ज़मीन उसके सूखे और बंजर होने के बाद हरी-भरी और जीवित हो जाती है, तो वे ज़रूर कहेंगे: "अल्लाह ने।" वे इस सच्चाई को मानते हैं और इसका इनकार नहीं कर सकते, क्योंकि यह उनकी फ़ितरत (स्वाभाविक प्रवृत्ति) में बसी हुई बात है।
आप उनसे कहिए: "सारी प्रशंसा अल्लाह के लिए है!" — यानी अल्लाह का शुक्र है कि उसने आपके सामने ऐसी स्पष्ट दलील पेश कर दी जिसे आप खुद मानते हो, और आपकी अपनी गवाही ही आपके खिलाफ काफी है।
लेकिन अफसोस! उनमें से अधिकतर लोग अक्ल से काम नहीं लेते। अगर वे सोचते-समझते, तो यह भली-भांति जान लेते कि जो अल्लाह पानी बरसाने और ज़मीन को जीवित करने पर कादिर (सक्षम) है, वही मुर्दों को दोबारा जीवित करने पर भी कादिर है। फिर वे उसी अल्लाह के साथ दूसरों को साझी क्यों बनाते हैं? जिन मूर्तियों को वे पूजते हैं, वे न तो पानी बरसा सकती हैं, न ज़मीन को हरा-भरा कर सकती हैं, न किसी को फायदा पहुंचा सकती हैं और न नुकसान से बचा सकती हैं।
यह कितनी बड़ी नादानी है कि इंसान अपनी आँखों से अल्लाह की कुदरत के नमूने देखता है, अपनी ज़बान से उसकी रुबूबियत का इकरार करता है, लेकिन फिर भी उसके साथ शिर्क करता है। अगर वे अक्ल से काम लेते, तो यह तनाकुज़ (विरोधाभास) उन्हें कभी मंज़ूर न होता।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि अल्लाह की कुदरत के नज़ारे हर तरफ बिखरे हुए हैं — बारिश, हरियाली, मौसमों का बदलना — ये सब उसकी रहमत की निशानियाँ हैं। जब हम इन निशानियों पर गौर करते हैं, तो हमारा ईमान मज़बूत होता है और हमारा दिल अल्लाह की मोहब्बत से भर जाता है। यही वह रास्ता है जो इंसान को सच्ची मंज़िल तक पहुंचाता है — अल्लाह की इबादत और उसके साथ किसी को शरीक न करना। आइए, हम उन लोगों में से न बनें जो सच्चाई को जानकर भी उस पर अमल नहीं करते, बल्कि हम उन बंदों में शामिल हों जो अक्ल से काम लेते हैं और अपने रब की इबादत पर कायम रहते हैं।
📜 आयत 61-65 — अल-अंकबूत
अनुवाद — अल-अंकबूत 63
सूरा अल-अंकबूत आयत 63 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (ऐ रसूल) अगर तुम उससे पूछो कि किसने आसमान…सूरा आयत 63/69 — अल-अंकबूत العنكبوت (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अंकबूत सुनें, अल-अंकबूत अनुवाद, अल-अंकबूत mp3, अल-अंकबूत pdf. आयत 61–65. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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