Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- مَغْفِرَةٌ: क्षमा, पापों को ढक देना और माफ कर देना।
- تَجْرِي مِن تَحْتِهَا الْأَنْهَارُ: जिनके नीचे से नहरें बहती हैं (अर्थात महलों और पेड़ों के नीचे से पानी की धाराएँ प्रवाहित होती हैं)।
- خَالِدِينَ: हमेशा रहने वाले, सदैव निवास करने वाले।
- وَنِعْمَ أَجْرُ الْعَامِلِينَ: और कर्म करने वालों का यह कितना अच्छा बदला है।
तफ़सीर (व्याख्या):
यह आयत उन लोगों के बारे में है जिनका वर्णन पिछली आयतों में किया गया था — जो अच्छे कर्म करते हैं, धैर्य रखते हैं, सच्चे होते हैं, आज्ञाकारी होते हैं, दान देते हैं और भोर के समय क्षमा मांगते हैं। अल्लाह तआला फरमाता है कि ऐसे लोगों का बदला उनके रब की ओर से माफ़ी है — यानी उनके सारे गुनाह ढक दिए जाएंगे और उन्हें माफ कर दिया जाएगा। इसके साथ ही उनके लिए ऐसी जन्नतें हैं जिनके नीचे नहरें बहती हैं, और वे उनमें हमेशा रहेंगे, कभी बाहर नहीं निकलेंगे। यह उन लोगों के लिए कितना अच्छा बदला है जो अल्लाह की इबादत और उसकी आज्ञा का पालन करते हैं। यह उनके कर्मों का सर्वोत्तम प्रतिफल है — क्षमा और जन्नत, जो अल्लाह की ओर से उनकी मेहनत और ईमान का इनाम है।
फ़ायदे (सबक):
- यह आयत मुसलमानों को खुशखबरी देती है कि अच्छे कर्म और अल्लाह की आज्ञा का पालन करने का नतीजा माफ़ी और जन्नत है — यह सबसे बड़ी सफलता है।
- अल्लाह की रहमत बहुत व्यापक है; वह अपने बंदों के गुनाहों को माफ करने के लिए तैयार है, बशर्ते वे सच्चे दिल से उसकी ओर रुजू करें और अच्छे कर्म करें।
- जन्नत की नेमतें हमेशा रहने वाली हैं — वहाँ कोई मौत नहीं, कोई दर्द नहीं, कोई गम नहीं। यह चीज़ इंसान को दुनिया की अस्थायी चीज़ों से ऊपर उठकर आख़िरत की तैयारी करने की प्रेरणा देती है।
- यह आयत बताती है कि अल्लाह के करीब होने का सबसे अच्छा तरीका अच्छे कर्म, धैर्य, सच्चाई, दान और क्षमा की दुआ है — ये वो गुण हैं जो इंसान को जन्नत तक पहुँचाते हैं।
- इस आयत से मुसलमान को यह उम्मीद मिलती है कि भले ही उससे गुनाह हुए हों, लेकिन अगर वह सच्चे दिल से तौबा करे और अच्छे कर्म करे, तो अल्लाह उसे माफ कर देगा और उसे जन्नत का हकदार बना देगा।
📜 आयत 134-138 — सूरा आल-इमरान
अनुवाद — आल-इमरान 136
सूरा आल-इमरान आयत 136 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ऐसे ही लोगों की जज़ा उनके परवरदिगार की तरफ़ से…सूरा आयत 136/200 — सूरा आल-इमरान آل عمران (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा आल-इमरान सुनें, सूरा आल-इमरान अनुवाद, सूरा आल-इमरान mp3, सूरा आल-इमरान pdf. आयत 134–138. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा आल-इमरान
पवित्र क़ुरआन
Saturday, October 3, 2026
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