Mishary Rashid Alafasy
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Mahmoud Khalil Al-Husary
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Abdurrahman As-Sudais
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Mohamed Siddiq Al-Minshawi
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Abdul Basit Abdul Samad
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Ali Al-Hudhaify
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Ahmed ibn Ali al-Ajamy
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Abu Bakr Ash-Shaatree
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Muhammad Ayyoub
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Abdullah Basfar
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Abdullah Al-Juhani
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Maher Al Muaiqly
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अनुवाद — Tafsir
शब्दों के अर्थ:
- يَحْشُرُهُمْ (उन्हें इकट्ठा करेगा) – अल्लाह तआला सभी प्राणियों को हश्र के मैदान में एकत्र करेगा।
- جَمِيعًا (सभी को) – बिना किसी को छोड़े, मुशरिकों और उनके माबूदों सबको।
- أَهَٰؤُلَاءِ (क्या ये लोग) – इशारा उन मुशरिकों की ओर जो दुनिया में आबिद थे।
- إِيَّاكُمْ (तुम्हारी ही) – खास तौर पर तुम्हारी इबादत करते थे।
तफसीर:
ऐ नबी! उस दिन को याद करो जब अल्लाह तआला सभी लोगों को – चाहे वे मुशरिक हों या उनके माबूद, कमज़ोर हों या बड़े – सबको एक जगह हश्र के मैदान में इकट्ठा करेगा। फिर वह फ़रिश्तों से पूछेगा, और यह सवाल उन मुशरिकों को शर्मिंदा करने और उनकी तौहीन करने के लिए होगा: "क्या ये लोग जो दुनिया में तुम्हारी पूजा करते थे, क्या वे तुम्हारी ही इबादत करते थे?"
यह सवाल इसलिए किया जाएगा ताकि मुशरिकों पर हुज्जत क़ायम हो जाए और उनका बहाना खत्म हो जाए। फ़रिश्ते उस वक़्त बराअत (बरी होने) का इज़हार करेंगे और कहेंगे कि हम तो तेरे बंदे हैं, हमें इस बात का इल्म ही नहीं था कि ये हमारी इबादत कर रहे हैं।
इस आयत में अल्लाह तआला यह बताना चाहता है कि क़यामत के दिन हर झूठा माबूद अपने पूजने वालों से बरी हो जाएगा, और सिर्फ अल्लाह ही सच्चा माबूद है। जो लोग दुनिया में अल्लाह के सिवा किसी और की इबादत करते हैं, वे उस दिन बड़ी नाकामी और पछतावे का सामना करेंगे।
दावती पहलू:
यह आयत हमें सिखाती है कि सिर्फ अल्लाह ही इबादत के लायक है। फ़रिश्ते भी अल्लाह के मुक़र्रब बंदे हैं, लेकिन वे भी इबादत के हक़दार नहीं। इसलिए हमें अपनी ज़िंदगी में तौहीद (एकेश्वरवाद) को अपनाना चाहिए और हर काम में अल्लाह की रज़ा को सामने रखना चाहिए। जब हम सिर्फ अल्लाह की इबादत करेंगे, तो क़यामत के दिन हमारा चेहरा रौशन होगा और हम उन लोगों में से नहीं होंगे जिनसे फ़रिश्ते बरी हो जाएंगे। यही सच्ची कामयाबी है – कि हम दुनिया में अल्लाह के सच्चे बंदे बनें, ताकि आख़िरत में हमें शर्मिंदगी न उठानी पड़े।
📜 आयत 38-42 — सूरा सबा
अनुवाद — सबा 40
सूरा सबा आयत 40 - पढ़ें, सुनें, अनुवाद, हिन्दी : और (वह दिन याद करो) जिस दिन सब लोगों को…सूरा आयत 40/54 — सूरा सबा سبأ (मक्की). पढ़ें सुनें अनुवाद (हिन्दी). सुनें: सूरा सबा सुनें, सूरा सबा अनुवाद, सूरा सबा mp3, सूरा सबा pdf. आयत 38–42. हिंदी अर्थ: اردو.
सूरा सबा
पवित्र क़ुरआन
Wednesday, September 30, 2026
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