अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- تَقُومُ السَّاعَةُ: क़ियामत का दिन आना, यानी वह दिन जब हश्र (पुनरुत्थान) होगा।
- يَتَفَرَّقُونَ: वे अलग-अलग हो जाएँगे, एक-दूसरे से जुदा हो जाएँगे।
तफ़सीर (व्याख्या):
जिस दिन क़ियामत आएगी, उस दिन सारे लोग अपने-अपने कर्मों के अनुसार अलग-अलग हो जाएँगे। यह अलगाव सिर्फ़ शारीरिक नहीं होगा, बल्कि यह उनके ईमान और अमल के आधार पर होगा। जिन लोगों ने अल्लाह और उसके रसूल पर ईमान रखा और अच्छे कर्म किए, वे जन्नत की तरफ़ ले जाए जाएँगे, जहाँ उन्हें इज़्ज़त, ख़ुशी और हर तरह की नेमतें मिलेंगी। और जिन लोगों ने कुफ़्र और बुरे कर्म किए, वे जहन्नम की तरफ़ ले जाए जाएँगे, जहाँ उन्हें रुसवाई और अज़ाब का सामना करना पड़ेगा। यह फ़ैसला हिसाब के बाद होगा, और इसके बाद ये दोनों गिरोह कभी एक नहीं होंगे—एक को बुलंदी (ऊपर) की तरफ़ उठाया जाएगा और दूसरे को पस्ती (नीचे) की तरफ़ गिराया जाएगा।
दावती पहलू:
यह आयत हमें याद दिलाती है कि यह दुनिया का जीवन आख़िरी नहीं है, बल्कि एक इम्तिहान है। जो लोग आज अल्लाह की राह पर चलते हैं और अच्छे काम करते हैं, वे उस दिन कामयाब होंगे और हमेशा के लिए जन्नत की नेमतों में रहेंगे। यह हमारे लिए एक बड़ी ख़ुशख़बरी है कि अल्लाह ने अपने बंदों के लिए ऐसा दिन बनाया है जहाँ हर अच्छे काम का बदला मिलेगा। इसलिए हमें चाहिए कि आज ही अपने कर्मों को सुधारें, अल्लाह की इबादत करें और दूसरों के साथ भलाई करें, ताकि उस दिन हम उन लोगों में से हों जो जन्नत की तरफ़ बुलाए जाएँ। यह आयत हमें डर भी देती है और उम्मीद भी—डर उन लोगों के लिए जो ग़ाफ़िल हैं, और उम्मीद उन लोगों के लिए जो नेकी पर चलते हैं। अल्लाह से दुआ है कि वह हमें उन लोगों में शामिल करे जो उस दिन कामयाब हों।
📜 आयत 12-16 — सूरा अर-रूम
अनुवाद — अर-रूम 14
सूरा अर-रूम आयत 14 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और जिस दिन क़यामत बरपा होगी उस दिन (मोमिनों से)…सूरा आयत 14/60 — सूरा अर-रूम الروم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा अर-रूम सुनें, सूरा अर-रूम अनुवाद, सूरा अर-रूम mp3, सूरा अर-रूम pdf. आयत 12–16. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Monday, September 7, 2026
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