अल-अहज़ाब · 43/73
अनुवाद उच्चारण — अल-अहज़ाब
هُوَ الَّذِي يُصَلِّي عَلَيْكُمْ وَمَلَائِكَتُهُ لِيُخْرِجَكُم مِّنَ الظُّلُمَاتِ إِلَى النُّورِ ۚ وَكَانَ بِالْمُؤْمِنِينَ رَحِيمًا ۝٤٣
Huwal lazee yusallee `alaikum wa malaaa`ikatuhoo liyukhrijakum minazzulumaati ilan-noor wa kaana bilmu`mineena Raheemaa
📖 हिंदी अर्थ
वह वही तो है जो खुद तुमपर दूरूद (दर्दों रहमत) भेजता है और उसके फ़रिश्ते ताकि तुमको (कुफ़्र की) तारीक़ियों से निकालकर (ईमान की) रौशनी में ले जाए और खुदा ईमानवालों पर बड़ा मेहरबान है
📜

अनुवाद — Tafsir

शब्दों के अर्थ:

  • يُصَلِّي عَلَيْكُمْ: अल्लाह तआला की रहमत और उसकी तारीफ़, और उसका अपने बंदों पर करम फ़रमाना।
  • وَمَلَائِكَتُهُ: अल्लाह के फ़रिश्ते जो मोमिनों के लिए दुआ और इस्तिग़फ़ार करते हैं।
  • الظُّلُمَاتِ: कुफ़्र, अज्ञानता और गुमराही के अंधेरे।
  • النُّورِ: ईमान, हिदायत और इस्लाम की रोशनी।

तफ़सीर:

यह आयत मोमिनों के लिए अल्लाह तआला की असीम रहमत और करम का जीता-जागता सबूत है। अल्लाह तआला फ़रमाता है कि वही वह ज़ात है जो तुम पर रहमत भेजता है, तुम्हारी तारीफ़ करता है और तुम्हें अपनी ख़ास रहमत से नवाज़ता है। साथ ही उसके फ़रिश्ते भी तुम्हारे लिए दुआएँ करते हैं और तुम्हारी मग़फ़िरत की प्रार्थना करते हैं। यह सब कुछ इसलिए है ताकि अल्लाह तुम्हें कुफ़्र, अज्ञानता और गुमराही के अंधेरों से निकालकर ईमान, हिदायत और इस्लाम की रोशनी की ओर ले आए।

अल्लाह तआला का यह फ़ज़ल और करम सिर्फ़ इसी दुनिया तक सीमित नहीं है, बल्कि वह मोमिनों पर बेहद रहीम है — दुनिया में भी और आख़िरत में भी। जब तक बंदे अल्लाह की इताअत करते हैं, उसके हुक्मों को मानते हैं और उसकी मनाही से बचते हैं, अल्लाह उन्हें अज़ाब से महफ़ूज़ रखता है। यह अल्लाह की रहमत का ही कमाल है कि उसने अपने बंदों की भलाई का पूरा इंतज़ाम किया है — उन्हें रहमत भेजी, फ़रिश्तों को उनके लिए दुआ करने का हुक्म दिया, और उन्हें अंधेरों से रोशनी की तरफ़ निकाला।

यह आयत मोमिनों के लिए बड़ी ख़ुशख़बरी है। जिस बंदे पर अल्लाह की रहमत हो और फ़रिश्ते उसके लिए दुआ करें, उसकी किस्मत कितनी उज्ज्वल है! अल्लाह तआला ने अपने रसूल ﷺ के ज़रिए हमें इस रोशनी तक पहुँचाया, और हम पर यह एहसान फ़रमाया कि हमें कुफ़्र के अंधेरों से निकालकर ईमान की रोशनी में ला खड़ा किया। यही अल्लाह की रहमत है जो उसके नेक बंदों को हासिल होती है।

इस आयत से हमें यह सबक़ मिलता है कि हमें अल्लाह का शुक्र अदा करना चाहिए, उसकी इताअत में जुटे रहना चाहिए, और उसकी रहमत और मग़फ़िरत के उम्मीदवार बने रहना चाहिए। अल्लाह तआला अपने मोमिन बंदों से बेहद मुहब्बत करता है और उन पर रहम फ़रमाता है। यही वह रहमत है जो हमें दुनिया और आख़िरत दोनों में कामयाबी दिला सकती है।

🎧 सुनें

📜 आयत 41-45 — अल-अहज़ाब

41يَا أَيُّهَا الَّذِينَ آمَنُوا اذْكُرُوا اللَّهَ ذِكْرًا كَثِيرًا
ऐ ईमानवालों बाकसरत खुदा की याद किया करो और
42وَسَبِّحُوهُ بُكْرَةً وَأَصِيلًا
सुबह व शाम उसकी तसबीह करते रहो
43هُوَ الَّذِي يُصَلِّي عَلَيْكُمْ وَمَلَائِكَتُهُ لِيُخْرِجَكُم مِّنَ الظُّلُمَاتِ إِلَى النُّورِ ۚ وَكَانَ بِالْمُؤْمِنِينَ رَحِيمًا
वह वही तो है जो खुद तुमपर दूरूद (दर्दों रहमत) भेजता है और उसके फ़रिश्ते ताकि तुमको (कुफ़्र की) तारीक़ियों से निकालकर (ईमान की) रौशनी में ले जाए और खुदा ईमानवालों पर बड़ा मेहरबान है
44تَحِيَّتُهُمْ يَوْمَ يَلْقَوْنَهُ سَلَامٌ ۚ وَأَعَدَّ لَهُمْ أَجْرًا كَرِيمًا
जिस दिन उसकी बारगाह में हाज़िर होंगे (उस दिन) उनकी मुरादात (उसकी तरफ से हर क़िस्म की) सलामती होगी और खुदा ने तो उनके वास्ते बहुत अच्छा बदला (बेहश्त) तैयार रखा है
45يَا أَيُّهَا النَّبِيُّ إِنَّا أَرْسَلْنَاكَ شَاهِدًا وَمُبَشِّرًا وَنَذِيرًا
ऐ नबी हमने तुमको (लोगों का) गवाह और (नेकों को बेहश्त की) खुशख़बरी देने वाला और बदों को अज़ाब से डराने वाला
अल-अहज़ाबकुरान सूची
73आयत
मदनीRevelation
43आयत

अनुवाद — अल-अहज़ाब 43

सूरा अल-अहज़ाब आयत 43 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : वह वही तो है जो खुद तुमपर दूरूद (दर्दों रहमत)…

सूरा आयत 43/73 — अल-अहज़ाब الأحزاب (मदनी). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: अल-अहज़ाब सुनें, अल-अहज़ाब अनुवाद, अल-अहज़ाब mp3, अल-अहज़ाब pdf. आयत 41–45. हिंदी अर्थ: اردو.




पवित्र क़ुरआन


Tuesday, August 18, 2026

अपनी नेक दुआओं में हमें मत भूलिए