Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- سُبْحَانَكَ: हे अल्लाह! तू पाक-पवित्र है, हर कमी और दोष से मुक्त है।
- وَلِيُّنَا: हमारा संरक्षक, हमारा स्वामी और हमारा सहारा।
- الْجِنَّ: यहाँ इससे मुराद शैतान और बुरी आत्माएँ हैं।
- مُؤْمِنُونَ: यक़ीन रखने वाले, मानने वाले।
तफ़सीर (व्याख्या):
जिस दिन अल्लाह तआला सभी मख़लूक़ात (प्राणियों) को हाशिर (एकत्र) करेगा, उस दिन वह फ़रिश्तों से पूछेगा: "क्या ये लोग तुम्हारी इबादत करते थे?" तो फ़रिश्ते, जो अल्लाह के नेक और वफ़ादार बंदे हैं, तुरंत अल्लाह की पाकी बयान करते हुए कहेंगे: "हे अल्लाह! तू पाक-पवित्र है, हर ऐब और कमी से मुक्त है। हम तेरी इबादत के सिवा किसी और की इबादत के बारे में सोच भी नहीं सकते। तू ही हमारा वली (संरक्षक) है, हमारा मालिक और हमारा सहारा है। हमारा कोई ताल्लुक़ इन मुशरिकों से नहीं, न हम उनके क़ऱीब हैं और न उनके कामों से हमारा कोई वास्ता है।"
फिर फ़रिश्ते यह भी बयान करेंगे कि असल में ये लोग हमारी इबादत नहीं करते थे, बल्कि ये शैतानों और जिन्नात की इबादत करते थे। शैतानों ने इनके लिए हमारी इबादत को ख़ूबसूरत बनाकर पेश किया, और इन्हें यह वहम में डाला कि फ़रिश्ते अल्लाह की बेटियाँ हैं, इसलिए उनकी इबादत करो। इस तरह ये लोग दरअसल शैतानों के कहने पर चलते थे और उनकी इबादत करते थे। इनमें से अधिकतर लोग जिन्नात (शैतानों) पर ईमान रखते थे, यानी उनकी बातों को सच मानते थे और उनके हुक्म की पैरवी करते थे।
यह आयत हमें बहुत बड़ा सबक़ सिखाती है। फ़रिश्ते, जो अल्लाह के सबसे करीबी और नेक बंदे हैं, वे भी अल्लाह की पाकी बयान करते हैं और उसकी इबादत में किसी को शरीक नहीं करते। हमें भी चाहिए कि हम सिर्फ़ अल्लाह की इबादत करें, उसी से मदद माँगें और उसी पर भरोसा रखें। शैतान और बुरी आत्माएँ इंसान को गुमराह करने की कोशिश करती हैं, इसलिए हमें हमेशा अल्लाह की किताब (क़ुरआन) और उसके रसूल (ﷺ) की सुन्नत को पकड़े रहना चाहिए। याद रखें, अल्लाह ही हमारा असली वली और मददगार है, और उसी की राह पर चलने में ही हमारी भलाई और कामयाबी है।
📜 आयत 39-43 — सूरा सबा
अनुवाद — सबा 41
सूरा सबा आयत 41 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : तू ही हमारा मालिक है न ये लोग (ये लोग…सूरा आयत 41/54 — सूरा सबा سبأ (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा सबा सुनें, सूरा सबा अनुवाद, सूरा सबा mp3, सूरा सबा pdf. आयत 39–43. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा सबा
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
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