Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दार्थ:
- تُدْخِلِ النَّارَ: जिसे तू आग में डाल दे।
- أَخْزَيْتَهُ: तूने उसे अपमानित और रुसवा कर दिया।
- الظَّالِمِينَ: अत्याचारियों से अभिप्राय यहाँ उन लोगों से है जिन्होंने अपने ऊपर अत्याचार किया, अर्थात् कुफ्र और गुनाहों से अपने आपको आग का हक़दार बनाया।
- أَنصَارٍ: सहायक, मददगार।
तफ़सीर:
यह दुआ उन पुण्यात्माओं की है जो अपने रब से आग से नजात की फ़रियाद कर रहे हैं। वे कहते हैं: "ऐ हमारे रब! जिसे तूने आग में डाल दिया, उसे तूने सचमुच अपमानित और रुसवा कर दिया।" यानी आग में डालना सबसे बड़ी रुसवाई और ज़िल्लत है, क्योंकि वहाँ कोई इज़्ज़त, कोई ओहदा और कोई रिश्ता काम नहीं आता।
फिर वे कहते हैं: "और अत्याचारियों का कोई सहायक नहीं होता।" यानी जो लोग अपने ऊपर ज़ुल्म करके कुफ्र और गुनाहों का रास्ता अपनाते हैं, उनके लिए क़ियामत के दिन कोई मददगार नहीं होगा जो उन्हें अल्लाह की पकड़ से बचा सके। न कोई सिफ़ारिशी, न कोई भाई, न कोई रिश्तेदार — सब उनसे बेज़ार होंगे। यह उनके लिए सबसे बड़ी निराशा और हार का दिन होगा।
फ़ायदे:
- यह आयत हमें सिखाती है कि दुआ में आग से बचने की फ़रियाद करना बहुत बड़ी नेमत है, और यही पैग़म्बरों और नेक लोगों की सुन्नत रही है।
- हमें यह समझाती है कि आग का अज़ाब सिर्फ़ शारीरिक तकलीफ़ नहीं, बल्कि रुसवाई और अपमान भी है — यानी वहाँ इंसान की इज़्ज़त छीन ली जाती है।
- यह आयत हमें ज़ुल्म से बचने की तरग़ीब देती है — चाहे वह ज़ुल्म किसी और पर हो या ख़ुद अपनी जान पर (गुनाह करके)।
- यह बताती है कि क़ियामत के दिन कोई भी इंसानी रिश्ता, कोई भी दुनियावी ताक़त काम नहीं आएगी; सिर्फ़ अल्लाह की रहमत और उसकी मर्ज़ी ही बचा सकती है।
- इससे मोमिन के दिल में ख़ौफ़ पैदा होता है और वह अपने अमल को सुधारने की कोशिश करता है, ताकि आग से बच सके और जन्नत का हक़दार बन सके।
📜 आयत 190-194 — सूरा आल-इमरान
अनुवाद — आल-इमरान 192
सूरा आल-इमरान आयत 192 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : ऐ हमारे पालने वाले जिसको तूने दोज़ख़ में डाला तो…सूरा आयत 192/200 — सूरा आल-इमरान آل عمران (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा आल-इमरान सुनें, सूरा आल-इमरान अनुवाद, सूरा आल-इमरान mp3, सूरा आल-इमरान pdf. आयत 190–194. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा आल-इमरान
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
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