अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- ذَا الْقُرْبَىٰ (ज़ल क़ुर्बा) – रिश्तेदार, नातेदार
- حَقَّهُ (हक़्क़हू) – उसका हक़, उसका अधिकार
- الْمِسْكِينَ (अल-मिस्कीन) – मोहताज, ज़रूरतमंद
- ابْنَ السَّبِيلِ (इब्नस-सबील) – मुसाफ़िर, राहगीर जो रास्ते में फँस गया हो
- وَجْهَ اللَّهِ (वज्हल्लाह) – अल्लाह की रज़ा, अल्लाह का चेहरा (यानी सिर्फ़ अल्लाह की ख़ुशी और उसका सवाब)
- الْمُفْلِحُونَ (अल-मुफ़्लिहून) – कामयाब लोग, सफलता पाने वाले
तफ़सीर (व्याख्या):
ऐ ईमान वाले! अल्लाह तआला तुम्हें हिदायत देता है कि अपने रिश्तेदारों को उनका हक़ दो – यानी उनके साथ अच्छा सलूक करो, उनकी मदद करो, उनसे नाता जोड़ो और जो कुछ उनका तुम पर हक़ है उसे अदा करो। यह सिर्फ़ ज़कात तक सीमित नहीं, बल्कि हर तरह की नेकी और भलाई शामिल है। इसी तरह मोहताज और ग़रीब लोगों को भी दो जो अपनी ज़रूरत पूरी करने से आजिज़ हैं, और उन मुसाफ़िरों को भी दो जो अपने वतन से दूर रास्ते में फँस गए हैं और उनके पास ख़र्च के लिए कुछ नहीं बचा।
यह देना और यह नेकियाँ उन लोगों के लिए बहुत बेहतर और फ़ायदेमंद हैं जो सिर्फ़ अल्लाह की रज़ा और उसका सवाब चाहते हैं – न कि लोगों की तारीफ़ या दुनियावी मक़सद। जब इंसान का इरादा ख़ालिस अल्लाह के लिए होता है, तो उसका हर अमल नेकी बन जाता है और अल्लाह उसे बरकत देता है।
और यही लोग – जो रिश्तेदारों के हक़ अदा करते हैं, ग़रीबों की मदद करते हैं, मुसाफ़िरों की दाद-रसी करते हैं, और अपने सारे अमल सिर्फ़ अल्लाह के लिए करते हैं – यही सच्चे कामयाब लोग हैं। उन्हें अल्लाह की तरफ़ से जन्नत का सवाब मिलेगा और वे उसके अज़ाब से महफ़ूज़ रहेंगे। यही असली सफलता है – दुनिया में भी और आख़िरत में भी।
प्यारे भाइयो और बहनों! यह आयत हमें सिखाती है कि इस्लाम सिर्फ़ इबादत का नाम नहीं, बल्कि दूसरों के हक़ अदा करने का भी नाम है। जब हम अपने रिश्तेदारों, ग़रीबों और मुसाफ़िरों की मदद करते हैं, तो हम अल्लाह की रज़ा के हक़दार बनते हैं। याद रखिए, जो हाथ देता है वह लेने वाले हाथ से बेहतर है, और अल्लाह उस इंसान की मदद करता है जो दूसरों की मदद करता है। आइए, हम अपनी ज़िंदगी में इन नेकियों को अपनाएँ और अल्लाह की रज़ा और कामयाबी हासिल करें।
📜 आयत 36-40 — अर-रूम
अनुवाद — अर-रूम 38
सूरा अर-रूम आयत 38 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : (तो ऐ रसूल अपनी) क़राबतदार (फातिमा ज़हरा) का हक़ फिदक…सूरा आयत 38/60 — अर-रूम الروم (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अर-रूम सुनें, अर-रूम अनुवाद, अर-रूम mp3, अर-रूम pdf. आयत 36–40. हिंदी अर्थ: اردو.
पवित्र क़ुरआन
Tuesday, August 18, 2026
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